रांची स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास विफल, दो नाबालिग लड़कियों को बचाया गया

झारखंड के रांची स्टेशन पर आरपीएफ और एएचटीयू टीम ने मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को बचाया।

Jul 6, 2024 - 23:04
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रांची स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास विफल, दो नाबालिग लड़कियों को बचाया गया

झारखंड के रांची स्टेशन पर आरपीएफ रांची मंडल के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इसी क्रम में, एएचटीयू टीम रांची और नन्हे फरिश्ते रांची के साथ निरीक्षक दिगंजय शर्मा की निगरानी में रेलवे स्टेशन रांची पर चेकिंग के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन के पास दो नाबालिग लड़कियों को एक पुरुष के साथ संदिग्ध स्थिति में बैठे देखा गया।

संदिग्ध स्थिति में पाई गईं लड़कियां

जांच के दौरान उस व्यक्ति से स्टेशन पर उनकी उपस्थिति के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन वह ठीक से जवाब नहीं दे सका। इसलिए, उन सभी को आरपीएफ पोस्ट रांची लाया गया। आरपीएफ निरीक्षक रांची ने महिला स्टाफ की मौजूदगी में उनसे एक-एक करके पूछताछ की।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों लड़कियों के नाम गंगी बोदरा (उम्र 13 साल) और राहिल बोदरा (उम्र 14 साल) हैं। ये दोनों कोमडेला, थाना लेयांगी, जिला बंदगांव, पश्चिम सिंहभूमि, झारखंड की निवासी हैं। उनके साथ मौजूद व्यक्ति का नाम अनिल मंसिद ओरेया (उम्र 27 साल) है, जो गुटीगाड़ा, खूंटी, झारखंड का निवासी है। उसने स्वीकार किया कि वह दोनों लड़कियों को पोल्ट्री फॉर्म के मालिक से 15,000 रुपये के बदले हरियाणा के अंबाला में एक पोल्ट्री फॉर्म में सौंपने के लिए लाया था।

कानूनी कार्रवाई

पूछताछ और कबूलनामे से स्पष्ट हुआ कि दोनों नाबालिग लड़कियों को हरियाणा में जबरन श्रम के लिए भेजा जा रहा था। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, अनिल मंसिद ओरेया को उपनिरीक्षक सोहन लाल द्वारा गिरफ्तार किया गया और आगे की कार्रवाई के लिए एएचटीयू थाना कोतवाली को सौंप दिया गया। इस संबंध में एएचटीयू पीएस कोतवाली ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ मामला बीएनएस और 75/81 जेजे अधिनियम के तहत पंजीकृत करके जांच शुरू की है।

बचाव और संरक्षण

दोनों लड़कियों को सीडब्ल्यूसी रांची के मौखिक आदेश के अनुसार उनकी सुरक्षा के लिए प्रेमाश्रय रांची को सौंप दिया गया है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि झारखंड में आरपीएफ और एएचटीयू टीम द्वारा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान सफल हो रहे हैं और नाबालिगों को सुरक्षित रखने में कारगर साबित हो रहे हैं।