Palamu Fire: लाखों राख, पलामू में इलेक्ट्रॉनिक शोरूम बना धधकती भट्ठी, शॉर्ट सर्किट ने मचाई भारी तबाही

पलामू के जपला-छतरपुर मार्ग पर मनोज इलेक्ट्रॉनिक्स में देर रात लगी भीषण आग ने 30 लाख से अधिक की संपत्ति को राख कर दिया है। फ्रिज, एसी और वाशिंग मशीन के धमाकों के बीच मची इस तबाही की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपनी दुकान में छिपे इस 'इलेक्ट्रिक विलेन' के खतरे को कभी नहीं समझ पाएंगे।

Jan 8, 2026 - 13:57
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Palamu Fire: लाखों राख, पलामू में इलेक्ट्रॉनिक शोरूम बना धधकती भट्ठी, शॉर्ट सर्किट ने मचाई भारी तबाही
Palamu Fire: लाखों राख, पलामू में इलेक्ट्रॉनिक शोरूम बना धधकती भट्ठी, शॉर्ट सर्किट ने मचाई भारी तबाही

पलामू, 8 जनवरी 2026 – झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जपला-छतरपुर मुख्य मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित 'मनोज इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स' शोरूम में बुधवार की देर रात भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकान के अंदर रखा करोड़ों का सपना चंद घंटों में धुएं के गुबार में तब्दील हो गया। जब पूरा शहर गहरी नींद में सोया था, तब दुकान के शटर के भीतर उठ रही आग की लपटों ने वाशिंग मशीन, फ्रिज और महंगे एलईडी टीवी को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह जब दुकान मालिक मनोज कुमार शोरूम पहुँचे, तो वहां केवल राख और जला हुआ लोहा ही बचा था।

आधी रात का कहर: जब 'शॉर्ट सर्किट' बना काल

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग ने दुकान के एक कोने को भी सुरक्षित नहीं छोड़ा।

  • अचानक लगी आग: शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। रात के सन्नाटे में चिंगारी ने तेजी से प्लास्टिक और गत्ते के डिब्बों को पकड़ा और देखते ही देखते पूरी दुकान भट्ठी बन गई।

  • कीमती सामानों का नुकसान: शोरूम में रखे नए मॉडल के फ्रिज, वाशिंग मशीन, एलसीडी टीवी, रूम हीटर, ब्लोअर और एसी पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं।

  • 30 लाख की चपत: दुकानदार के अनुसार, इस अगलगी में लगभग 30 लाख रुपये से अधिक का माल जल चुका है। यह मनोज कुमार के लिए न केवल व्यापारिक बल्कि भारी आर्थिक और मानसिक क्षति है।

खौफनाक मंजर: जब सुबह खुली दुकान की 'आंख'

आसपास के रहने वाले लोगों को रात में किसी अनहोनी का आभास नहीं हुआ, लेकिन धुएं की गंध ने सुबह सबको चौंका दिया।

  1. देर से मिली सूचना: दुकान मालिक को सुबह घटना का पता चला, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

  2. ग्रामीणों की मदद: सूचना मिलते ही स्थानीय लोग भारी संख्या में जमा हुए और जो भी थोड़ी-बहुत आग बची थी, उसे बुझाने की कोशिश की।

  3. प्रशासनिक गुहार: पीड़ित दुकानदार मनोज ने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने भी पलामू जिला प्रशासन से अपील की है कि एक छोटे व्यवसायी को इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहायता दी जाए।

पलामू अग्निकांड: नुकसान का ब्योरा (Damage Snapshot)

जली हुई सामग्री अनुमानित नुकसान (Approx Loss)
महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, टीवी
सीजनल आइटम रूम हीटर और ब्लोअर का पूरा स्टॉक
कुल आर्थिक क्षति 30 लाख रुपये से अधिक
हादसे का स्थान रेलवे ओवरब्रिज, जपला-छतरपुर मार्ग

इतिहास और रसूख: पलामू के व्यापारिक केंद्रों पर आग का साया

पलामू का जपला-छतरपुर मार्ग ऐतिहासिक रूप से पलामू और पड़ोसी जिलों के बीच व्यापार की मुख्य धुरी रहा है। रेलवे ओवरब्रिज के पास का इलाका हाल के वर्षों में एक बड़े कमर्शियल हब के रूप में उभरा है। लेकिन, सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो इस क्षेत्र में पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट से दुकानों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के मौसम में रूम हीटर और अन्य लोड वाले उपकरणों के स्टॉक के कारण पुराने वायरिंग वाले शोरूम में आग का खतरा 40% तक बढ़ जाता है। मनोज इलेक्ट्रॉनिक्स की यह घटना व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने गोदामों और शोरूम का 'इलेक्ट्रिकल ऑडिट' समय-समय पर कराते रहें।

पुलिस और फायर विभाग की जांच शुरू

घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे हैं।

  • फॉरेंसिक एंगल: पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई शरारती तत्व है। हालांकि, प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट का ही नजर आ रहा है।

  • मुआवजे की प्रक्रिया: स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके का मुआयना किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।

  • सुरक्षा अलर्ट: प्रशासन ने अन्य दुकानदारों को भी हिदायत दी है कि रात में दुकान बढ़ाते समय मेन स्विच (Main Switch) जरूर बंद करें।

राख में बदला सालों का निवेश

पलामू का यह अग्निकांड केवल एक दुकान का जलना नहीं है, बल्कि एक छोटे व्यापारी के सालों के संघर्ष का खाक होना है। 30 लाख का यह नुकसान मनोज कुमार के परिवार के लिए एक बड़ा झटका है। अब उम्मीद प्रशासन और सरकार से मिलने वाली त्वरित राहत पर टिकी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।