Jharkhand Violence: शिवरात्रि के झंडे को लेकर बवाल, पत्थरबाजी और आगजनी से सहमा हजारीबाग!

झारखंड के हजारीबाग में महाशिवरात्रि के झंडे को लेकर भड़की हिंसा, दो समुदायों में पत्थरबाजी और आगजनी से कई घायल। पुलिस ने इलाके में तैनात की फोर्स, जांच जारी।

Feb 26, 2025 - 14:46
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Jharkhand Violence: शिवरात्रि के झंडे को लेकर बवाल, पत्थरबाजी और आगजनी से सहमा हजारीबाग!
Jharkhand Violence: शिवरात्रि के झंडे को लेकर बवाल, पत्थरबाजी और आगजनी से सहमा हजारीबाग!

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में महाशिवरात्रि के झंडे और चोंगा लगाने को लेकर भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। मामला इचाक थाना क्षेत्र के डुमरौन स्थित हिंदुस्तान चौक का है, जहां मंगलवार रात दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी की।

 

इस हिंसक झड़प में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, एक दुकान में भी आग लगा दी गई, और कई लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

आखिर शिवरात्रि के झंडे को लेकर क्यों भड़की हिंसा?

महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसमें शिव भक्त मंदिरों और चौक-चौराहों पर झंडे और चोंगा लगाते हैं। इसी परंपरा के तहत डुमरौन चौक पर झंडा लगाने के दौरान दोनों समुदायों में विवाद हो गया। पहले कहासुनी हुई, फिर यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

इस दौरान लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और देखते ही देखते इलाके में आगजनी शुरू हो गई। दो मोटरसाइकिल, एक कार, एक टेंपो और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

इलाके में दहशत, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है। पूरे इलाके में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा कोई हिंसक घटना न हो।

पुलिस ने कहा कि—
इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घायलों को प्राथमिक इलाज दिया जा रहा है।

झारखंड में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

झारखंड में धार्मिक झंडों और धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी रामनवमी, महाशिवरात्रि और अन्य पर्वों के दौरान झड़प की घटनाएं हो चुकी हैं।

2022 में भी रामनवमी के दौरान हजारीबाग और लोहरदगा में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। झारखंड के कई जिलों में ऐसे विवाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज और अफवाहों के चलते भी बढ़ते हैं।

क्या था असली कारण?

अब सवाल यह उठता है कि—
क्या विवाद सिर्फ झंडा लगाने को लेकर था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी?
क्या किसी ने माहौल बिगाड़ने के लिए जानबूझकर तनाव फैलाया?
क्या यह धार्मिक उन्माद फैलाने की कोई सोची-समझी योजना थी?

पुलिस का दावा, जल्द होंगे खुलासे

फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि—
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में अमन-चैन बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

समाज को चाहिए शांति और सौहार्द

धार्मिक त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं समाज में नफरत फैलाने का काम करती हैं। हर समुदाय को मिल-जुलकर शांति और भाईचारे के साथ रहना चाहिए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।