Sidhgora Donation: मिसाल बनीं क्षत्राणियां, मकर संक्रांति पर मोहरदा बस्ती में उमड़ा सेवा का सैलाब, गरीबों में बांटे दही-चूड़ा और फल
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर झारखंड क्षत्रिय महिला संघ सिदगोड़ा इकाई ने मोहरदा संथाल बस्ती के 100 से अधिक परिवारों के बीच खुशियां बांटकर जनसेवा की नई इबारत लिख दी है। चूड़ा-दही और तिल दान के इस भव्य अभियान और इसके पीछे छिपी सेवा भावना की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी लौहनगरी के इस सबसे बड़े और भावुक दान उत्सव को जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/सिदगोड़ा, 13 जनवरी 2026 – सूर्य के उत्तरायण होने और मकर संक्रांति के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर लौहनगरी जमशेदपुर में सेवा की एक अनुपम छटा देखने को मिली। झारखंड क्षत्रिय महिला संघ, सिदगोड़ा इकाई की जांबाज क्षत्राणियों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए मोहरदा संथाल बस्ती में एक भव्य दान कार्यक्रम आयोजित किया। कड़ाके की ठंड और त्यौहार के इस मौसम में जब पूरा शहर जश्न की तैयारी में डूबा है, तब इन महिलाओं ने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े 100 से अधिक जरूरतमंदों के बीच पहुँचकर दही-चूड़ा, तिल और फल का वितरण किया। इस पुनीत कार्य ने न केवल गरीबों के घरों में संक्रांति की मिठास घोली, बल्कि समाज में 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का सशक्त संदेश भी दिया।
मोहरदा संथाल बस्ती में उत्सव: सेवा भाव से गूंजा इलाका
मंगलवार दोपहर सिदगोड़ा इकाई की क्षत्राणियां टोकरियों में फल, दही और चूड़ा लेकर जब संथाल बस्ती पहुँचीं, तो वहां के निवासियों के चेहरे खिल उठे।
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बढ़-चढ़कर हिस्सा: इस कार्यक्रम में सिदगोड़ा इकाई की सभी सदस्यों ने अपनी क्षमता से बढ़कर योगदान दिया।
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सामूहिक भोज का स्वरूप: महिलाओं ने केवल पैकेट नहीं बांटे, बल्कि बस्ती के लोगों से आत्मीय संवाद कर उनका हाल-चाल भी जाना।
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सफल नेतृत्व: कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोरमा सिंह और संरक्षिका नीता सिंह ने की, जिनके कुशल नेतृत्व में वितरण कार्य बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
मंजू सिंह का मार्गदर्शन: संगठन की शक्ति सेवा में
संघ की महासचिव श्रीमती मंजू सिंह के दिशा-निर्देशों ने इस कार्यक्रम को एक मिशन का रूप दे दिया।
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परंपरा का निर्वहन: क्षत्रिय महिला संघ हमेशा से पर्व-त्योहारों पर दान-पुण्य की परंपरा को जीवित रखने के लिए जाना जाता है।
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लक्ष्य: संगठन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बस्ती का कोई भी परिवार संसाधनों के अभाव में मकर संक्रांति जैसा पवित्र पर्व मनाने से वंचित न रह जाए।
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संकल्प: कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे ही सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
क्षत्रिय महिला संघ सेवा अभियान: मुख्य विवरण (Donation Highlights)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| आयोजक | झारखंड क्षत्रिय महिला संघ, सिदगोड़ा इकाई |
| लाभार्थी | मोहरदा संथाल बस्ती के 100+ जरूरतमंद |
| वितरित सामग्री | दही, चूड़ा, तिल (तिलकुट) और ताजे फल |
| मुख्य नेतृत्व | मनोरमा सिंह (अध्यक्ष), नीता सिंह (संरक्षिका) |
| दिशानिर्देश | श्रीमती मंजू सिंह (महासचिव) |
क्षत्राणियों का जोश: सेवा भी, संस्कार भी
कार्यक्रम के दौरान सिदगोड़ा इकाई की महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था।
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अनुशासन: कतारबद्ध होकर बस्ती के बच्चों और बुजुर्गों को ससम्मान सामग्री भेंट करना यह दर्शाता है कि संघ न केवल आर्थिक मदद कर रहा है, बल्कि समाज को संस्कारित भी कर रहा है।
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भागीदारी: संघ की कई अन्य समर्पित महिला कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए घंटों मेहनत की, सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि हर घर तक संक्रांति का उपहार पहुँचे।
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स्थानीय समर्थन: मोहरदा बस्ती के मुखिया और स्थानीय लोगों ने भी संघ की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यों से समाज में एकता की भावना मजबूत होती है।
खुशियों की संक्रांति
झारखंड क्षत्रिय महिला संघ सिदगोड़ा इकाई की यह पहल साबित करती है कि त्यौहार का असली आनंद अपनों के साथ नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ खुशियां बांटने में है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
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