Ranchi Raid: दरोगा गिरफ्तार, बेड़ो थाना में घूस लेते रंगे हाथ धराए सब इंस्पेक्टर, एसीबी ने बिछाया जाल
रांची के बेड़ो थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर श्याम नंदन पासवान को एसीबी की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया है। ट्रक मालिक से 50 हजार की डिमांड और एमवीआई रिपोर्ट के बदले वसूली के इस खौफनाक खेल की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी पुलिसिया तंत्र में छिपे इस भ्रष्टाचार को कभी नहीं जान पाएंगे।
रांची/बेड़ो, 9 जनवरी 2026 – झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची जिले के बेड़ो थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर श्याम नंदन पासवान को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना परिसर के भीतर ही हुई, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सब इंस्पेक्टर पर एक ट्रक मालिक की एमवीआई (MVI) रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के बदले मोटी रकम वसूलने का संगीन आरोप है। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि खाकी की आड़ में चल रहा 'वसूली का धंधा' अब ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगा।
ट्रक मालिक को बनाया निशाना: 50 हजार की थी डिमांड
इस पूरे मामले की शुरुआत एक ट्रक मालिक की शिकायत से हुई, जो रिश्वतखोरी के आगे झुकने को तैयार नहीं था।
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सौदाबाजी का खेल: आरोपी सब इंस्पेक्टर श्याम नंदन पासवान ने ट्रक मालिक से उसकी एमवीआई रिपोर्ट को क्लियर कर आगे भेजने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी।
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मानसिक टॉर्चर: ट्रक मालिक जब पैसे देने में आनाकानी करने लगा, तो आरोप है कि सब इंस्पेक्टर उसे बार-बार फोन कर थाने बुलाते थे और डराते-धमकाते थे। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने एसीबी की शरण ली।
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गुप्त सत्यापन: एसीबी रांची की टीम ने शिकायत मिलते ही मामले की गोपनीय जांच कराई। जब रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तब दरोगा को पकड़ने के लिए 'ट्रैप' बिछाया गया।
थाने के भीतर 'ट्रैप': पहली किस्त लेते ही चढ़े हत्थे
शुक्रवार को जैसे ही ट्रक मालिक सब इंस्पेक्टर को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये देने पहुँचा, सादे लिबास में तैनात एसीबी की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
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रंगे हाथ गिरफ्तारी: सब इंस्पेक्टर ने जैसे ही नोट पकड़े, एसीबी ने उन्हें दबोच लिया। हाथ धुलवाए जाने पर दरोगा के हाथ गुलाबी हो गए, जो घूस लेने का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रमाण है।
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थाने में सन्नाटा: बेड़ो थाना परिसर में हुई इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी सन्न रह गए। दरोगा को तुरंत गिरफ्तार कर एसीबी मुख्यालय रांची लाया गया।
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कड़ी पूछताछ: फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वसूली के खेल में क्या अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी भी शामिल थे।
एसीबी रांची की कार्रवाई: गिरफ्तारी का पूरा ब्योरा (Corruption Case Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| आरोपी का नाम | श्याम नंदन पासवान (सब इंस्पेक्टर) |
| पदस्थापन | बेड़ो थाना, रांची |
| रिश्वत की राशि | ₹10,000 (कुल मांग ₹50,000) |
| कार्य | एमवीआई रिपोर्ट आगे भेजने के बदले |
| गिरफ्तार करने वाली टीम | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची |
इतिहास और डर: बेड़ो थाना और एमवीआई रिपोर्ट का 'काली' कनेक्शन
रांची जिले का बेड़ो इलाका एनएच (NH) पर स्थित होने के कारण ट्रकों की भारी आवाजाही का केंद्र है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र परिवहन विभाग और पुलिस के बीच 'वसूली के नेटवर्क' के लिए कुख्यात रहा है। साल 2022 में भी इसी इलाके से एक जूनियर इंजीनियर को भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। ट्रकों की एमवीआई रिपोर्ट को लटकाना एक पुराना हथकंडा है, जिसके जरिए छोटे स्तर के पुलिस अधिकारी ट्रक मालिकों को डराकर अवैध कमाई करते हैं। शुक्रवार की यह कार्रवाई पिछले एक साल में रांची जिले की सबसे बड़ी पुलिसिया गिरफ्तारी है, जो यह संदेश देती है कि सरकारी पदों पर बैठकर जनता को चूसने वालों का अंत निश्चित है।
एसीबी की सख्ती: "भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं"
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सब इंस्पेक्टर ने पद का दुरुपयोग करते हुए एक आम नागरिक को मानसिक रूप से परेशान किया।
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लिखित शिकायत की ताकत: ट्रक मालिक की हिम्मत की सराहना करते हुए अधिकारियों ने कहा कि यदि लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं, तो तंत्र को साफ किया जा सकता है।
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जेल की तैयारी: आरोपी श्याम नंदन पासवान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
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गहन जांच: एसीबी अब दरोगा की आय से अधिक संपत्ति (DA) और उनके पिछले सेवा रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
खाकी पर लगा एक और दाग
बेड़ो थाना में हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहाँ एक ओर पुलिस जनता की रक्षक मानी जाती है, वहीं ऐसी घटनाएं खाकी की छवि को धूमिल करती हैं। एसीबी की इस कार्रवाई से निश्चित रूप से जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ पैदा होगा।
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