Kolkata Protest: ममता का धमाका, अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव का दावा, चुनाव आयोग पर भी फोड़ा बम
कोलकाता की सड़कों पर ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए दावा किया है कि उनके पास अमित शाह के खिलाफ सबूतों वाली 'पेन ड्राइव' है। कोयला घोटाले का पैसा दिल्ली पहुँचने और चुनाव आयोग की मिलीभगत से महाराष्ट्र चुनाव चोरी होने के इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस बड़े सियासी सच से बेखबर रह जाएंगे।
कोलकाता, 9 जनवरी 2026 – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। I-PAC दफ्तर पर ED की छापेमारी के विरोध में आयोजित इस विशाल रैली में ममता बनर्जी ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। 'दीदी' ने मंच से ऐलान किया कि वह केंद्र की धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और उनके पास अमित शाह के खिलाफ सबूतों से भरी 'पेन ड्राइव' मौजूद है। इस रैली ने न केवल बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है, बल्कि दिल्ली के सत्ता गलियारों में भी खलबली मचा दी है।
"मेरे पास पेन ड्राइव है": ममता का सीधा वार
रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के बड़े नेता केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को कुचलना चाहते हैं।
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कोयला घोटाले का पैसा: ममता ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि बंगाल में हुए कोयला घोटाले की रकम दिल्ली में बीजेपी के बड़े नेताओं तक पहुँचती है। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि पैसा अमित शाह को भेजा गया है।
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छोड़ूंगी नहीं: मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा, "मेरे पास इन सबका सबूत है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने रखूँगी। जो मुझे छेड़ता है, मैं उसे छोड़ती नहीं हूँ।"
चुनाव आयोग पर निशाना: "महाराष्ट्र चुनाव चुरा लिया"
ममता बनर्जी ने इस दौरान चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आयोग को केंद्र की कठपुतली करार दिया।
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सेक्रेटरी का कनेक्शन: उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में जो व्यक्ति बैठा है, वह पहले अमित शाह के सहकारिता विभाग (Cooperation Department) में सचिव था।
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वोट चोरी का आरोप: ममता ने दावा किया कि बीजेपी ने महाराष्ट्र का चुनाव 'चुरा' लिया है और अब बंगाल में भी 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाकर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है।
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हरियाणा और बिहार का जिक्र: उन्होंने कहा कि बीजेपी हरियाणा और बिहार में जबरदस्ती सत्ता में आई है, लेकिन बंगाल में ऐसा संभव नहीं होगा।
ममता बनर्जी की रैली: मुख्य दावे और आरोप (Rally Highlights)
| मुख्य बिंदु | ममता बनर्जी का बयान (Statement) |
| अमित शाह के खिलाफ सबूत | मेरे पास सबूतों वाली 'पेन ड्राइव' मौजूद है। |
| कोयला घोटाला | घोटाले की रकम दिल्ली में बीजेपी आकाओं तक पहुँची। |
| चुनाव आयोग | चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में 'वोटों की चोरी' में मदद की। |
| बांग्लादेशी टैग | बंगाली बोलने वालों को 'बांग्लादेशी' और 'रोहिंग्या' बताया जा रहा। |
| लक्ष्य | बंगाल के बाद अब दिल्ली जीतने की बारी है। |
इतिहास का पन्ना: ममता की 'स्ट्रीट पॉलिटिक्स' और निर्णायक जीत
ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर सड़कों पर संघर्ष से ही शुरू हुआ है। साल 2019 में भी जब सीबीआई के तत्कालीन अधिकारी राजीव कुमार के घर रेड हुई थी, तब ममता धरने पर बैठ गई थीं। इतिहास गवाह है कि जब भी ममता बनर्जी केंद्र के खिलाफ सड़कों पर उतरी हैं, बंगाल में टीएमसी का ग्राफ बढ़ा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी 'खेला होबे' का नारा इसी तरह की केंद्रीय कार्रवाई के बाद उपजा था। ममता बनर्जी जानती हैं कि 'बंगाली अस्मिता' का कार्ड खेलकर वे केंद्र के किसी भी दबाव को सियासी फायदे में बदल सकती हैं।
बंगाली बनाम बाहरी: नया दांव
रैली में ममता ने एक बार फिर क्षेत्रीय गौरव को हवा दी। उन्होंने कहा कि जो लोग बंगाली में बात करते हैं, उन्हें बीजेपी के लोग 'बांग्लादेशी' घोषित कर देते हैं।
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रोहिंग्या का डर: उन्होंने पूछा कि अगर असम में रोहिंग्या नहीं हैं, तो वहां SIR क्यों नहीं शुरू हुआ? बंगाल को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?
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दिल्ली पर नजर: ममता ने साफ कर दिया कि बंगाल में टीएमसी की जीत तय है और इसके बाद उनका अगला मिशन दिल्ली से बीजेपी को बेदखल करना होगा।
आगे क्या?
ममता बनर्जी की यह रैली संकेत है कि आने वाले दिन बंगाल में बेहद अशांत होने वाले हैं। 'पेन ड्राइव' वाले दावे ने बीजेपी को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ममता वाकई उन सबूतों को सार्वजनिक करती हैं या यह केवल एक बड़ा राजनीतिक दांव है।
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