Jharkhand Weather: मॉनसून की विदाई से चौंका मौसम! झारखंड में 'गुलाबी ठंड' की दस्तक, सरकारी रिकॉर्ड से 23% ज्यादा बारिश, पूर्वी सिंहभूम बना सबसे बरसने वाला जिला, अगले 5 दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

भारतीय मौसम विभाग ने 13 अक्टूबर को झारखंड से आधिकारिक रूप से दक्षिण पश्चिम मॉनसून की विदाई की घोषणा कर दी है। 118 दिनों के मॉनसून में सामान्य से 23 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। पूर्वी सिंहभूम में सर्वाधिक वर्षा हुई। विदाई के साथ ही राज्य में गुलाबी ठंड का आसार दिखने लगा है।

Oct 13, 2025 - 15:39
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Jharkhand Weather: मॉनसून की विदाई से चौंका मौसम! झारखंड में 'गुलाबी ठंड' की दस्तक, सरकारी रिकॉर्ड से 23% ज्यादा बारिश, पूर्वी सिंहभूम बना सबसे बरसने वाला जिला, अगले 5 दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
Jharkhand Weather: मॉनसून की विदाई से चौंका मौसम! झारखंड में 'गुलाबी ठंड' की दस्तक, सरकारी रिकॉर्ड से 23% ज्यादा बारिश, पूर्वी सिंहभूम बना सबसे बरसने वाला जिला, अगले 5 दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

झारखंड के मौसम ने इस साल फिर से अपने मिजाज से सभी को हैरान किया हैआधिकारिक तौर पर आज, यानी 13 अक्टूबर को, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य से दक्षिण पश्चिम मॉनसून की विदाई की घोषणा कर दी है17 जून को राज्य में प्रवेश करने वाले मॉनसून ने सिर्फ राज्य को सराबोर ही नहीं किया, बल्कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की हैमॉनसून की विदाई के साथ ही क्षेत्र में गुलाबी ठंड का आसार दिखने लगा है, जो मौसम में एक सुखद बदलाव लाएगा

भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में मॉनसून सिर्फ एक मौसम नहीं है, बल्कि यह देश की कृषि और अर्थव्यवस्था का आधार हैझारखंड जैसे राज्य के लिए, जहां खेती मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर करती है, मॉनसून का अच्छा रहना एक शुभ संकेत हैइस साल मॉनसून की अवधि 118 दिनों की रही, जो अपने-आप में एक लंबी अवधि मानी जाती है

सामान्य से 23% ज्यादा वर्षा दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़े इस साल की बंपर बारिश की गवाही देते हैंमॉनसून ऋतु आधिकारिक रूप से जून से सितंबर तक मानी जाती है।

  • सामान्य वर्षा से अधिक: इस दौरान झारखंड में कुल 1198.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 1022.9 मिमी हैयह वर्षा सामान्य वर्षा की श्रेणी में आती है।

  • वास्तविक अवधि में बढ़ोतरी: मॉनसून की वास्तविक अवधि (17 जून से 13 अक्टूबर)** के बीच कुल वास्तविक वर्षा 1243.9 मिमी हुई, जो सामान्य वर्षा 1009.0 मिमी से 23 फीसदी अधिक रहायह वृद्धि राज्य के जल संसाधनों के लिए बेहद सकारात्मक मानी जा रही है

पूर्वी सिंहभूम बना सबसे अधिक वर्षा वाला जिला

मॉनसून के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में वर्षा का वितरण भी काफी असंतुलित रहा

  • अधिक वर्षा वाले जिले: राज्य के कुल 24 जिलों में से 8 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई

  • सबसे ज्यादा बारिश: इस बार मॉनसून के दौरान सबसे अधिक वर्षा वाला जिला पूर्वी सिंहभूम बना, जहां 1666.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई

  • सबसे कम बारिश: वहीं, एक जिले में कम वर्षा दर्ज की गई, जिसमें गोड्डा जिला शामिल हैगोड्डा में सिर्फ 750.5 मिमी वर्षा ही हुई

विदाई के बाद 'गुलाबी ठंड' की दस्तक

मॉनसून की विदाई के बाद अब राज्य का मौसम साफ और शुष्क होने की ओर बढ़ेगामौसम विभाग ने आगामी मौसम को लेकर भी कुछ भविष्यवाणियां की हैं

  • तापमान में बदलाव नहीं: अगले 5 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है

  • आंशिक बादल: 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा, लेकिन 15 से 17 अक्टूबर तक आंशिक बादल छाये रहने की संभावना हैहालांकि, कुल मिलाकर मौसम खुशनुमा रहेगा

गुलाबी ठंड का आसार शुरू होने से त्योहारों के इस मौसम में झारखंड के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम का मिजाज बेहतर होगा

आपकी राय में, सामान्य से अधिक वर्षा होने के बावजूद गोड्डा जैसे एक जिले में कम वर्षा दर्ज होने के पीछे मौसम विज्ञान के कौन से दो स्थानीय और क्षेत्रीय कारण हो सकते हैं?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।