Jamtara Raid: कैशबैक का जाल, जामताड़ा में फोन-पे से ठगी करने वाले 4 मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मैजिकपिन ऐप से खाली करते थे बैंक खाता

जामताड़ा पुलिस ने कैशबैक के नाम पर करोड़ों की चपत लगाने वाले 4 शातिर ठगों को धर दबोचा है। मैजिकपिन और फोन-पे के जरिए ₹1,999 के फर्जी मैसेज भेजकर बैंक खाते साफ करने के इस नए और खौफनाक तरीके की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस 'डिजिटल डकैती' के अगले शिकार बन सकते हैं।

Jan 14, 2026 - 19:37
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Jamtara Raid: कैशबैक का जाल, जामताड़ा में फोन-पे से ठगी करने वाले 4 मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मैजिकपिन ऐप से खाली करते थे बैंक खाता
Jamtara Raid: कैशबैक का जाल, जामताड़ा में फोन-पे से ठगी करने वाले 4 मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मैजिकपिन ऐप से खाली करते थे बैंक खाता

जामताड़ा, 14 जनवरी 2026 – साइबर अपराध की दुनिया का 'कैपिटल' कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। मकर संक्रांति के अवसर पर जहाँ लोग खुशियां मना रहे थे, वहीं जामताड़ा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़े साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त जानकारी के बाद राजेश मंडल (पुलिस निरीक्षक-सह-थाना प्रभारी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने जामताड़ा-करमाटांड़ मुख्य मार्ग पर फिल्मी स्टाइल में छापेमारी की। इस कार्रवाई में 4 ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है जो 'Magicpin' और 'PhonePe' जैसे भरोसेमंद ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहे थे।

छापेमारी का रोमांच: मुख्य मार्ग पर बिछाया गया जाल

पुलिस को खबर मिली थी कि करमाटांड़ इलाके के कुछ युवक सड़क किनारे बैठकर बड़ी ठगी की योजना बना रहे हैं।

  • सख्त घेराबंदी: टीम ने बिना समय गंवाए इलाके की घेराबंदी की और भागने की कोशिश कर रहे चार युवकों को दबोच लिया।

  • बरामदगी: इनके पास से 7 फर्जी मोबाइल, 10 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड और 1 पैन कार्ड बरामद किया गया है।

  • अपराधियों की कुंडली: गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अफजल अंसारी (30), मो. सहाबुद्दीन अंसारी उर्फ बुदीन (29), लालू मंडल (44) और गोविंद राणा (40) शामिल हैं।

ठगी का नया 'मोडस ऑपरेंडी': 1,999 का खतरनाक मैसेज

पकड़े गए अपराधियों ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसने साइबर विशेषज्ञों के भी होश उड़ा दिए हैं। ये ठग तकनीक का इस्तेमाल बैंक खाते में सेंध लगाने के लिए कर रहे थे:

  1. फर्जी कैशबैक: ठग 'Magicpin' ऐप के माध्यम से ग्राहकों को PhonePe पर ₹1,999 का कैशबैक मिलने का झांसा देते थे।

  2. कैशबैक एक्सेप्ट करना पड़ा भारी: जैसे ही कोई मासूम ग्राहक लालच में आकर इसे 'Accept' करता था, उसका पैसा जादुई तरीके से Magicpin ऐप में ट्रांसफर हो जाता था।

  3. गिफ्ट कार्ड का खेल: ठगी के पैसे से ये अपराधी तुरंत अलग-अलग ई-कॉमर्स साइट्स के 'गिफ्ट कार्ड' खरीदते थे और फिर उन्हें भारी कमीशन पर बाजार में बेचकर पैसे को व्हाइट कर लेते थे।

जामताड़ा साइबर गिरफ्तारी: मुख्य विवरण (Cyber Crime Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
गिरफ्तार अपराधी अफजल अंसारी, सहाबुद्दीन, लालू मंडल, गोविंद राणा
प्रमुख हथियार फर्जी मोबाइल, सिम और Magicpin ऐप
ठगी का तरीका ₹1,999 कैशबैक का फर्जी मैसेज
कांड संख्या 03/26 (दिनांक 14.01.2026)
बरामदगी 7 मोबाइल, 10 सिम, आधार और पैन कार्ड

इतिहास का पन्ना: जामताड़ा का 'साइबर डार्क' इतिहास और करमाटांड़ की कहानी

जामताड़ा जिला, विशेष रूप से करमाटांड़, पिछले दो दशकों से साइबर अपराध के गढ़ के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात रहा है। 2000 के दशक के उत्तरार्ध में यहाँ के युवकों ने फर्जी सिम कार्ड और 'फिशिंग' (Phishing) के जरिए बैंक अधिकारियों बनकर लोगों के ओटीपी पूछना शुरू किया था। इतिहास गवाह है कि जामताड़ा के अपराधियों ने अपनी तकनीक को समय के साथ बदला है। साल 2018-19 में नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज 'जामताड़ा' ने यहाँ की ठगी के कारनामों को घर-घर पहुँचा दिया था। पहले ये ठग केवल 'केवाईसी' अपडेट के नाम पर कॉल करते थे, लेकिन अब इन्होंने 'मैजिकपिन' और 'कैशबैक' जैसे डिजिटल वॉलेट आधारित फ्रॉड का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अफजल अंसारी जैसे अपराधी, जिन पर पहले से ही कई कांड (जैसे कांड संख्या 75/24) दर्ज हैं, यह दर्शाते हैं कि यहाँ साइबर अपराध एक पेशेवर उद्योग का रूप ले चुका है।

अफजल अंसारी: पुराना खिलाड़ी फिर चढ़ा हत्थे

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अफजल अंसारी कोई नौसिखिया नहीं है। वह जामताड़ा साइबर अपराध थाना का पुराना 'हिस्ट्रीशीटर' है।

  • अपराधिक रिकॉर्ड: अफजल पर 13 दिसंबर 2024 को भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना खूनी कारोबार शुरू कर दिया।

  • कानूनी कार्रवाई: अब इन चारों के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 03/26 के तहत IPC और IT एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

आपकी एक गलती और खाता साफ!

जामताड़ा की यह गिरफ्तारी हमें याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में 'मुफ्त' जैसा कुछ नहीं होता। ₹1,999 के कैशबैक का लालच आपकी पूरी उम्र की जमा-पूंजी को खत्म कर सकता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।