Khunti Murder: छऊ मेला देखने गए दो किशोरों का पत्थर से कूचकर खौफनाक कत्ल, मरासूक पहाड़ पर शव छिपाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार!
खूंटी के साइको थाना क्षेत्र में छऊ नृत्य मेला देखने गए विशाल पाहन और सुशी मुंडू की पत्थर से कूचकर हुई नृशंस हत्या का सनसनीखेज सच सामने आया है। एसआईटी की छापेमारी और तीन हत्यारों की लाइव गिरफ्तारी की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी, 27 मई 2026 – झारखंड के ऐतिहासिक और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध खूंटी जिले के साइको थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज, रोंगटे खड़े कर देने वाली और खौफनाक खबर सामने आई है। यहाँ बीते दिनों लापता हुए दो नाबालिग किशोरों के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (Double Murder Case) का खूंटी पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर लाइव ऑन-फील्ड पर्दाफाश कर दिया है। खूंटी के पुलिस कप्तान (SP) ऋषभ गर्ग के कड़े विधिक निर्देशों पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस दोहरे कत्ल में शामिल तीन शातिर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के तहत इस खूनी वारदात को अंजाम देकर दोनों किशोरों के शवों को साक्ष्य छुपाने के इरादे से सुदूर मरासूक पहाड़ की झाड़ियों में फेंक दिया गया था। पुलिस की इस बड़ी विधिक कामयाबी और हत्यारों की सलाखों के पीछे रवानगी के बाद से पूरे साइको अंचल के भयभीत ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
कत्ल की लाइव इनसाइड स्टोरी: मेले की रौनक के बीच अगवा हुए किशोर, पहाड़ी पर मिला खून का निशान
खूंटी कलेक्टरेट, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कार्यालय और साइको थाना के आंतरिक खुफिया विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी वारदात बेहद सुनियोजित और क्रूरता की सारी हदें पार करने वाली थी।
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छऊ नृत्य देखने गए थे दोनों दोस्त: बीते 17 मई की रात साइको गांव में पारंपरिक छऊ नृत्य मेले का आयोजन किया गया था। गांव के ही रहने वाले दो जिगरी दोस्त विशाल पाहन (17 वर्ष) और सुशी मुंडू (17 वर्ष) इस मेले की रौनक देखने घर से निकले थे। लेकिन जब देर रात तक दोनों वापस नहीं लौटे, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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मरासूक पहाड़ पर खौफनाक मंजर: परिजनों की लंबी खोजबीन के बाद साइको गांव के समीप स्थित मरासूक पहाड़ी इलाके के एकांत पत्थरों के बीच दोनों किशोरों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी।
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पत्थर और टांगी से क्रूर हमला: एसपी ऋषभ गर्ग ने आधिकारिक प्रेस मीट में बताया कि आरोपियों ने पहले दोनों किशोरों को सुनसान रास्ते में घेरा। इसके बाद भारी पत्थरों से उनके सिर को बेरहमी से कूच दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मेला आयोजनों में अनिवार्य पुलिस बल और ग्रामीण सर्विलांस नेटवर्क समय की मांग
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग की तत्परता और साइको थाना पुलिस द्वारा दुरजन मांकरी, गोमेया सोय और बुचराम सोय नामक तीनों हत्यारों की गिरफ्तारी कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा माइलस्टोन है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सनी टांगी, चप्पल, मिट्टी और खून से सने कपड़े बरामद कर फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिए हैं। लेकिन केवल आरोपियों को जेल भेजना इस डार्क ट्रेंड का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक युग में खूंटी जिला प्रशासन और जनजातीय कल्याण विभाग को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए ग्रामीण अंचलों में होने वाले सभी पारंपरिक रात्रिकालीन मेलों में 'अनिवार्य विधिक पुलिस गश्त' और अस्थाई पुलिस चौकियां स्थापित करनी होंगी। इसके साथ ही, मरासूक जैसे संवेदनशील पहाड़ी रूटों पर विलेज डिफेंस कमेटियों को सक्रिय करना होगा, तभी खूंटी के इस ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शांतिप्रिय भूभाग को रंजिश के इस डार्क और खूनी इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकेगा।
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