Garhwa Tragedy: लकड़ी चुनने गईं दो सगे पड़ोसियों की मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत, रातभर तलाश के बाद सुबह पानी में तैरते मिले शव!
गढ़वा के नगर उंटारी में भीषण गर्मी के बीच बहवा पहाड़ पर लकड़ी चुनने गईं दो मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस खूनी तालाब के पुराने डार्क इतिहास और ग्रामीणों की सुरक्षा मांग की पूरी लाइव ऑन-फील्ड विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
गढ़वा, 27 मई 2026 – झारखंड के पलामू प्रमंडल अंतर्गत गढ़वा जिले के नगर उंटारी (श्री बंशीधर नगर) थाना क्षेत्र से एक ऐसी रूह कँपा देने वाली, दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे कोल्हान और पलामू अंचल को हिलाकर रख दिया है। नगर उंटारी के पतरिहा कलां गांव स्थित हरिजन टोला की दो मासूम बच्चियां जो मंगलवार की सुबह घर से चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियां चुनने निकली थीं, वे कभी वापस लौटकर अपने घर नहीं आ सकीं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की तपिश से बेहाल होकर राहत पाने के लिए दोनों मासूम एक स्थानीय तालाब में नहाने उतरी थीं, जहाँ गहरे पानी के दलदल में समा जाने से दोनों की तड़पकर मौत हो गई। मंगलवार रातभर चले सघन ऑन-फील्ड सर्च ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह दोनों के शव पानी में तैरते पाए गए, जिसके बाद से पूरे हरिजन टोला में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: पहाड़ पर लकड़ियां तो चुन लीं, पर काल बन गया गांव का वो गहरा पानी
नगर उंटारी कलेक्टरेट, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विंग और पतरिहा कलां पंचायत के आंतरिक खुफिया सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह हादसा बेहद विचलित करने वाला और झकझोर देने वाला है।
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सुबह 9 बजे से थीं लापता: हरिजन टोला निवासी राजू राम की 8 वर्षीय बेटी प्रियांशु कुमारी और परमेश्वर राम की 10 वर्षीय बेटी रेशमा कुमारी मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बहवा पहाड़ की ओर गई थीं। जब देर शाम तक दोनों मासूम घर नहीं लौटीं, तो परिजनों की धड़कनें बढ़ गईं और ग्रामीणों ने लाठी-टॉर्च लेकर रातभर जंगलों और पहाड़ों में तलाश की।
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सुबह बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर: बुधवार की सुबह गांव के ही कुछ छोटे बच्चे जब तालाब की तरफ गए, तो उन्होंने प्रियांशु और रेशमा के शवों को पानी के ऊपर उतराते देखा। शोर मचते ही सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और शवों को बाहर निकाला गया।
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पुलिस की विधिक कार्रवाई: घटना की लाइव सूचना मिलते ही एसडीपीओ सतेंद्र सिंह और थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों मासूम बच्चियों के शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और अस्वाभाविक मृत्यु (UD Case) के तहत विधिक जांच शुरू कर दी है।
जलाशयों की सुरक्षा घेराबंदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 'समर वेकेशन गार्ड्स' की तैनाती समय की मांग
एसडीपीओ सतेंद्र सिंह के नेतृत्व में नगर उंटारी थाना पुलिस ने जिस मुस्तैदी से दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा है, वह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन दो मासूमों की मौत के बाद जागे प्रशासन को अब इस खूनी इतिहास को बदलना होगा। 2026 के इस दौर में गढ़वा जिला प्रशासन और स्थानीय बीडीओ (BDO) को तुरंत संज्ञान लेते हुए आपदा प्रबंधन कोष से इस तालाब के चारों ओर पक्की घेराबंदी करानी होगी और तत्काल प्रभाव से चेतावनी बोर्ड इंस्टॉल करने होंगे। इसके साथ ही, स्थानीय युवा कमिटियों के माध्यम से दोपहर के समय बच्चों को तालाबों की तरफ जाने से रोकने के लिए ऑन-फील्ड गश्त लगानी होगी, तभी गढ़वा के इस ऐतिहासिक, ग्रामीण और अभावग्रस्त अंचल को इन मासूमों की जलसमाधि के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकेगा।
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