Ranchi Operation: फूड प्लाजा के पास गांजा तस्करों का खेल खत्म, RPF ने दबोचे यूपी-बिहार के दो शातिर, बैग में भरा था 4 लाख का नशा
रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई और 8 किलो गांजे के साथ यूपी-बिहार के तस्करों की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। ओडिशा से सासाराम तक फैले इस नशे के कारोबार और अपराधियों के नेटवर्क का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप राजधानी के इस सबसे बड़े ड्रग सिंडिकेट अपडेट से चूक जाएंगे।
रांची, 30 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी का मुख्य रेलवे स्टेशन गुरुवार की शाम एक हाई-प्रोफाइल 'ड्रग इंटरसेप्शन' का गवाह बना। आरपीएफ (RPF) ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया। फूड प्लाजा के सामने बैठे दो युवकों के पास से 8 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए तस्करों में एक उत्तर प्रदेश और दूसरा बिहार का रहने वाला है, जो ओडिशा से नशे की खेप लेकर सासाराम की ओर जा रहे थे।
फूड प्लाजा के सामने 'पिठ्ठू बैग' की वो संदिग्ध हलचल
घटना 29 जनवरी की देर शाम की है। प्लेटफार्म नंबर-1 पर आरपीएफ की टीम नियमित जांच अभियान पर थी। इसी दौरान टीम की नजर दो युवकों पर पड़ी जो बैग के साथ काफी असहज महसूस कर रहे थे।
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पहचान: पूछताछ में एक ने अपना नाम मोनू कुमार (गाजियाबाद, यूपी) और दूसरे ने राजकुमार (रोहतास, बिहार) बताया।
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कबूलनामा: जब आरपीएफ ने कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों ने बैग के अंदर गांजा होने की बात कबूल ली।
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बरामदगी: सहायक सुरक्षा आयुक्त अशोक कुमार सिंह की मौजूदगी में हुई तलाशी में 8 पैकेट गांजा मिला। प्रत्येक युवक के बैग से 4-4 किलो नशा बरामद हुआ।
ओडिशा का कनेक्शन और सासाराम की डिलीवरी
तस्करों ने पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह खेप ओडिशा के फूलमणि क्षेत्र से उठाई गई थी। ओडिशा का यह इलाका लंबे समय से गांजा उत्पादन और तस्करी का 'हब' माना जाता रहा है। अपराधियों की योजना ट्रेन के जरिए इस खेप को सासाराम (बिहार) पहुँचाने की थी, जहाँ से इसे छोटे-छोटे पैडलर्स को सप्लाई किया जाना था।
रांची स्टेशन रेड: जब्ती और गिरफ्तारी (Seizure Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| बरामद गांजा | 08 किलोग्राम (8 पैकेट) |
| बाजार मूल्य | लगभग ₹4,00,000 |
| गिरफ्तार आरोपी | मोनू कुमार (UP) व राजकुमार (Bihar) |
| सप्लाई रूट | फूलमणि (ओडिशा) से सासाराम (बिहार) |
| जब्त सामान | मोबाइल फोन, रेलवे टिकट और नशा |
डीडी किट से हुई पुष्टि, अब जीआरपी के हवाले
आरपीएफ ने मौके पर ही डीडी किट (Drug Detection Kit) का उपयोग कर पुष्टि की कि बरामद पदार्थ गांजा ही है। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन को खंगाला जा रहा है ताकि ओडिशा के 'मास्टर सप्लायर' और बिहार के 'रिसीवर' तक पहुँचा जा सके। फिलहाल, सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ दोनों को जीआरपी रांची को सौंप दिया गया है, जहाँ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नशे के सौदागरों पर 'कवच' का प्रहार
रांची स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां अब 'इनपुट बेस्ड' इंटेलिजेंस पर काम कर रही हैं। सासाराम पहुँचने से पहले ही गांजे का जल जाना तस्करों के लिए एक बड़ा सबक है।
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