Jugsalai Crackdown: जुगसलाई में फायरिंग करने वाला 'खदबद' गिरफ्तार, लोडेड पिस्टल और खोखा बरामद, बड़े गैंग का पर्दाफाश
जमशेदपुर के जुगसलाई में फायरिंग करने वाले कुख्यात आरोपी शेख अफरीदी उर्फ खदबद को पुलिस ने अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आर्म्स पेडलर गिरोह से जुड़े इस अपराधी की गिरफ्तारी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम, 28 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी थी। लेकिन जुगसलाई पुलिस ने 48 घंटे के भीतर इस मामले का पर्दाफाश करते हुए एक कुख्यात अपराधी को अवैध हथियारों के साथ दबोच लिया है। पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों के बाद गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर 'खदबद' को गिरफ्तार किया, जो न केवल फायरिंग की घटना में शामिल था बल्कि शहर के एक बड़े आर्म्स पेडलर गिरोह का सक्रिय सदस्य भी है।
आधी रात को गूंजी गोलियां: काबुली नाला के पास से हुई गिरफ्तारी
जुगसलाई की गरीब नवाज कॉलोनी में रविवार की रात करीब 10:12 बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी।
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त्वरित एक्शन: सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की।
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घेराबंदी और पकड़: पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर काबुली नाला के पास से शेख अफरीदी उर्फ खदबद (19 वर्ष) को धर दबोचा। वह इसी कॉलोनी का निवासी है और फायरिंग के बाद भागने की फिराक में था।
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हथियार बरामद: पुलिस ने आरोपी के पास से एक लोहे की देशी पिस्टल बरामद की है। साथ ही, घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखे (इस्तेमाल किए गए कारतूस) भी जब्त किए हैं।
आर्म्स पेडलर का खौफनाक नेटवर्क: एनडीपीएस से पिस्टल तक का सफर
गिरफ्तार आरोपी 'खदबद' कोई मामूली अपराधी नहीं है। पुलिस जांच में उसके खतरनाक संबंधों का खुलासा हुआ है।
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संगठित गिरोह: पुलिस के मुताबिक, शेख अफरीदी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़ा है। यह गिरोह शहर के युवाओं को सस्ते दाम पर हथियार उपलब्ध कराता है।
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आपराधिक इतिहास: मात्र 19 साल की उम्र में ही अफरीदी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में (NDPS Act) जेल जा चुका है। नशे के काले कारोबार से शुरू हुआ उसका सफर अब हथियारों की तस्करी तक पहुँच गया है।
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नई धाराएं: इस बार पुलिस ने उस पर बीएनएस (BNS) की धारा 111 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जो उसके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है।
पुलिस की चेतावनी: रडार पर हैं हथियार सप्लायर
इस सफल अभियान के बाद पुलिस अब उन 'बड़े नामों' की तलाश कर रही है जो शहर में अवैध हथियारों की खेप उतार रहे हैं।
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नेटवर्क खंगाल रही पुलिस: पुलिस अफरीदी के मोबाइल कॉल्स और संपर्कों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने यह पिस्टल कहाँ से खरीदी थी।
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जीरो टॉलरेंस: जमशेदपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि आर्म्स एक्ट के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शहर में गश्त और संदिग्धों की जांच और तेज कर दी गई है।
जुगसलाई पुलिस की यह कामयाबी जमशेदपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर एक लगाम है। 'खदबद' की गिरफ्तारी ने उस गिरोह की कमर तोड़ दी है जो शहर में फायरिंग कर दहशत का माहौल बनाना चाहता था। जुगसलाई जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में ऐसी त्वरित कार्रवाई न केवल व्यापारियों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि अपराधियों को भी कड़ा संदेश देती है। फिलहाल, शेख अफरीदी जेल की सलाखों के पीछे है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में शहर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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