Khunti Crash: खौफनाक टक्कर, खूंटी में पार्टी से लौट रहे दो फादरों की दर्दनाक मौत, ट्रक में फंसी कार बनी कब्र
खूंटी-सिमडेगा रोड पर पार्टी से लौट रहे तीन फादरों की कार एक भारी ट्रक के नीचे जा घुसी है। दो फादरों की मौके पर ही मौत और कार काटकर निकाले गए घायलों की रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड के इस सबसे व्यस्त हाईवे पर छिपे मौत के जाल का सच कभी नहीं जान पाएंगे।
खूंटी, 8 जनवरी 2026 – झारखंड के खूंटी जिले में बुधवार की देर रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी जिसने समूचे ईसाई समुदाय और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर रफ्तार और मौत का ऐसा मिलन हुआ कि डोड़मा आरसी चर्च के दो स्तंभ हमेशा के लिए ढह गए। तोरपा से एक पार्टी में शामिल होकर लौट रहे तीन फादरों की तेज रफ्तार कार आगे चल रहे एक लोडेड ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील होकर ट्रक के नीचे फंस गया। इस खौफनाक मंजर में फादर सुशील प्रवीण टिडू और फादर सुनील भेंगरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
आधी रात का चीत्कार: जब पार्टी की खुशियां मातम में बदलीं
हादसा उस वक्त हुआ जब सड़कों पर सन्नाटा था और कार अपनी पूरी रफ्तार में थी।
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अंतिम सफर: तीनों फादर तोरपा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद खुशी-खुशी डोड़मा चर्च की ओर लौट रहे थे।
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भयानक टक्कर: अचानक कार अनियंत्रित हुई और आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में समा गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में सो रहे ग्रामीण कांप कर जाग गए।
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फंस गई जिंदगी: कार का अगला हिस्सा ट्रक में इस कदर धंस गया कि अंदर फंसे फादरों को निकालना लगभग असंभव लग रहा था।
क्रेन और कटर का इस्तेमाल: पुलिस और ग्रामीणों का रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही तोरपा के उप प्रमुख संतोष कर और थाना प्रभारी मुकेश यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
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घंटों की मशक्कत: स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद मलबे में तब्दील हो चुकी कार से तीनों फादरों को बाहर निकाला।
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दो की मौत: अस्पताल पहुँचने से पहले ही फादर सुशील प्रवीण टिडू (डोड़मा चर्च) और फादर सुनील भेंगरा (बागरटोली निवासी) की सांसें थम चुकी थीं।
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घायल फादर जॉन्सन: हादसे में फादर जॉन्सन भेंगरा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि वह वर्तमान में असम के एक चर्च में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
खूंटी-तोरपा सड़क दुर्घटना: मुख्य जानकारी (Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक 1 | फादर सुशील प्रवीण टिडू (डोड़मा चर्च) |
| मृतक 2 | फादर सुनील भेंगरा (बागरटोली) |
| गंभीर घायल | फादर जॉन्सन भेंगरा (असम में पदस्थापित) |
| हादसे का कारण | तेज रफ्तार और कम दृश्यता |
| स्थान | खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग |
इतिहास और भूगोल: खूंटी-सिमडेगा रोड का 'खूनी' रिकॉर्ड
खूंटी जिला भौगोलिक रूप से पहाड़ियों और घुमावदार सड़कों से घिरा हुआ है। ऐतिहासिक रूप से, खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग (NH-20 का हिस्सा) झारखंड के सबसे खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' वाले रास्तों में गिना जाता है। रात के समय इस हाईवे पर भारी ट्रकों की लंबी कतारें होती हैं, जो अक्सर बिना 'रिफ्लेक्टर' या 'टेल लाइट' के चलती हैं। पिछले 10 वर्षों में इस विशेष पैच पर दर्जनों चर्च अनुयायियों और फादरों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई है। 2021 में भी इसी तरह की एक घटना में दो पादरियों की मौत हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय 'हाई-बीम' लाइट और सड़कों पर खड़े अवैध ट्रक इन हादसों की मुख्य वजह रहे हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच: क्या हुआ था उस रात?
थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला ओवरस्पीडिंग और दृश्यता की कमी का लग रहा है।
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ट्रक चालक की तलाश: हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस आसपास के ढाबों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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ईसाई समुदाय में शोक: फादर सुशील और सुनील की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सदर अस्पताल पहुँचे। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
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सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर हाईवे पर रात की गश्त और 'स्पीड ब्रेकर' की मांग दोहराई है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो।
एक अपूरणीय क्षति
फादर सुशील प्रवीण टिडू और फादर सुनील भेंगरा केवल धार्मिक गुरु नहीं थे, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका बड़ा नाम था। डोड़मा चर्च के लिए यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है। अब सबकी नजरें असम से आए फादर जॉन्सन की रिकवरी पर टिकी हैं।
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