Jamshedpur Suicide: पूजा से लौटे मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम!
जमशेदपुर के सोनारी में ठेका मजदूर राजेश धीवर ने दलमा पहाड़ पर पूजा करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार सदमे में, पुलिस जांच में जुटी। आखिर क्यों दी जान?

जमशेदपुर: सोनारी के निर्मलनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 33 वर्षीय ठेका मजदूर राजेश धीवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात दलमा पहाड़ पर पूजा करने गए राजेश ने घर लौटने के कुछ घंटों बाद ही खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह जब परिवारवालों ने उसका शव छत की पाइप से लटका देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पूजा से लौटकर खुदकुशी! आखिर क्यों?
मंगलवार शाम राजेश अपनी स्कूटी से दलमा पहाड़ पूजा करने गया था। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, दलमा पहाड़ को शक्ति और आध्यात्म का केंद्र माना जाता है, जहां लोग सुख-समृद्धि की कामना के लिए पूजा करने जाते हैं। लेकिन क्या राजेश वहां किसी मानसिक तनाव से मुक्ति की तलाश में गया था?
रात करीब 2 बजे जब वह घर लौटा, तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी आखिरी रात होगी। वह अपने कमरे में सोने चला गया, लेकिन कुछ घंटों बाद ही फांसी के फंदे पर झूलता मिला।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
बुधवार तड़के 4 बजे जब बड़ा भाई सुशांत धीवर मछली पकड़ने के लिए राजेश को जगाने गया, तो कमरे का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। राजेश छत की पाइप से रस्सी के सहारे लटका हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
राजेश के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जो अब अनाथ हो गए हैं। उसकी मौत से पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और परिजन इस सदमे को सहन नहीं कर पा रहे।
आखिर क्यों था राजेश गुमसुम?
परिवारवालों के मुताबिक, राजेश पिछले कुछ दिनों से बहुत गुमसुम और परेशान था। लेकिन उसने कभी किसी से अपनी परेशानी साझा नहीं की। यह भी कहा जा रहा है कि काम और आर्थिक तंगी की वजह से वह तनाव में था।
टाटा स्टील में करता था ठेका मजदूरी
राजेश टाटा स्टील में ठेका मजदूर था और साथ ही मछली पकड़कर बेचता था। मेहनती और सीधा-सादा स्वभाव होने के बावजूद, आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया?
क्या आत्महत्या से पहले के संकेत नजरअंदाज हुए?
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, आत्महत्या करने वाले लोग अक्सर इसके संकेत पहले ही दे देते हैं। जैसे-
अचानक गुमसुम रहना
सामाजिक रूप से खुद को अलग करना
किसी खास स्थान पर बार-बार जाना
मौत या आत्महत्या की बातें करना
क्या राजेश ने भी ऐसे संकेत दिए थे, लेकिन परिवार उन्हें समझ नहीं पाया?
पुलिस जांच में जुटी, लेकिन सवाल बरकरार...
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन राजेश की आत्महत्या से कई सवाल खड़े हो गए हैं—
क्या वह किसी कर्ज में डूबा था?
क्या वह पारिवारिक तनाव झेल रहा था?
क्या पूजा से लौटने के बाद उसके मन में कोई बदलाव आया था?
आत्महत्या समाधान नहीं!
विशेषज्ञों का मानना है कि डिप्रेशन और मानसिक तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लगातार गुमसुम रहता है या आत्महत्या की बातें करता है, तो उसे तुरंत काउंसलिंग की जरूरत होती है। परिवार और दोस्तों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए।
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