Jharkhand Weather : झारखंड में 21 मार्च तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 50 की रफ्तार से चलेगी आंधी

झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम ने करवट ली है। 21 मार्च तक रांची, जमशेदपुर और कोल्हान समेत कई जिलों में गर्जन और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। बिजली गिरने के खतरे और मौसम विभाग की नई एडवाइजरी की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

Mar 17, 2026 - 16:31
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Jharkhand Weather : झारखंड में 21 मार्च तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 50 की रफ्तार से चलेगी आंधी
Jharkhand Weather : झारखंड में 21 मार्च तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 50 की रफ्तार से चलेगी आंधी

रांची/जमशेदपुर, 17 मार्च 2026 – झारखंड के आसमान पर एक बार फिर कुदरत का कहर मंडराने लगा है। राज्य में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने मौसम का नक्शा ही बदल दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 18 से 21 मार्च तक झारखंडवासियों को बारिश और ओलावृष्टि (Hails) से फिलहाल कोई राहत मिलने वाली नहीं है। कोल्हान से लेकर संथाल परगना तक, बादलों की गर्जन और तेज आंधी ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर किसान भाई अपनी फसलों को लेकर दहशत में हैं, क्योंकि 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं भारी नुकसान पहुँचा सकती हैं।

अगले 48 घंटे: कहाँ-कहाँ गिरेगी बिजली और ओले?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड के अधिकांश जिलों में 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है।

  • 18 मार्च (बुधवार): पलामू प्रमंडल के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश होने का अनुमान है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी चल सकती है।

  • तात्कालिक अलर्ट: गुमला, लातेहार, लोहरदगा, बोकारो, धनबाद, दुमका, पाकुड़, रांची और रामगढ़ में अगले कुछ घंटों के भीतर वज्रपात (Lightning) के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।

  • सावधानी की अपील: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।

तापमान और बारिश के ताजा आंकड़े: कहाँ कितनी हुई वर्षा?

पिछले 24 घंटों में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रंग देखने को मिले।

  1. गर्मी और राहत: डाल्टेनगंज में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जबकि खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

  2. भारी बारिश: पूर्वी सिंहभूम के गोड़ाबांदा में सबसे अधिक 37.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। जमशेदपुर में भी 2.8 एमएम बारिश के साथ तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

  3. हवा की रफ्तार: 19 और 20 मार्च को हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे रहने वाली है, जो कमजोर छप्परों और पेड़ों को नुकसान पहुँचा सकती है।

झारखंड में मार्च की बारिश और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

झारखंड के मौसम का इतिहास बताता है कि मार्च का महीना अक्सर 'अनिश्चितताओं' से भरा रहता है।

  • छोटा नागपुर का पठार: भौगोलिक रूप से झारखंड एक पठारी क्षेत्र है, जहाँ बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं का मिलन अक्सर 'थंडरस्टॉर्म' (Thunderstorm) पैदा करता है।

  • ऐतिहासिक पैटर्न: पिछले 15 वर्षों का डेटा देखें तो 2014 और 2020 में भी मार्च के महीने में इसी तरह का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना था, जिसने रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया था।

  • कोल्हान का मिजाज: जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में मार्च में होने वाली इस बारिश को स्थानीय लोग 'छिटपुट राहत' कहते थे, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण अब यह ओलावृष्टि और जानलेवा वज्रपात में तब्दील हो गई है। इतिहास गवाह है कि झारखंड में बिजली गिरने से होने वाली मौतों का आंकड़ा मार्च और अप्रैल में अचानक बढ़ जाता है, यही कारण है कि मौसम विभाग अब अधिक सतर्कता बरत रहा है।

21 मार्च तक का रोडमैप: इन जिलों के लोग रहें सावधान

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 21 मार्च तक रांची, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, साहेबगंज, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां समेत पूरे राज्य में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

  • कृषि सलाह: किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में सिंचाई फिलहाल रोक दें।

  • यातायात: आंधी के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि दृश्यता (Visibility) अचानक कम हो सकती है।

झारखंड में बदला हुआ यह मौसम केवल गर्मी से राहत नहीं, बल्कि अपने साथ ओलों और बिजली का खतरा भी लाया है। 21 मार्च तक का यह अलर्ट बताता है कि प्रकृति अपना संतुलन बना रही है, लेकिन आम जनजीवन के लिए यह समय 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' वाला है। चाहे आप रांची की सड़कों पर हों या कोल्हान के खेतों में, आसमान की हलचल पर नजर रखना ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।