Jamtara Snatching : जामताड़ा में ईद के दिन दुस्साहस, घर के बाहर महिला के कान से सोने के जेवर लूटे
जामताड़ा के सरखेलडीह में ईद के दिन दिनदहाड़े झपटमारी की खौफनाक वारदात हुई है। बाइक सवार बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी महिला के कान से 2 लाख की बाली झपट ली। वारदात में महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज की पूरी जानकारी यहाँ देखें।
जामताड़ा/झारखंड, 17 मार्च 2026 – झारखंड का जामताड़ा जिला, जो अक्सर साइबर अपराधों के लिए चर्चा में रहता है, वहां अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे दिनदहाड़े रिहायशी इलाकों में खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ईद के पावन मौके पर जब पूरा शहर खुशियां मना रहा था, तभी जामताड़ा थाना क्षेत्र के सरखेलडीह मोहल्ले में एक झपटमारी की ऐसी घटना हुई जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। घर के बाहर कपड़े सुखा रही एक महिला को निशाना बनाकर बाइक सवार बदमाशों ने न केवल लाखों के जेवर लूटे, बल्कि उसे शारीरिक रूप से लहूलुहान भी कर दिया।
वारदात का मंजर: सेकंडों में लूटे 2 लाख के जेवर
यह घटना उस वक्त हुई जब इकबाल अंसारी की पत्नी अपने घर की दहलीज के पास दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं।
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अचानक हमला: दो युवक बाइक पर सवार होकर आए और रेकी करने के बाद अचानक महिला के कान की बाली पर झपट्टा मारा।
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गंभीर चोट: झपट्टा इतनी तेजी और ताकत से मारा गया था कि महिला के कान का हिस्सा फट गया और तेजी से खून बहने लगा। जब तक महिला शोर मचाती, बदमाश आंखों से ओझल हो चुके थे।
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कीमती लूट: परिजनों के अनुसार, छीनी गई सोने की बाली की कीमत करीब 2 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ईद के दिन हुए इस आर्थिक और शारीरिक नुकसान ने परिवार को सदमे में डाल दिया है।
स्थानीय आक्रोश: "क्या घर के बाहर भी सुरक्षित नहीं महिलाएं?"
जैसे ही यह खबर सरखेलडीह में फैली, स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
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सुरक्षा पर सवाल: मोहल्ले के लोगों का कहना है कि अगर दिन के उजाले में घर के बाहर महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो पुलिसिया गश्ती का क्या मतलब है?
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कानून-व्यवस्था: लोगों ने जामताड़ा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि त्योहारों के समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है।
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जांच की मांग: मौके पर पहुँचे जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने लोगों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया गया है।
जामताड़ा का भौगोलिक महत्व और बदलता अपराध तंत्र
जामताड़ा ऐतिहासिक रूप से 'वीर भूमि' का हिस्सा रहा है और यहाँ की सामाजिक संरचना हमेशा से बहुत मजबूत रही है।
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अपराध का नया चेहरा: पिछले दो दशकों में जामताड़ा का नाम 'फिशिंग' और 'साइबर क्राइम' के कारण वैश्विक मानचित्र पर आया। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब-जब साइबर पुलिस का शिकंजा कसता है, तब-तब स्थानीय अपराधियों का झुकाव 'स्ट्रीट क्राइम' (जैसे झपटमारी और लूट) की ओर बढ़ जाता है।
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त्योहारों का इतिहास: जामताड़ा में ईद और अन्य प्रमुख त्योहारों पर हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और शांति का इतिहास रहा है। पुराने समय में त्योहारों के दौरान लोग अपने घरों के दरवाजे खुले रखते थे, लेकिन हाल के वर्षों में नशे की लत और कम समय में अमीर बनने की चाहत ने स्थानीय युवाओं को अपराधी बना दिया है। सरखेलडीह जैसे रिहायशी इलाकों में इस तरह की 'स्नैचिंग' की वारदातें यह याद दिलाती हैं कि शहर की पुरानी शांति अब खतरे में है। 2021 में भी ईद के आसपास ऐसी ही एक घटना शहर के मुख्य बाजार में दर्ज हुई थी, जिसके बाद लंबे समय तक पुलिस की सघन चेकिंग चली थी।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज ही आखिरी उम्मीद
थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने बताया कि पुलिस अपराधियों के भागने के रूट को ट्रैक कर रही है।
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डिजिटल सबूत: सरखेलडीह और मुख्य सड़क की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। कुछ फुटेज में बाइक सवार संदिग्धों की हल्की झलक मिली है।
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गश्त बढ़ाने का वादा: पुलिस ने मोहल्लेवासियों को भरोसा दिया है कि शाम के वक्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी।
जामताड़ा की यह घटना एक अलार्म है। ईद की खुशियों के बीच एक महिला का लहूलुहान होना समाज की सुरक्षा पर गहरा घाव है। 2 लाख की बाली की भरपाई तो हो सकती है, लेकिन जिस खौफ ने सरखेलडीह के लोगों के मन में घर किया है, उसे निकालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्या जामताड़ा पुलिस इन बदमाशों को पकड़कर मिसाल पेश करेगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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