Jharkhand Inspection: बोर्ड परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण, एसडीओ ने दिए कड़े निर्देश!
झारखंड बोर्ड परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण, एसडीओ ने दिए कड़े निर्देश! नकल करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, जानें पूरी खबर।

जमशेदपुर: झारखंड में बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। धालभूम अनुमंडल की एसडीओ शताब्दी मजूमदार ने इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी!
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक और इंटरमीडिएट परीक्षा को पूरी तरह से नकलमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए डीसी अनन्य मित्तल ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इसी कड़ी में अनुमंडल पदाधिकारी शताब्दी मजूमदार ने ग्रेजुएट कॉलेज समेत कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा,
"यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।"
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मॉनिटरिंग
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। घाटशिला अनुमंडल के एसडीओ सुनील चंद्र, एलआरडीसी नीत निखिल सुरीन, एलआरडीसी धालभूम गौतम कुमार समेत सभी बीडीओ और सीओ भी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
सख्त निगरानी के लिए उठाए गए प्रमुख कदम:
परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण
स्टैटिक और पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की तैनाती
पुलिस बल की निगरानी
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
परीक्षा शेड्यूल और केंद्रों की संख्या
इस साल की माध्यमिक परीक्षा (10वीं बोर्ड) की पहली पाली सुबह 9:45 से 1:00 बजे तक और इंटरमीडिएट (12वीं बोर्ड) की परीक्षा 2:00 से 5:15 बजे तक हो रही है।
10वीं परीक्षा केंद्र:
- घाटशिला अनुमंडल - 26 केंद्र
- धालभूम अनुमंडल - 45 केंद्र
- कुल केंद्र: 71
12वीं परीक्षा केंद्र:
- घाटशिला अनुमंडल - 12 केंद्र
- धालभूम अनुमंडल - 23 केंद्र
- कुल केंद्र: 35
कितने छात्र दे रहे हैं परीक्षा?
इस साल परीक्षा में कुल 47,636 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं:
10वीं बोर्ड: 25,380 परीक्षार्थी
12वीं (Arts): 13,595 परीक्षार्थी
12वीं (Science): 4,697 परीक्षार्थी
12वीं (Commerce): 3,964 परीक्षार्थी
इतिहास में नकल पर हुई थी कड़ी कार्रवाई!
झारखंड में नकल पर सख्त कानून लागू करने की जरूरत तब महसूस हुई जब 1996 में बिहार बोर्ड परीक्षा के दौरान हुई सामूहिक नकल की तस्वीरें वायरल हुईं। इस घटना के बाद परीक्षा में सुरक्षा को मजबूत किया गया और झारखंड में भी सख्ती बढ़ाई गई।
अब नहीं चलेगा नकल का खेल!
झारखंड बोर्ड परीक्षाओं को पूर्णतः पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इस बार नकलचियों और अनुशासनहीन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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