Koderma Arrest: सरकारी स्कूल में छिपा था 'देशद्रोही' हथियारों का सौदागर, कोडरमा पुलिस ने बोरे से निकालीं 2 कार्बाइन और राइफल

कोडरमा के सतगावां में पुलिस ने बिहार के एक कुख्यात हथियार तस्कर को दो देसी कार्बाइन और राइफलों के साथ दबोच लिया है। सरकारी स्कूल में हथियारों के जखीरे के साथ छिपे इस अपराधी और नालंदा के 'कौशल' से जुड़े उसके खतरनाक सिंडिकेट की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड-बिहार सीमा पर चल रही इस बड़ी साजिश से अनजान रह जाएंगे।

Feb 13, 2026 - 16:59
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Koderma Arrest: सरकारी स्कूल में छिपा था 'देशद्रोही' हथियारों का सौदागर, कोडरमा पुलिस ने बोरे से निकालीं 2 कार्बाइन और राइफल

कोडरमा, 13 फरवरी 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सतगावां पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक खतरनाक सदस्य को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रामेश्वर प्रसाद उर्फ राकेश साव एक सरकारी प्राथमिक स्कूल को अपना ठिकाना बनाकर वहां हथियारों के साथ छिपा हुआ था। पुलिस ने उसके पास से दो देसी कार्बाइन जैसे घातक हथियार बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े अपराधों या देशद्रोही गतिविधियों में होने की आशंका जताई जा रही है।

बोरे में मौत का सामान: स्कूल की दीवारें बनीं ढाल

गिरफ्तारी की यह कहानी किसी फ़िल्मी थ्रिलर से कम नहीं है।

  • संदिग्ध हलचल: पिछले कुछ दिनों से सतगावां के गजहड टोला इलाके में एक अनजान व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखा जा रहा था। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस के इनपुट ने रंग दिखाया।

  • छापेमारी और बरामदगी: एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने गजहड टोला स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में दबिश दी। वहां रामेश्वर प्रसाद एक बोरे के साथ मौजूद था। जब पुलिस ने बोरा खोला, तो अधिकारियों के होश उड़ गए।

  • जखीरा: बोरे के अंदर से दो देसी कार्बाइन, दो देसी राइफल, और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। साथ ही एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों के सुराग मिलने की उम्मीद है।

जहानाबाद का 'पुराना खिलाड़ी' और नालंदा कनेक्शन

पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार रामेश्वर प्रसाद बिहार के जहानाबाद जिले (काको ओपी) का रहने वाला है।

  1. आपराधिक इतिहास: वह पहले भी जहानाबाद में आर्म्स एक्ट के तहत जेल जा चुका है। उस पर सबसे गंभीर आरोप देशद्रोही गतिविधियों में शामिल होने का है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।

  2. मास्टरमाइंड 'कौशल' का हाथ: रामेश्वर ने खुलासा किया कि वह बिहार के नालंदा निवासी कौशल नामक व्यक्ति के साथ मिलकर पुराने हथियारों की मरम्मत और खरीद-बिक्री का काला कारोबार चला रहा था। वह यहाँ इन हथियारों की डिलीवरी देने या किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के मकसद से छिपा था।

कोडरमा गन-रैकेट: मुख्य बरामदगी (Seizure Snapshot)

विवरण संख्या/विवरण (Details)
देसी कार्बाइन 02 (अति घातक)
देसी राइफल 02
जिंदा कारतूस 05 राउंड
गिरफ्तार आरोपी रामेश्वर प्रसाद उर्फ राकेश साव
मुख्य सहयोगी कौशल (नालंदा, बिहार)

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता: किसे दी जानी थी डिलीवरी?

एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि फिलहाल आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह हथियार कोडरमा में किसे सप्लाई किए जाने थे। क्या इसका संबंध आने वाले समय में होने वाली किसी बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल या आपराधिक साजिश से है? पुलिस अब नालंदा के कौशल की तलाश में बिहार पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी कर रही है।

बड़ी साजिश नाकाम

कोडरमा पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक संभावित खूनखराबे को टाल दिया है। सरकारी स्कूल से हथियारों की बरामदगी ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है कि वे सरकारी भवनों की निगरानी बढ़ाएं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।