Jharkhand Weather : बर्फीली आफत, झारखंड में जमने लगी ओस, खूंटी में पारा 2 डिग्री, मकर संक्रांति तक महा-अलर्ट
झारखंड में कड़ाके की ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और खूंटी में पारा 2.1 डिग्री तक गिर गया है। ओस की बूंदों के बर्फ बनने और मकर संक्रांति तक चलने वाली इस जानलेवा शीतलहरी की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी पहाड़ों से आ रही इन बर्फीली हवाओं के खतरे को समझ नहीं पाएंगे।
रांची, 8 जनवरी 2026 – झारखंड इस समय कुदरत के 'कोल्ड टॉर्चर' से गुजर रहा है। राज्य में ठंड का सितम इस कदर बढ़ गया है कि अब घास और गाड़ियों पर ओस की बूंदें सफेद बर्फ की चादर की तरह जमी हुई नजर आ रही हैं। पिछले 24 घंटों में खूंटी जिले ने ठंड के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फीली हवाओं और कनकनी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है; मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी तक झारखंड के लोगों को ठंड से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
खूंटी बना 'मिनी शिमला': 2.1 डिग्री पर थमी जिंदगी
झारखंड का 'छोटा नागपुर' इलाका इस समय बर्फीली हवाओं के निशाने पर है।
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जम गई ओस: खूंटी और आसपास के इलाकों में सुबह के समय खेतों में ओस की बूंदें जमी हुई मिल रही हैं। 2.1 डिग्री तापमान ने लोगों को घरों के अंदर कैद होने पर मजबूर कर दिया है।
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धूप बेअसर: राजधानी रांची समेत लगभग सभी जिलों में सूरज तो निकल रहा है, लेकिन उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं इतनी तेज हैं कि धूप की गर्माहट महसूस ही नहीं हो रही।
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दरवाजे-खिड़कियां पैक: शीतलहरी के डर से लोग शाम 5 बजे के बाद ही घरों में दुबक रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
पहाड़ों से आ रहा 'डेथ चिल': अगले 7 दिन और भारी
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर झारखंड पर पड़ रहा है।
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बर्फीली हवाओं का टॉर्चर: हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों से होते हुए झारखंड में प्रवेश कर रही हैं, जिससे कनकनी बढ़ गई है।
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14 जनवरी तक अलर्ट: मकर संक्रांति तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। सुबह के समय घना कोहरा (Fog) और दिन भर चलने वाली बर्फीली हवाएं परेशानी बढ़ाएंगी।
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स्वास्थ्य का खतरा: ठंड के कारण रिम्स (RIMS) समेत राज्य के बड़े अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस के मरीजों की संख्या में 30% का इजाफा हुआ है।
झारखंड के प्रमुख जिलों का तापमान: क्या कहता है आपका शहर? (Temperature Table)
| जिला/शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| खूंटी | 18 | 2.1 |
| मैक्लूसकीगंज | 19 | 4 |
| रांची | 20 | 6 |
| जमशेदपुर | 24 | 8 |
| धनबाद | 21 | 9 |
| मेदिनीनगर | 18 | 6 |
रिम्स में बढ़ा दबाव: बच्चों और बुजुर्गों पर 'कोल्ड अटैक'
कड़ाके की ठंड ने सेहत पर सीधा प्रहार किया है। राजधानी रांची के रिम्स अस्पताल में ओपीडी की संख्या अचानक बढ़ गई है।
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सांस के मरीज: ठंडी हवाओं के कारण अस्थमा और सांस के पुराने मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
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डॉक्टर्स की सलाह: डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह 9 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद बाहर निकलने से बचें। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और सिर व कान को ढक कर रखें।
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मकर संक्रांति की तैयारी: पारंपरिक रूप से मकर संक्रांति पर लोग सुबह सवेरे स्नान करते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने गर्म पानी के उपयोग और सावधानी की हिदायत दी है।
अभी और कांपेगा झारखंड
अगले 6 से 7 दिनों तक झारखंड में 'विंटर वेकेशन' जैसे हालात बने रहेंगे। प्रशासन ने कई जिलों में अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है, लेकिन बर्फीली हवाओं के आगे यह नाकाफी साबित हो रहा है। अगर आप भी मकर संक्रांति की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का मिजाज देखकर ही घर से बाहर निकलें।
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