Jamshedpur Raid: चीनी पिस्टल और एके-47 की गोलियां, नालंदा में जमशेदपुर के तीन दोस्तों का खतरनाक खेल

बिहार एसटीएफ ने नालंदा में छापेमारी कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार गिरोह का भंडाफोड़ किया है जहाँ जमशेदपुर के तीन दोस्त 'मेड इन चाइना' हथियारों और एके-47 की गोलियों के साथ पकड़े गए हैं। रंगे हाथों पकड़े गए इन तस्करों के पास से मिले घातक हथियारों ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। मौत के इस सौदे और गैंग के नेटवर्क की पूरी सच्चाई यहाँ उपलब्ध है।

Dec 19, 2025 - 10:47
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Jamshedpur Raid: चीनी पिस्टल और एके-47 की गोलियां, नालंदा में जमशेदपुर के तीन दोस्तों का खतरनाक खेल
Jamshedpur Raid: चीनी पिस्टल और एके-47 की गोलियां, नालंदा में जमशेदपुर के तीन दोस्तों का खतरनाक खेल

नालंदा, 19 दिसंबर 2025 – बिहार में अवैध हथियारों के काले कारोबार के खिलाफ एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सफलता हासिल की है। नालंदा के लहेरी थाना क्षेत्र के सोहन कुआं मोहल्ले में हुई एक गुप्त छापेमारी ने न केवल हथियारों की बड़ी खेप बरामद की है, बल्कि झारखंड और बिहार के बीच चल रहे एक गहरे आपराधिक गठजोड़ को भी बेनकाब कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पुलिस ने पाँच शातिर तस्करों को दबोचा है, जिनमें जमशेदपुर के तीन दोस्त शामिल हैं जो मौत के इस सामान की डिलीवरी लेने पहुँचे थे।

चीनी कनेक्शन और एके-47 के कारतूस

छापेमारी के दौरान जो सामान बरामद हुआ, उसने जांच अधिकारियों के भी माथे पर बल ला दिए हैं। तस्करों के पास से 'मेड इन चाइना' लिखी पाँच आधुनिक पिस्टल और एके-47 के 153 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा छह मैगजीन और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है। एके-47 जैसे प्रतिबंधित हथियारों की गोलियों का इतनी बड़ी मात्रा में मिलना किसी बड़ी आतंकी या आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है।

इतिहास की झलक: मुंगेर से जमशेदपुर तक का 'हथियार पथ'

बिहार का मुंगेर जिला ऐतिहासिक रूप से अवैध हथियार निर्माण का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी सप्लाई चेन झारखंड के औद्योगिक शहरों, विशेषकर जमशेदपुर तक फैल गई है। जमशेदपुर का भौगोलिक स्थान और वहाँ का अंडरवर्ल्ड इसे हथियारों की खपत के लिए एक बड़ा बाजार बनाता है। इतिहास गवाह है कि $1990$ के दशक से ही गैंगवार के लिए मुंगेर और विदेशी हथियारों की तस्करी बिहार-झारखंड सीमा के जरिए होती रही है। आज की यह गिरफ्तारी साबित करती है कि यह पुराना 'हथियार पथ' अब और भी ज्यादा आधुनिक और घातक हो चुका है।

जमशेदपुर के 'खतरनाक तिकड़ी' का पर्दाफाश

गिरफ्तार आरोपियों में से तीन जमशेदपुर के रहने वाले हैं, जो लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे। इनके नाम इस प्रकार हैं:

  • महबूब उर्फ टिंकू: निवासी मानगो, जमशेदपुर।

  • जाहिद हुसैन: निवासी साकची, जमशेदपुर।

  • सौरभ झा: मूल निवासी मुंगेर (लेकिन गिरोह की मुख्य कड़ी)।

  • इनके साथ ही नगर थाना क्षेत्र के बारादरी निवासी परवेज को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जमशेदपुर के ये तीनों आरोपी आपस में गहरे दोस्त हैं और शहर में हथियारों की सप्लाई का सिंडिकेट चलाते रहे हैं।

ऑपरेशन का पूरा ब्योरा

विवरण जानकारी
छापेमारी स्थल सोहन कुआं मोहल्ला, नालंदा (त्रिभूवन प्रसाद का मकान)
बरामदगी 5 मेड इन चाइना पिस्टल, 153 AK-47 कारतूस
वाहन सफेद स्कॉर्पियो (जब्त)
टीम नेतृत्व लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक एवं एसटीएफ

कैसे बुना गया गिरफ्तारी का चक्रव्यूह?

लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि एसटीएफ को सटीक सूचना मिली थी कि झारखंड से कुछ बड़े तस्कर एक फ्लैट में हथियारों की खेप लेने पहुँचने वाले हैं। पुलिस ने पूरी रणनीति के तहत मोहल्ले की घेराबंदी की। जैसे ही तस्करों ने फ्लैट के भीतर हथियारों का लेनदेन शुरू किया, पहले से मुस्तैद टीम ने उन पर धावा बोल दिया। आरोपियों को भागने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच का दायरा: कौन है असली मास्टरमाइंड?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एके-47 की गोलियां और चीनी पिस्टल कहाँ से आईं? पुलिस को शक है कि यह खेप अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए बिहार पहुँची थी और इसे झारखंड के किसी बड़े गैंग को सप्लाई किया जाना था। क्या ये हथियार जमशेदपुर में होने वाली किसी बड़ी वारदात के लिए मंगाए गए थे? एसटीएफ अब इन तस्करों के मोबाइल डेटा और नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस सप्लाई चेन के असली आका तक पहुँचा जा सके।

 अपराधियों के लिए कड़ा संदेश

नालंदा पुलिस की यह मुस्तैदी बिहार और झारखंड के अपराधियों के लिए एक साफ संदेश है। अंतरराज्यीय गिरोहों का यह भंडाफोड़ आने वाले समय में कई और बड़े नामों का खुलासा कर सकता है। फिलहाल, जमशेदपुर के इन तीनों दोस्तों की 'क्राइम पार्टनरशिप' ने सलाखों के पीछे अपनी जगह बना ली है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।