Kapali Attack: सरायकेला में तलाक के बाद खूनी रंजिश, अली मस्जिद के पास साले और पूर्व पत्नी ने किया जानलेवा हमला, लहूलुहान हुआ शाहिद
सरायकेला के कपाली ताजनगर में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। अली मस्जिद के पास एक युवक पर उसकी तलाकशुदा पत्नी और साले ने चाकू से हमला कर दिया। कान पर लगी गंभीर चोट और एमजीएम अस्पताल में जारी इलाज की पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ देखें।
सरायकेला/कपाली, 23 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत ताजनगर में सोमवार को सरेराह खून बहा। अली मस्जिद के समीप एक युवक पर पुरानी रंजिश में चाकू से हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हिंसक वारदात में मोहम्मद शाहिद नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। हमला करने का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उसकी तलाकशुदा पत्नी और उसके साले पर लगा है। करीब एक साल पहले हुए तलाक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सुलगी नफरत की आग ने आज खूनी मोड़ ले लिया। घटना के बाद पूरे ताजनगर इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल पहुँचाया गया।
मस्जिद के पास बिछाया गया जाल: सरेराह हुआ हमला
घटना उस वक्त हुई जब मोहम्मद शाहिद अपने दैनिक कार्यों के लिए घर से बाहर निकला था।
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अचानक घेराबंदी: जैसे ही शाहिद अली मस्जिद के पास पहुँचा, उसकी पूर्व पत्नी शबनम खातून और उसका साला वहां पहले से घात लगाए बैठे थे।
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कहासुनी से चाकूबाजी तक: शुरुआती तौर पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते बात मारपीट तक पहुँच गई।
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कान पर वार: आरोप है कि विवाद के दौरान शबनम के भाई (साले) ने अचानक धारदार चाकू निकाला और शाहिद पर वार कर दिया। चाकू सीधे शाहिद के कान पर लगा, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
12 साल का रिश्ता और 1 साल की नफरत
इस हमले के पीछे एक लंबा पारिवारिक विवाद छिपा हुआ है जो अब पुलिस फाइलों तक पहुँच चुका है।
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निकाह और अलगाव: शाहिद और शबनम की शादी करीब 10 से 12 साल पहले हुई थी। एक दशक से ज्यादा साथ रहने के बाद वैचारिक मतभेद और घरेलू झगड़ों के कारण लगभग एक साल पहले दोनों का तलाक हो गया था।
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तलाक के बाद भी तनाव: स्थानीय लोगों का कहना है कि तलाक के बाद भी लेन-देन या अन्य पारिवारिक कारणों से दोनों परिवारों के बीच कड़वाहट कम नहीं हुई थी।
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गंभीर चोट: शाहिद को तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कान पर लगी चोट गहरी है और घाव भरने में समय लगेगा। प्राथमिक उपचार के बाद शाहिद की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
कपाली का आपराधिक इतिहास और 'इमोशनल' क्राइम
सरायकेला का कपाली क्षेत्र अक्सर अपनी घनी आबादी और छोटी-छोटी बातों पर होने वाले हिंसक विवादों के लिए चर्चा में रहता है।
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बढ़ता गुस्सा: समाजशास्त्रियों का मानना है कि पारिवारिक विवादों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सामाजिक और मानसिक रंजिशें खत्म नहीं होतीं, जो इस तरह के 'इमोशनल क्राइम' को जन्म देती हैं।
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पुलिस की सक्रियता: कपाली ओपी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। शाहिद ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन देकर शबनम खातून और उसके भाई के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
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जांच का दायरा: पुलिस आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों और मौके पर मौजूद गवाहों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि हमला पूर्व नियोजित था या अचानक हुआ।
अगला कदम: आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिसिया दबिश
शाहिद की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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फरार आरोपी: वारदात को अंजाम देने के बाद शबनम और उसका भाई फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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बयान दर्ज: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल शाहिद का बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज कराया जा सकता है यदि चोट की गंभीरता बढ़ती है।
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क्षेत्र में शांति: कपाली ओपी प्रभारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरायकेला के ताजनगर में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि घरेलू विवादों का सही समय पर समाधान न होना समाज के लिए कितना घातक हो सकता है। 12 साल का साथ जब चाकू की धार पर खत्म होता है, तो वह केवल दो लोगों को नहीं बल्कि पूरे मोहल्ले की शांति को जख्मी करता है। कपाली पुलिस के लिए अब चुनौती यह है कि वे फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाएं। क्या शाहिद को इंसाफ मिलेगा या यह रंजिश और भी गहरे जख्म देगी? फिलहाल, पूरे ताजनगर में इस खूनी संघर्ष की चर्चा है।
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