Ranchi ACB Trap : कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर को 5,000 रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने किया गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला
रांची के कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत को 5,000 रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया। जानिए कैसे हुई पूरी कार्रवाई और क्या है मामला।

रांची, झारखंड: झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रांची के कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को महिला थाना परिसर में की गई। सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत पर आरोप है कि उन्होंने एक आर्म्स एक्ट केस में जब्त मोबाइल फोन को रिलीज करने के लिए एनओसी देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
मामला रांची के कोतवाली थाने का है, जहां 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत ने रातू चट्टी निवासी ओमशंकर गुप्ता से रिश्वत की मांग की। ओमशंकर गुप्ता के खिलाफ 6 नवंबर 2024 को आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इस केस में ओमशंकर वर्तमान में जमानत पर हैं, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनका एक मोबाइल फोन जब्त कर लिया था।
ओमशंकर ने बताया कि सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत ने उनसे मोबाइल फोन रिलीज कराने के लिए कोर्ट में एनओसी भेजने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद ओमशंकर ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी ने कैसे किया ट्रैप?
ओमशंकर गुप्ता की शिकायत के बाद एसीबी ने 27 फरवरी को सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसीबी ने एक ट्रैप की योजना बनाई और महिला थाना परिसर में अपनी टीम को तैनात किया।
शुक्रवार को जब सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत गश्ती पर जा रहे थे, तब ओमशंकर ने उन्हें महिला थाना परिसर में पैसे देने के लिए बुलाया। जैसे ही ऋषिकांत ने रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं ओमशंकर गुप्ता?
ओमशंकर गुप्ता रांची के रातू चट्टी निवासी हैं और हटिया विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसमें उनका मोबाइल फोन जब्त किया गया था। ओमशंकर ने एसीबी में शिकायत करके भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई कराई है।
एसीबी की भूमिका और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई
झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में एसीबी ने कई बड़े अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह मामला भी एसीबी की सक्रियता को दर्शाता है।
रांची के कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर ऋषिकांत की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड सरकार की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है। यह मामला यह भी याद दिलाता है कि अगर जनता सतर्क रहे और शिकायत करे, तो भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है।
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