G20 Summit : पीएम मोदी ने जोहानसबर्ग में G20 में रखे 3 बड़े प्रस्ताव, ड्रग-टेरर और हेल्थ टीम बनाने का आह्वान
दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में G20 सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक विकास के मानकों पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने ड्रग-टेरर नेक्सस, ग्लोबल हेल्थकेयर रेस्पॉन्स टीम और पारंपरिक ज्ञान भंडार बनाने के 3 बड़े प्रस्ताव दिए। अफ्रीका के विकास को वैश्विक विकास से जोड़ा।
जोहानसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका, 22 नवंबर 2025 – जी20 (G20) सम्मेलन (Summit) में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के जोहानसबर्ग (Johannesburg) पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वैश्विक स्तर (Global Level) की सबसे बड़ी चुनौतियों (Challenges) से निपटने के लिए तीन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव (Important Proposals) रखे। पीएम मोदी ने वैश्विक विकास (Global Development) के मानकों पर गहराई से पुनर्विचार (Rethinking) करने का आह्वान किया और भारत के दर्शन को मानवता के कल्याण (Welfare of Humanity) का रास्ता बताया। उनका जोर मानव, समाज और प्रकृति तीनों को एक इकाई मानकर चलने पर था, जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (Vasudhaiva Kutumbakam) की भावना को दर्शाता है।
3 बड़े प्रस्ताव: ड्रग-टेरर टीम, हेल्थकेयर और ज्ञान भंडार
पीएम मोदी ने G20 नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए दुनिया के भविष्य को सुरक्षित और सुनियोजित (Planned) बनाने के लिए ये तीन बड़े प्रस्ताव सामने रखे:
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ड्रग-टेरर नेक्सस के खिलाफ G20 टीम: प्रधानमंत्री ने ड्रग तस्करी (Drug Smuggling) को दुनिया के लिए बढ़ती चुनौती बताया। उन्होंने फेंटनाइल (Fentanyl) जैसे अत्यंत खतरनाक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए G20 के तहत एक विशेष टीम (Special Team) बनाने का प्रस्ताव दिया, जो ड्रग और आतंकवाद (Terrorism) के गठजोड़ (Nexus) से मुकाबला कर सके।
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ग्लोबल हेल्थ केयर रेस्पॉन्स टीम: महामारी (Pandemic) और प्राकृतिक आपदाओं (Natural Disasters) से निपटने के लिए पीएम मोदी ने G20 देशों के प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों (Trained Medical Experts) की एक तत्काल तैनाती (Immediate Deployment) वाली रेस्पॉन्स टीम (Response Team) बनाने का प्रस्ताव रखा। उनका मानना है कि मिलकर सामना करने से हम अधिक मजबूत होंगे।
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वैश्विक परंपरागत ज्ञान भंडार: तीसरा प्रस्ताव दुनिया के पारंपरिक (Traditional) ज्ञान को संरक्षित (Preserve) करने से जुड़ा था। पीएम ने कहा कि G20 को एक वैश्विक परंपरागत ज्ञान भंडार (Global Traditional Knowledge Repository) का निर्माण करना चाहिए, ताकि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय ज्ञान (Environmental Knowledge) आने वाली पीढ़ियों (Future Generations) तक सुरक्षित पहुंच सके।
अफ्रीका के विकास पर जोर
पीएम मोदी ने G20 मंच पर अफ्रीका (Africa) के विकास को वैश्विक विकास के साथ जोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही।
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ग्लोबल साउथ की आवाज: उन्होंने कहा कि दुनिया के सतत (Sustainable) विकास के लिए अफ्रीका का विकास बहुत जरूरी है। पीएम मोदी ने गर्व जताते हुए कहा कि भारत की G20 अध्यक्षता (Presidency) के दौरान ही अफ्रीकी संघ (African Union) को G20 का स्थाई सदस्य (Permanent Member) बनाया गया था। अब जरूरत है कि वैश्विक संस्थानों (Global Institutions) में ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज और भी ज्यादा मजबूत हो।
पीएम मोदी के इन प्रस्तावों को G20 मंच पर दुनिया की सबसे बड़ी और जटिल समस्याओं (Complex Problems) के समाधान (Solution) के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की विश्व नेतृत्व (World Leadership) की भूमिका को और मजबूत करता है।
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