Ranchi Decision: संजीव सरदार को JTAC में बड़ी जिम्मेदारी, आदिवासी हितों की नई आवाज!
झारखंड सरकार ने Jharkhand Tribes Advisory Council (JTAC) का गठन किया। पोटका विधायक संजीव सरदार को इसमें महत्वपूर्ण सदस्य बनाया गया है। जानिए, आदिवासी नीतियों में उनकी क्या होगी भूमिका?

रांची: झारखंड की राजनीति में आदिवासी समुदाय की आवाज को और मजबूत करने के लिए Jharkhand Tribes Advisory Council (JTAC) का गठन किया गया है। इस परिषद में पोटका विधायक संजीव सरदार को महत्वपूर्ण सदस्य बनाया गया है। उनकी इस नियुक्ति को आदिवासी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
संजीव सरदार: आदिवासी मुद्दों के सशक्त पैरोकार
संजीव सरदार झारखंड की राजनीति में आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए हमेशा मुखर रहे हैं। वे वर्षों से जनजातीय कल्याण योजनाओं, सामाजिक न्याय और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय हैं। उनकी इस नियुक्ति से झारखंड में आदिवासी विकास की नीतियों को और मजबूती मिलेगी।
JTAC का उद्देश्य और जिम्मेदारी
झारखंड ट्राइब्स एडवाइजरी काउंसिल (JTAC) का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए सुझाव देना और सरकार की नीतियों को प्रभावी बनाना है। इस परिषद के माध्यम से आदिवासी समाज के सामने आने वाली चुनौतियों पर गहराई से चर्चा होगी और उनके समाधान के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी।
JTAC के प्रमुख सदस्य कौन-कौन?
इस परिषद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पदेन अध्यक्ष और अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा कई प्रमुख विधायक भी परिषद में शामिल किए गए हैं, जिनमें -
महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी
शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी
सरायकेला विधायक चंपई सोरेन
मनोरहपुर विधायक जगत मांझी
जामा विधायक लुईस मरांडी
खरसावां विधायक दशस्थ गगराई
इसके अलावा कई अन्य जनप्रतिनिधियों और आदिवासी समाज के प्रतिष्ठित लोगों को भी परिषद में शामिल किया गया है।
आदिवासी हितों के लिए कैसे कारगर होगा JTAC?
झारखंड में आदिवासी समाज की भूमि सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मुद्दे हमेशा चर्चा में रहे हैं। इस परिषद के गठन से इन मुद्दों पर ठोस समाधान निकालने की प्रक्रिया तेज होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि संजीव सरदार जैसे जमीनी नेताओं की मौजूदगी से आदिवासी नीतियों को सही दिशा मिलेगी और समाज को अधिक लाभ होगा।
आदिवासी राजनीति में नया अध्याय
JTAC में संजीव सरदार की नियुक्ति झारखंड की आदिवासी राजनीति में नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। उनके अनुभव और सक्रियता से झारखंड में आदिवासी नीतियों के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी। अब देखना होगा कि यह परिषद झारखंड में आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए क्या बड़े फैसले लेती है।
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