Jamshedpur Salute: NTTF और टाटा स्टील फाउंडेशन ने फहराया तिरंगा, कैप्टन अमिताभ और लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता ने याद की वीरों की गाथा, गूँजा आजादी का तराना
जमशेदपुर के प्रसिद्ध NTTF आर डी टाटा तकनीकी संस्थान और टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। कैप्टन अमिताभ और लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति में हुए ध्वजारोहण और वीरों के बलिदान की गाथा को विस्तार से पढ़िए वरना आप शिक्षा और राष्ट्रभक्ति के इस सबसे बड़े संगम की इनसाइड स्टोरी जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 26 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की प्रतिष्ठित तकनीकी संस्था NTTF आर डी टाटा तकनीकी संस्थान और टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) ने मिलकर आज भारत का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे आन-बान और शान के साथ मनाया। संस्थान के गोलमुरी परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में उस वक्त देशभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा जब तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छूने के लिए लहराया। यह केवल एक ध्वजारोहण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भविष्य के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराने का एक ऐतिहासिक पल बना।
सैन्य गरिमा के बीच ध्वजारोहण: शहीदों को नमन
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि कैप्टन अमिताभ (कौशल विकास प्रमुख, टीएसएफ) द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई।
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विशिष्ट उपस्थिति: कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सिन्हा और अतिथि श्री बी.के. सिंह मौजूद रहे। इन सैन्य और प्रशासनिक दिग्गजों की मौजूदगी ने छात्रों के भीतर अनुशासन और देशभक्ति का नया संचार किया।
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वीरों की याद: कैप्टन अमिताभ ने अपने संबोधन में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले शहीदों और वीरों के बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि यह आजादी कितनी बड़ी कीमत चुकाकर मिली है और अब इसे तकनीकी प्रगति के जरिए 'विकसित भारत' बनाना उनकी जिम्मेदारी है।
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शुभकामनाएं: संस्थान की प्राचार्या प्रीता जॉन और उप प्राचार्य रमेश राय ने भी सभी प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।
तकनीकी प्रतिभा का राष्ट्र प्रेम
NTTF के छात्र जो अपनी तकनीकी दक्षता के लिए जाने जाते हैं, आज एक अलग ही जोश में नजर आए।
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अनुशासन की मिसाल: संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी वरुण कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में सैन्य ड्रिल और राष्ट्रगान की गूँज ने माहौल को रोंगटे खड़े कर देने वाला बना दिया।
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संयोजन और टीम वर्क: कार्यक्रम संयोजक नकुल कुमार के नेतृत्व में पल्लवानी चौधरी, शिवाप्रसाद, वरुण कुमार और दीपक सरकार जैसे फैकल्टी मेंबर्स ने आयोजन को सफल बनाने में जी-जान लगा दी।
NTTF-TSF गणतंत्र दिवस समारोह: मुख्य हाइलाइट्स (Key Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Highlights) |
| मुख्य अतिथि | कैप्टन अमिताभ (कौशल विकास प्रमुख, TSF) |
| विशिष्ट अतिथि | लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सिन्हा |
| आयोजक संस्थान | NTTF आर डी टाटा एवं टाटा स्टील फाउंडेशन |
| मुख्य संदेश | वीरों का बलिदान और कौशल विकास का महत्व |
| कार्यक्रम संयोजक | नकुल कुमार एवं टीम |
इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर, टाटा और गणतंत्र का ऐतिहासिक रिश्ता
जमशेदपुर और 'टाटा' का नाम भारतीय औद्योगिक गणतंत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। इतिहास गवाह है कि 1907 में जब जमशेदपुर की नींव पड़ी, तभी से यह शहर आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बन गया था। 26 जनवरी 1950 को जब देश गणतंत्र बना, तब टाटा स्टील ने देश को बुनियादी ढांचा देने का संकल्प लिया था। NTTF आर डी टाटा संस्थान की स्थापना इसी विजन का हिस्सा थी कि भारत के युवा केवल डिग्री न लें, बल्कि ऐसे कुशल 'शिल्पी' बनें जो देश के निर्माण में सीधे योगदान दें। पिछले कई दशकों से यह संस्थान गणतंत्र दिवस को एक उत्सव की तरह मनाता आ रहा है, जहाँ कौशल (Skill) और संस्कृति (Culture) का महामिलन होता है। आज 2026 में, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कैप्टन अमिताभ की बातें इसी गौरवमयी इतिहास की याद दिलाती हैं।
टीम वर्क और समर्पण
समारोह के सफल संचालन में नेहा मंजुला, प्रीति स्मृति, वीणा, इतिश्री, सुमन कुमार, विवेक और परितोष जैसे शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया, जिससे पूरा परिसर गूँज उठा। इस अवसर पर मिठाइयों का वितरण भी किया गया, जो खुशियों के इस उत्सव की पारंपरिक मिठास लेकर आया।
कौशल से सजेगा गणतंत्र
NTTF और टाटा स्टील फाउंडेशन का यह संयुक्त प्रयास साबित करता है कि जमशेदपुर के युवा न केवल मशीन चलाना जानते हैं, बल्कि उनके दिलों में अपने तिरंगे के प्रति अगाध प्रेम और देश के वीरों के प्रति सम्मान भी उतना ही गहरा है।
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