Jamshedpur Protest: SBI से सुरक्षा कर्मियों की अचानक छुट्टी पर भड़का महा-आक्रोश, झामुमो नेता बब्बन राय ने किया DC दफ्तर पर आर-पार की जंग का ऐलान
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से सुरक्षा कर्मियों को अचानक हटाए जाने के बाद जमशेदपुर में बवाल मच गया है। झामुमो नेता बब्बन राय के नेतृत्व में आगामी शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पर होने वाले इस महा-आंदोलन और लाइव ऑन-फील्ड इनसाइड रिपोर्ट को यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 27 मई 2026 – झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर में देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) प्रबंधन के एक कथित एकतरफा फैसले के खिलाफ भारी विधिक और राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। एसबीआई के विभिन्न शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में मुस्तैदी से अपनी सेवा दे रहे दर्जनों सुरक्षा कर्मियों (Security Guards) को बिना किसी पूर्व लिखित सूचना या आधिकारिक नोटिस के अचानक नौकरी से बाहर कर दिया गया है। इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई से आक्रोशित पीड़ित जवानों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सीधे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष बब्बन राय के दरबार में पहुंचा। कर्मचारियों ने अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाते हुए झामुमो नेता को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद कोल्हान के इस कद्दावर नेता ने सीधे बैंक प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। इस मामले को लेकर आगामी शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे से जमशेदपुर उपायुक्त (DC) कार्यालय के समक्ष एक विशाल एक दिवसीय धरने का लाइव ऐलान किया गया है।
आंदोलन की लाइव इनसाइड स्टोरी: बिना नोटिस बाहर हुए गार्ड्स, बब्बन राय का अल्टीमेटम
पूर्वी सिंहभूम जिला कलेक्टरेट और झामुमो श्रमिक विंग के आंतरिक खुफिया सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह विवाद अब एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकट बनने जा रहा है।
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रोजी-रोटी पर अचानक प्रहार: प्रभावित सुरक्षा कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने वर्षों तक बैंक की संपत्तियों और वीआईपी चेस्ट की सुरक्षा की। लेकिन प्रबंधन ने अचानक एक ही झटके में उन्हें ड्यूटी पर आने से मना कर दिया, जिससे उनके चूल्हे बुझने की यातना शुरू हो गई है।
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डीसी दफ्तर पर महा-घेराव: झामुमो नेता बब्बन राय ने इस कदम को पूरी तरह मजदूर विरोधी और अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि कारपोरेट तानाशाही को झारखंड की धरती पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगामी शुक्रवार को जिला प्रशासन और एसबीआई मैनेजमेंट को घुटने पर लाने के लिए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई है।
अनिवार्य श्रम नियमों का अनुपालन और त्रिपक्षीय वार्ता के जरिए ससम्मान बहाली समय की मांग
झामुमो नेता बब्बन राय के कड़े रुख और प्रभावित सुरक्षा कर्मियों के इस आक्रोश ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। 2026 के इस आधुनिक और डिजिटल बैंकिंग युग में जहाँ सुरक्षा सबसे संवेदनशील पहलू है, वहाँ इन जांबाज गार्डों को सड़क पर लाकर खड़ा करना एक गंभीर प्रशासनिक भूल है। जिला श्रम अधीक्षक (Labor Superintendent) और जमशेदपुर उपायुक्त को तुरंत संज्ञान लेते हुए इस आगामी शुक्रवार के महा-धरने से पहले एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM), सुरक्षा वेंडर्स के प्रमोटर्स और झामुमो प्रतिनिधिमंडल के बीच एक 'त्रिपक्षीय आपातकालीन बैठक' बुलानी चाहिए। जब तक इन सुरक्षा कर्मियों को ससम्मान नौकरी पर वापस नहीं लिया जाता और श्रम कानूनों के तहत इन्हें विधिक सुरक्षा गारंटी नहीं दी जाती, तब तक जमशेदपुर के इस ऐतिहासिक, श्रमिक बहुल और जागरूक भूभाग को कॉरपोरेट छंटनी के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
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