Jharkhand Gift: होली से पहले महिलाओं के खाते में 5000 रुपये, सरकार ने किया बड़ा ऐलान!
झारखंड की महिलाओं के लिए होली का बड़ा तोहफा! मुख्यमंत्री मंईंया सम्मान योजना के तहत 15 मार्च तक 5000 रुपये उनके खाते में भेजे जाएंगे। जानिए पूरी खबर!

रांची: झारखंड की महिलाओं के लिए इस बार की होली खास होने वाली है! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने मंईंया सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं के खाते में जनवरी और फरवरी की राशि एक साथ डालने का फैसला किया है। यानी होली से पहले हर लाभार्थी महिला के खाते में 5000 रुपये पहुंच जाएंगे। यह ऐलान झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंत्री चमरा लिंडा ने किया, जिससे महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
कब आएंगे पैसे? सरकार ने दी पूरी जानकारी!
मंत्री चमरा लिंडा ने सदन में जानकारी दी कि 15 मार्च तक लाभुकों के खाते में 5000 रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। वहीं, मार्च महीने की राशि भी जल्द भेजी जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि महिलाएं इस बार की होली बिना किसी आर्थिक परेशानी के मना पाएंगी।
क्या है मुख्यमंत्री मंईंया सम्मान योजना?
झारखंड सरकार की "मुख्यमंत्री मंईंया सम्मान योजना" महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए शुरू की गई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत हर महिला को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे। लेकिन बाद में सरकार ने इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया। हालांकि, राशि बढ़ाने के बाद से अब तक महिलाओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिला था।
भाजपा विधायक ने सरकार पर साधा निशाना!
सदन में भाजपा विधायक सीपी सिंह ने इस योजना के भुगतान में देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि "अगर होली से पहले महिलाओं को यह राशि मिल जाती है, तो वे भी खुशी-खुशी त्योहार मना पाएंगी।" इस पर मंत्री चमरा लिंडा ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि सभी लाभुक महिलाओं को होली से पहले यह राशि मिल जाएगी।
क्यों चर्चा में रही यह योजना?
- महिलाओं को दिसंबर के बाद से इस योजना की राशि नहीं मिली थी, जिससे हजारों महिलाएं नाराज थीं।
- राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये तो कर दी गई, लेकिन अब तक यह नई राशि सिर्फ एक बार ही लाभार्थियों को मिली थी।
- कई महिलाएं इस योजना की अनियमितताओं को लेकर सरकार से सवाल पूछ रही थीं।
- विपक्ष का आरोप था कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।
क्या कहती है झारखंड में महिलाओं की स्थिति?
झारखंड में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति हमेशा से चिंता का विषय रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड की 42% महिलाएं गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती हैं। ऐसे में मंईंया सम्मान योजना जैसी योजनाएं उनके लिए आर्थिक संबल का काम कर सकती हैं।
इतिहास पर नजर डालें तो झारखंड की पहली महिला मुख्यमंत्री रही अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा ने भी महिलाओं के लिए कई योजनाओं की वकालत की थी। लेकिन हकीकत यह है कि आज भी महिलाओं को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
अब महिलाओं को होगी होली की "डबल खुशी"!
सरकार के इस फैसले के बाद महिलाओं में उम्मीद की नई किरण जगी है। उन्हें अब होली से पहले 5000 रुपये की सौगात मिलेगी, जिससे वे अपनी होली को रंगीन बना सकेंगी।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार आगे भी इस योजना को नियमित रख पाएगी? क्या महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये समय पर मिलेंगे? या फिर यह सिर्फ चुनावी वादा बनकर रह जाएगा?
अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर!
अब देखना यह होगा कि सरकार इस योजना को भविष्य में भी सुचारू रूप से चला पाती है या नहीं। फिलहाल, झारखंड की महिलाओं के लिए होली से पहले 5000 रुपये का यह तोहफा किसी खुशखबरी से कम नहीं है!
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