Palamu Accident: चियांकी में बुलडोजर चालक की दर्दनाक मौत, ट्रैक्टर चलाने की जिद पड़ी भारी, अनियंत्रित होकर पलटा वाहन
पलामू के चियांकी में मिट्टी कटाई के दौरान एक बुलडोजर चालक की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई है। सतबरवा के मनोज सिंह के साथ हुए इस खौफनाक हादसे और अस्पताल में मचे कोहराम की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप जिले की यह बड़ी खबर मिस कर देंगे।
पलामू, 27 फरवरी 2026 – झारखंड के पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत चियांकी में गुरुवार की देर शाम एक हृदयविदारक हादसा हुआ। एक 26 वर्षीय बुलडोजर चालक की जान उसकी एक छोटी सी चूक और ट्रैक्टर चलाने के शौक ने ले ली। मिट्टी कटाई के काम में लगे मनोज सिंह की ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दबकर मौत हो गई। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। मृतक की पहचान सतबरवा थाना क्षेत्र के दुलसुलमा गांव निवासी मनोज सिंह (पिता विमल सिंह) के रूप में हुई है।
खाना खाने गया था साथी, मौत बनकर आया ट्रैक्टर
हादसे की कहानी बेहद दर्दनाक है। चियांकी में मिट्टी कटाई का काम युद्ध स्तर पर चल रहा था:
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पेशे से था बुलडोजर चालक: मनोज सिंह सालों से बुलडोजर चलाने में माहिर था। गुरुवार शाम भी वह अपने बुलडोजर से मिट्टी काट रहा था।
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अचानक बदली भूमिका: काम के दौरान वहां मौजूद ट्रैक्टर का चालक खाना खाने के लिए ब्रेक पर चला गया। खाली खड़े ट्रैक्टर को देखकर मनोज ने उसे चलाने का मन बनाया।
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अनियंत्रित होकर पलटा वाहन: जैसे ही मनोज ने मिट्टी लदा ट्रैक्टर चलाना शुरू किया, वह संतुलन खो बैठा। ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया और मनोज उसके विशाल पहिए और मलबे के नीचे दब गया।
अस्पताल में कोहराम: "काश! वह ट्रैक्टर को हाथ न लगाता"
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने चीख-पुकार सुनकर दौड़ लगाई:
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मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज: मजदूरों ने भारी मशक्कत के बाद मनोज को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज-अस्पताल पहुँचाया।
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मृत घोषित: अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव और दबने की वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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पुलिस की कार्रवाई: अस्पताल पुलिस चौकी की एएसआई सुशीला टीयू और जवान महेंद्र कुमार ने मौके पर पहुँचकर परिजनों से जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पलामू हादसा: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक | मनोज सिंह (26 वर्ष), सतबरवा |
| हादसे का स्थान | चियांकी (पलामू सदर थाना) |
| वाहन का प्रकार | ट्रैक्टर (मिट्टी लदा हुआ) |
| वजह | अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर पलटना |
| जांच अधिकारी | एएसआई सुशीला टीयू |
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मनोज के घर दुलसुलमा गांव में जैसे ही खबर पहुँची, मातम पसर गया। वह अपने परिवार का मुख्य सहारा था। परिजनों का कहना है कि वह अपने काम में बेहद निपुण था, लेकिन उस मनहूस शाम न जाने क्यों उसने ट्रैक्टर चलाने का फैसला किया।
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गांव में सन्नाटा: घटना के बाद सतबरवा के दुलसुलमा गांव में चूल्हा तक नहीं जला। ग्रामीण इस हादसे से स्तब्ध हैं।
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सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में किसी और 'मनोज' की जान न जाए।
एक पल की चूक और खत्म हो गई जिंदगी
चियांकी का यह हादसा उन सभी ऑपरेटरों के लिए एक सबक है जो बिना प्रशिक्षण या अनुभव के दूसरे भारी वाहनों को चलाने का जोखिम उठाते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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