Ghatshila Pledge: घाटशिला के संत नंदलाल विद्या मंदिर में 'ईमानदारी' का संकल्प, HCL के अधिकारियों ने छात्रों को क्यों दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ
घाटशिला के संत नंदलाल विद्या मंदिर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह क्यों मनाया गया? क्या आप जानते हैं कि HCL/ICC के वरिष्ठ अधिकारी श्री विजय सिंह वर्मा ने भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के लिए कौन सा प्रेरणादायी संदेश दिया? बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने सभी का ध्यान क्यों खींचा? विद्यालय प्रबंधिका श्रीमती शोभा गनेरीवाल ने इस कार्यक्रम को किसका प्रतीक बताया? पूरी जानकारी पढ़ें!
घाटशिला, 31 अक्टूबर 2025 – झारखंड में शैक्षणिक संस्थान अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे भविष्य के नागरिकों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दे रहे हैं। घाटशिला के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर में आज "सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025" का आयोजन इसी की एक मिसाल है। इस सप्ताह का मकसद छात्रों के भीतर ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार-मुक्त समाज की स्थापना के प्रति गहरा भाव पैदा करना था। कार्यक्रम में HCL/ICC के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल को और भी खास बना दिया।
HCL के अधिकारियों ने दिलाई शपथ: ईमानदारी और निष्ठा का संकल्प
कार्यक्रम का शुभारंभ एक औपचारिक और गंभीर माहौल में हुआ, जिसने छात्रों को राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने कर्तव्य का बोध कराया।
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शपथ ग्रहण: कार्यक्रम का उद्घाटन HCL/ICC सी से पधारे श्री योगेश कुमार, सह प्रबंधक द्वारा ईमानदारी व सत्यनिष्ठा के शपथ ग्रहण से हुआ। यह शपथ बच्चों को भविष्य में हर काम पारदर्शिता से करने के लिए प्रेरित करती है।
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प्राचार्य का संदेश: विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रसेनजित कर्मकार ने अपने स्वागत भाषण में छात्रों को ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता के महत्व से अवगत कराया।
भ्रष्टाचार-मुक्त भारत: नुक्कड़ नाटक से दिया प्रभावशाली संदेश
इस दौरान मुख्य अतिथि श्री विजय सिंह वर्मा, चीफ प्रबंधक सह सतर्कता अधिकारी (HCL/ICC) ने अपने प्रेरणादायी संबोधन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
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सतर्कता का महत्व: उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार-मुक्त समाज की स्थापना के लिए प्रत्येक नागरिक को सिर्फ ईमानदार नहीं, बल्कि जागरूक और सतर्क रहना भी अत्यंत आवश्यक है।
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अभिनय से शिक्षा: इसके बाद, विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें सतर्कता और ईमानदारी के संदेश को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस नाटक का निर्देशन शिक्षिका श्रीमती गुरशरण कौर, सोमनाथ दे एवं आरपो भट्टाचार्य ने किया।
भारत के इतिहास में ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की शिक्षा हमेशा से ही समाज का आधार रही है। आज की पीढ़ी को सतर्क करने का यह प्रयास भ्रष्टाचार से लड़ने में भविष्य के योद्धाओं को तैयार करने जैसा है।
विद्यालय प्रबंधिका ने किया प्रयासों का सम्मान: नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता
कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक-प्रभारी श्री अनूप कुमार पटनायक द्वारा किया गया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सोमनाथ दे तथा श्री बिद्युत बरण चंद्रा ने तकनीकी सहायक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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चिंतन और भाषण: इससे पहले, विद्यालय की प्रार्थना सभा में भी बच्चों ने भ्रष्टाचार-मुक्त भारत से जुड़ा चिंतन व भाषण प्रस्तुत किया, जिसमें कक्षा नवी के छात्र खासकर मौजूद थे।
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प्रबंधिका की सराहना: अंत में, विद्यालय प्रबंधिका श्रीमती शोभा गनेरीवाल ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस कार्यक्रम को विद्यालय की सतर्कता एवं नैतिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
यह आयोजन स्पष्ट करता है कि संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण पर भी जोर देता है।
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