Dhanbad Arrest: प्रिंस खान का सबसे भरोसेमंद गुर्गा किशन खान रांची से गिरफ्तार, धनबाद SIT ने बिछाया था जाल, रंगदारी के काले साम्राज्य का खुलेगा बड़ा राज
कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के खासमखास गुर्गे किशन खान को धनबाद पुलिस ने रांची में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। व्यापारियों के नंबर बांटने से लेकर अपराधियों को पनाह देने तक, इस अपराधी के पूरे सिंडिकेट और SIT की गुप्त छापेमारी की रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप कोयलांचल के इस बड़े 'रंगदारी नेटवर्क' के सच से अनजान रह जाएंगे।
धनबाद, 13 फरवरी 2026 – कोयलांचल के संगठित अपराध और रंगदारी सिंडिकेट पर धनबाद पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। लंबे समय से फरार चल रहे और कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे वफादार गुर्गे किशन खान उर्फ तसलीम खान को पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने रांची से दबोच लिया है। किशन खान केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि प्रिंस खान गिरोह की वो 'आंख और कान' था, जो धनबाद के व्यापारियों की जानकारी गिरोह तक पहुँचाता था। सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में इस बड़ी कामयाबी का खुलासा किया।
रांची में बदला ठिकाना, पर नहीं बचा सका अपनी खाल
किशन खान बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 297/2025 और 11/2026 में मुख्य आरोपी था। वह कुर्मीडीह का रहने वाला है और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
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SIT की गुप्त छापेमारी: एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने टेक्निकल सेल की मदद से किशन खान का लोकेशन रांची में ट्रेस किया।
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टेक्निकल ट्रैप: जैसे ही पुलिस को पुख्ता सूचना मिली, टीम ने रांची में घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद लाया गया।
खुलासा: व्यापारियों की 'मुखबिरी' और पनाह देने का मास्टरमाइंड
पूछताछ के दौरान किशन खान ने जो राज उगले हैं, उससे पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
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सूचना तंत्र: किशन खान धनबाद के बड़े व्यापारियों के मोबाइल नंबर और उनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाता था। यही नंबर वह प्रिंस खान के गुर्गों को देता था ताकि उनसे रंगदारी मांगी जा सके।
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पनाह और पैसा: यह अपराधी बाहर से आने वाले शूटर्स को ठहरने की जगह देता था और उन्हें आर्थिक मदद (लॉजिस्टिक सपोर्ट) भी मुहैया कराता था।
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काली कमाई का निवेश: रंगदारी से जो करोड़ों रुपये वसूले जाते थे, किशन खान उन्हें जमीन और अन्य वैध दिखने वाले धंधों में 'इन्वेस्ट' करता था ताकि पैसे को सफ़ेद किया जा सके।
किशन खान गिरफ्तारी: मुख्य विवरण (Criminal Profile)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| नाम | किशन खान उर्फ तसलीम खान |
| गिरोह | प्रिंस खान (कुख्यात गैंगस्टर) |
| गिरफ्तारी स्थल | रांची (झारखंड) |
| बरामदगी | एक हाई-टेक एंड्रॉइड मोबाइल फोन |
| मुख्य आरोप | रंगदारी, मुखबिरी और अपराधियों को पनाह देना |
मोबाइल फोन खोलेगा कई सफ़ेदपोशों के राज!
पुलिस ने किशन खान के पास से एक एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किया है। पुलिस को शक है कि इस फोन में कई ऐसे व्हाट्सएप चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स हैं जो धनबाद के कुछ प्रभावशाली लोगों और सफेदपोशों के साथ उसके संबंधों की पोल खोल सकते हैं। सिटी एसपी ने साफ कहा है कि इस गिरोह की निशानदेही पर अभी कई और बड़ी गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
किशन खान की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि धनबाद पुलिस अब जिले की सीमा के बाहर भी अपराधियों को ढूंढ निकालने में सक्षम है। प्रिंस खान गिरोह की यह 'अहम कड़ी' टूटने से रंगदारी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
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