Jharkhand Breaking: 8 समन अवहेलना मामले में सीएम कोर्ट में पेश, अदालत से मिली बड़ी राहत

रांची सिविल कोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पेशी! ईडी मामले में 7-7 हजार के मुचलके भरे। हाईकोर्ट से मिली व्यक्तिगत पेशी से छूट, अब किस तारीख को होगी अगली सुनवाई? जानें क्या है जमीन घोटाले से जुड़ा यह पूरा मामला और कोर्ट ने क्या शर्त रखी है।

Dec 6, 2025 - 15:02
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Jharkhand Breaking: 8 समन अवहेलना मामले में सीएम कोर्ट में पेश, अदालत से मिली बड़ी राहत
Jharkhand Breaking: 8 समन अवहेलना मामले में सीएम कोर्ट में पेश, अदालत से मिली बड़ी राहत

रांची, 6 दिसंबर 2025 – झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को रांची सिविल न्यायालय स्थित विशेष सांसद-विधायक न्यायालय में पेश हुए। न्यायाधीश सार्थक शर्मा की अदालत में मुख्यमंत्री ने सात-सात हजार रुपये के दो जमानती मुचलके दाखिल किए। इस दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई थी।

कोर्ट पहुंचे सीएम, बड़ी संख्या में रहे अधिवक्ता

मुख्यमंत्री के कोर्ट पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी पुलिस बल की उपस्थिति में हेमंत सोरेन ने अदालत में प्रवेश किया और सभी न्यायिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद सीधे अपने आवास लौट गए। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी मौजूद थे।

  • अगली सुनवाई: मुख्यमंत्री की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, अब मुख्यमंत्री को आगे की सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी और उसमें मुख्यमंत्री के स्थान पर अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखा जा सकता है।

प्रवर्तन निदेशालय मामले में उच्च न्यायालय से मिली बड़ी राहत

यह पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा 19 फरवरी 2024 को दर्ज की गई शिकायत से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन प्रकरण में भेजे गए आठ समन की अवहेलना की।

  • अनिवार्यता की समाप्ति: बीते 3 दिसंबर को झारखंड उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री को बड़ी राहत देते हुए परीक्षण के दौरान व्यक्तिगत पेशी की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। हालांकि, अदालत ने सिर्फ 6 दिसंबर को विशेष न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया था, जिसका पालन मुख्यमंत्री ने किया।

आवश्यकता होने पर होना पड़ेगा उपस्थित

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में परीक्षण न्यायालय मुख्यमंत्री की उपस्थिति आवश्यक समझेगा, तो उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। यह शर्त मुख्यमंत्री को मिली राहत के साथ जुड़ी हुई है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।