Kidnap Mystery: कैरव गांधी अपहरण कांड का खौफनाक खुलासा, बिहार के गैंग ने रची थी साजिश, एनकाउंटर के बाद पुलिस ने 6 को दबोचा
जमशेदपुर के कारोबारी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण की रोंगटे खड़े कर देने वाली इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है। अक्टूबर से रची गई साजिश, बिहार के गया में कैद और फिर पुलिस मुठभेड़ में अपराधियों की गिरफ्तारी का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस हाई-प्रोफाइल केस के सबसे बड़े राज से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर को हिलाकर रख देने वाले कैरव गांधी अपहरण कांड का पुलिस ने फिल्मी अंदाज में खुलासा कर दिया है। एसएसपी पियूष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि पिछले 4 महीनों से बुना गया एक खौफनाक जाल था। 13 जनवरी को सोनारी एयरपोर्ट गोलचक्कर से शुरू हुआ यह घटनाक्रम बिहार के गयाजी की पहाड़ियों तक जा पहुँचा था। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ और जवाबी फायरिंग ने इस पूरे केस को झारखंड के सबसे चर्चित 'रेस्क्यू ऑपरेशन' में बदल दिया है।
अक्टूबर से बुना जा रहा था 'मौत का जाल'
एसएसपी ने खुलासा किया कि कारोबारी देबांग गांधी के बेटे कैरव की रेकी पिछले साल अक्टूबर से ही शुरू कर दी गई थी।
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चार बार की रेकी: बिहार के नालंदा, गया और पटना के अपराधी अक्टूबर और दिसंबर में चार बार जमशेदपुर आए थे।
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लोकल कनेक्शन: जमशेदपुर के ही दो स्थानीय भेदियों ने अपराधियों को कैरव के पल-पल के मूवमेंट की जानकारी दी थी।
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अपहरण और भागने का रूट: 13 जनवरी को एयरपोर्ट गोलचक्कर से कैरव को उठाया गया। अपराधी डोबो, चांडिल के रास्ते होते हुए सीधे बिहार के गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक सुनसान घर में जा छिपे।
पुलिस की दबिश और झाड़ियों में 'एनकाउंटर'
जब पुलिस की स्पेशल टीम ने अपराधियों को चारों तरफ से घेरा, तो घबराहट में उन्होंने कैरव गांधी को ट्रांजिट के दौरान छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने धर-पकड़ शुरू की।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने गुड्डू सिंह, इमरान आलम, रमीज राजा, उपेंद्र सिंह और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया।
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फायरिंग और जवाबी हमला: बीती रात जब पुलिस आरोपियों को हथियार बरामदगी के लिए सीएच एरिया स्थित साईं मंदिर के पास झाड़ियों में ले गई, तो अपराधियों ने पुलिस का कार्बाइन छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिससे तीन अपराधी घायल हो गए।
कैरव गांधी केस: अपराधियों का प्रोफाइल (Criminal Data)
| अपराधी का नाम | निवासी | हथियार/बरामदगी |
| गुड्डू सिंह | इस्लामपुर, नालंदा | 02 देसी कट्टा |
| उपेंद्र सिंह | बुनियादगंज, गया | 04 राउंड गोली |
| मोहन कुमार | आगमकुआं, पटना | स्कार्पियो (BR 01PB 1062) |
| इमरान आलम | नालंदा | मोबाइल और सिम कार्ड |
| अर्जुन सिंह | गया (घायल) | पुलिस मुठभेड़ में शामिल |
अभी 'मास्टरमाइंड' की तलाश जारी
एसएसपी पियूष पांडेय ने बताया कि इस गिरोह के 6 और सदस्यों की तलाश जारी है। सबसे अहम वे दो स्थानीय लोग हैं जिन्होंने जमशेदपुर में रहकर गद्दारी की और कैरव की सारी जानकारी अपराधियों तक पहुँचाई। पुलिस की कई टीमें बिहार और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और एनकाउंटर ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी और आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्यकुशलता पर मुहर लगाती है।
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