Garhwa Seizure: चावल के नीचे मौत का सौदा, गढ़वा में पकड़ी गई 1 करोड़ की शराब, हाई-टेक तस्करी का पर्दाफाश

गढ़वा पुलिस ने यूपी-बिहार सीमा पर शराब तस्करी के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है जहाँ चावल की आड़ में एक करोड़ से अधिक की अंग्रेजी शराब ले जाई जा रही थी। जंगी ऐप और नए एंड्रॉयड फोन के जरिए ट्रैक हो रहे इस हाई-टेक रैकेट की गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इस सनसनीखेज छापेमारी और करोड़ों के माल की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

Dec 19, 2025 - 10:55
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Garhwa Seizure: चावल के नीचे मौत का सौदा, गढ़वा में पकड़ी गई 1 करोड़ की शराब, हाई-टेक तस्करी का पर्दाफाश
Garhwa Seizure: चावल के नीचे मौत का सौदा, गढ़वा में पकड़ी गई 1 करोड़ की शराब, हाई-टेक तस्करी का पर्दाफाश

गढ़वा, 19 दिसंबर 2025 – झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मेराल थाना क्षेत्र के गोंदा स्थित एनएच किनारे 'अंशू होटल' के पास से पुलिस ने एक विशालकाय कंटेनर को जब्त किया है, जिसमें एक-दो नहीं बल्कि पूरे एक करोड़ रुपये से अधिक की अवैध अंग्रेजी शराब लदी हुई थी। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए शराब को चावल के कट्टों के नीचे छिपा रखा था, लेकिन सटीक खुफिया जानकारी ने उनके इस हाई-टेक खेल को खत्म कर दिया।

तस्करी का पुराना रास्ता और गढ़वा का भूगोल

गढ़वा जिला भौगोलिक रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमाओं को जोड़ता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र दशकों से अंतरराज्यीय तस्करों के लिए एक 'ट्रांजिट पॉइंट' रहा है। इतिहास गवाह है कि चुनाव और त्योहारों के समय इस रूट पर शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश से शराब लाकर बिहार के 'ड्राई स्टेट' (शराबबंदी वाले राज्य) में खपाना माफियाओं के लिए एक मोटा मुनाफे वाला धंधा बन गया है। इस बार पुलिस ने जिस तरह आधुनिक तकनीक से लैस माफिया को पकड़ा है, वह उनकी बढ़ती चालाकी को दर्शाता है।

चावल का पर्चा और शराब का जखीरा

डीएसपी चिरंजीव मंडल को गुप्त सूचना मिली थी कि यूपी की तरफ से शराब की एक बड़ी खेप बिहार जाने वाली है। गढ़वा एसपी अमन कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें दंडाधिकारी और पुलिस बल के जवान शामिल थे।

  • चालाकी पकड़ी गई: जब टीम ने गोंदा में होटल के पास खड़े कंटेनर की तलाशी ली, तो राजस्थान के बाड़मेर निवासी चालक गणपत राम (25 वर्ष) ने पुलिस को चावल के फर्जी कागजात दिखाए। उसने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि गाड़ी में केवल चावल लदा है।

  • पर्दाफाश: लेकिन जब पुलिस ने कंटेनर के पिछले हिस्से को खोला, तो वे दंग रह गए। चावल की चंद बोरियों के पीछे शराब की पेटियों का अंबार लगा था।

बरामदगी का विस्तृत ब्योरा

आबकारी विभाग के अनुसार पकड़ी गई शराब का बाजार मूल्य 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

ब्रांड (इंपीरियल ब्लू) बोतल का साइज कुल पेटियां कुल बोतलों की संख्या
750 एमएल 12 पीस प्रति पेटी 440 पेटी 5,280 पीस
375 एमएल 24 पीस प्रति पेटी 440 पेटी 10,560 पीस
180 एमएल 48 पीस प्रति पेटी 200 पेटी 9,600 पीस
कुल योग --- 1,080 पेटी 25,440 पीस

जंगी ऐप और हाई-टेक लोकेशन ट्रैकिंग

इस तस्करी का सबसे चौंकाने वाला पहलू तकनीकी था। पुलिस जांच में पाया गया कि चालक गणपत राम को एक नया एंड्रॉयड फोन दिया गया था, जिसमें 'जंगी ऐप' इंस्टॉल था। इस ऐप के माध्यम से मुख्य सरगना लगातार गाड़ी की लोकेशन ट्रैक कर रहा था और चालक को निर्देश दे रहा था कि उसे कहाँ रुकना है और कहाँ से निकलना है। यह साबित करता है कि अब शराब माफिया किसी पेशेवर आईटी कंपनी की तरह अपना नेटवर्क चला रहे हैं।

बड़े रैकेट की तलाश में पुलिस

मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। बरामद किए गए दो मोबाइल फोन पुलिस के लिए 'गोल्ड माइन' साबित हो सकते हैं। पुलिस अब उन नंबरों की कॉल डिटेल निकाल रही है जिनसे जंगी ऐप पर निर्देश भेजे जा रहे थे। इस छापेमारी दल में रवि कुमार, जलेन्द्र पासवान और आरक्षी अंजनीकांत सहित कई जवानों ने अहम भूमिका निभाई।

माफिया के लिए अंतिम चेतावनी

गढ़वा पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि तस्कर चाहे जितनी भी आधुनिक तकनीक अपना लें, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाएंगे। एक करोड़ की इस बरामदगी ने न केवल अवैध कारोबार को चोट पहुँचाई है, बल्कि आने वाले समय में एक बड़े सिंडिकेट के खुलासे की नींव भी रख दी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।