Om mantra benefits: ओम जाप का चौंकाने वाला असर, डॉक्टर के एक्सपेरिमेंट से हुआ बड़ा खुलासा!
ओम जाप का दिल पर क्या असर होता है? न्यूरोलॉजिस्ट के एक्सपेरिमेंट से निकला चौंकाने वाला नतीजा! जानें कैसे ओम जाप हार्ट रेट को नियंत्रित करता है और तनाव कम करता है।

क्या ओम जाप सिर्फ आध्यात्मिक लाभ देता है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक रहस्य छिपा है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए एक न्यूरोलॉजिस्ट ने खुद पर एक्सपेरिमेंट किया और नतीजे वाकई चौंकाने वाले निकले!
ओम: एक धार्मिक मंत्र या वैज्ञानिक फ्रीक्वेंसी?
ओम मंत्र का उल्लेख वेदों, उपनिषदों और योग शास्त्रों में मिलता है, लेकिन क्या यह सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित है? आधुनिक वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह एक खास तरह की यूनिवर्सल फ्रीक्वेंसी है, जो हमारे शरीर और मस्तिष्क पर गहरा असर डालती है।
भारत में प्राचीन काल से ऋषि-मुनि ध्यान और योग के दौरान ओम का उच्चारण करते आए हैं। ऐसा माना जाता था कि इससे मानसिक शांति मिलती है, लेकिन आज विज्ञान भी इस धारणा को सही साबित कर रहा है।
डॉक्टर का एक्सपेरिमेंट: ओम जाप से बदली हार्ट रेट!
ब्रेन साइंटिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. श्वेता अड़ातिया ने खुद पर एक दिलचस्प प्रयोग किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि ओम का जाप करने से दिल की धड़कन (Heart Rate Variability - HRV) पर क्या प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने सबसे पहले अपनी हार्टबीट को ऑक्सीमीटर से मापा, जो 83 थी। इसके बाद उन्होंने दो अलग-अलग तरीकों से ओम का उच्चारण किया और देखा कि उनकी हार्ट रेट में गिरावट आई।
पहला तरीका: ओ को लंबे समय तक खींचने से हार्ट रेट 73 तक आ गई।
दूसरा तरीका: म को लंबे समय तक खींचने से हार्ट रेट 69 तक गिर गई।
अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से ज्यादा तनाव में रहता है या उसकी हार्ट रेट ज्यादा रहती है, तो ओम जाप से उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
सुबह और रात के लिए अलग-अलग जाप क्यों?
डॉ. श्वेता का मानना है कि ओम जाप करने का तरीका समय के अनुसार अलग होना चाहिए।
सुबह: अगर दिनभर ऊर्जावान और एक्टिव रहना है, तो ‘ओ’ को लंबा खींचकर उच्चारण करें।
रात: अगर दिमाग को शांत और रिलैक्स करना है, तो ‘म’ को लंबा खींचें।
ओम जाप और दिल की सेहत: वैज्ञानिक पहलू
अगर आपकी हार्टबीट सामान्य से ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि दिल पर अधिक दबाव पड़ रहा है। यह स्थिति हाई ब्लड प्रेशर, एंग्जायटी और दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
हार्ट स्पेशलिस्ट भी मानते हैं कि मेडिटेशन और ओम जाप से शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बेहतर होता है और स्ट्रेस हार्मोन (Cortisol) कम होता है। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल मजबूत बनता है।
ओम जाप: क्या कहता है इतिहास?
ओम मंत्र की जड़ें हजारों साल पुरानी हैं। ऋग्वेद, उपनिषद और भगवद गीता में इसका उल्लेख मिलता है। योग गुरु पतंजलि के योग सूत्रों में भी ओम को ध्यान का सबसे प्रभावी मंत्र बताया गया है।
बौद्ध और जैन धर्म में भी ओम का प्रयोग आध्यात्मिक साधना के लिए किया जाता रहा है। तिब्बती मंत्रों में भी ओम को प्रमुख स्थान दिया गया है।
कैसे करें ओम जाप? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
अगर आप पहली बार ओम जाप कर रहे हैं, तो इस आसान प्रक्रिया को फॉलो करें:
आरामदायक स्थिति में बैठें और आंखें बंद करें।
गहरी सांस लें और धीरे-धीरे "ओम" का उच्चारण करें।
ओ को 70% और म को 30% तक खींचें।
कम से कम 5-10 मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।
क्या ओम जाप से दवा की जरूरत खत्म हो सकती है?
अगर किसी को हार्ट से जुड़ी समस्या है, तो ओम जाप एक नेचुरल थेरेपी की तरह काम कर सकता है, लेकिन दवाओं का विकल्प नहीं बन सकता। डॉक्टर की सलाह से ही कोई फैसला लें।
बेहतर होगा कि हार्ट की हेल्थ को मेंटेन रखने के लिए योग, वॉक और हेल्दी डाइट के साथ ओम जाप को भी डेली रूटीन में शामिल करें।
ओम जाप से दिल और दिमाग को मिलेगा डबल फायदा!
अगर आप मानसिक तनाव और हार्ट रेट की समस्याओं से परेशान हैं, तो ओम जाप आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह न सिर्फ मानसिक शांति देता है, बल्कि हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और तनाव को भी नियंत्रित करता है।
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