Kandra Accident: दर्दनाक अंत, कांड्रा में खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार बाइक, युवक की मौत, मासूम की हालत नाजुक
कांड्रा के चाडरी मोड़ के पास अंधेरे में खड़े एक ट्रक ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। रामकृष्णा फोर्जिंग के कर्मचारी करणों कुम्भकार की मौत और एक मासूम की जिंदगी पर मंडराते खतरे के पीछे की इस खौफनाक सच्चाई को यहाँ जानिए वरना आप भी सड़क किनारे खड़े इन 'मौत के सौदागरों' से बेखबर रह जाएंगे।
कांड्रा/सरायकेला, 14 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा थाना अंतर्गत चाडरी मोड़ के पास बुधवार की शाम एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। ड्यूटी के बाद अपने घर लौट रहे एक युवा कर्मचारी के लिए सड़क पर खड़ा एक खराब ट्रक 'काल' बन गया। बाइक और ट्रक के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठा एक छोटा बच्चा गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी और बिना किसी चेतावनी संकेतक के खड़ा ट्रक अंधेरे में किसी बड़े पत्थर की तरह मौत बनकर खड़ा था।
अंधेरे का जाल: खड़े ट्रक से जा टकराई बाइक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार देर शाम की है।
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भीषण टक्कर: मोटरसाइकिल (संख्या JH 05EB 2808) सरायकेला की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थी। चाडरी मोड़ से ठीक पहले, सड़क किनारे खड़े ट्रक (संख्या JH06R-9122) में बाइक पीछे से पूरी ताकत के साथ जा घुसी।
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लापरवाही का मंजर: बताया जा रहा है कि ट्रक का टायर पंचर था और चालक बीच सड़क पर ही उसका टायर बदल रहा था। ट्रक के आसपास न तो कोई रिफ्लेक्टर था और न ही कोई पार्किंग लाइट जलाई गई थी।
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पहचान और दुख: मृतक की पहचान नीमडीह निवासी करणों कुम्भकार के रूप में हुई है। करणों वर्तमान में बीरबांस में रहकर रामकृष्णा फोर्जिंग कंपनी में काम करता था और अपने परिवार का मुख्य सहारा था।
मासूम की जिंदगी दांव पर: पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। बाइक पर सवार एक बच्चा इस टक्कर में बुरी तरह घायल हो गया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
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पुलिस की उपस्थिति: घटना की सूचना मिलते ही कांड्रा थाना पुलिस और सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे।
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जांच शुरू: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया है। ट्रक को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
कांड्रा सड़क दुर्घटना: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | करणों कुम्भकार (निवासी: नीमडीह/बीरबांस) |
| हादसे का स्थान | चाडरी मोड़ के पास, कांड्रा-सरायकेला मार्ग |
| वाहन संख्या | बाइक (JH 05EB 2808) / ट्रक (JH06R-9122) |
| हादसे का कारण | बिना संकेतक सड़क पर खड़ा ट्रक और अंधेरा |
| वर्तमान स्थिति | शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, बच्चा अस्पताल में |
इतिहास का पन्ना: कांड्रा-सरायकेला मार्ग और 'बिना पार्किंग' का खूनी इतिहास
कांड्रा और सरायकेला को जोड़ने वाला यह मार्ग औद्योगिक गतिविधियों के कारण हमेशा से भारी वाहनों का गढ़ रहा है। 1990 के दशक में जब रामकृष्णा फोर्जिंग जैसी बड़ी कंपनियों का विस्तार हुआ, तो यहाँ ट्रकों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई। इतिहास गवाह है कि यह मार्ग अपनी 'अंधेरी मोड़ों' और 'नो-पार्किंग' नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए कुख्यात रहा है। साल 2012 और 2021 में भी चाडरी मोड़ के आसपास ठीक इसी तरह के हादसे हुए थे, जहाँ रात के समय खराब होकर खड़े ट्रकों ने बाइक सवारों की जान ली थी। प्रशासनिक स्तर पर कई बार 'हाइवे पेट्रोलिंग' और 'रिफ्लेक्टर अनिवार्य' करने की बात उठी, लेकिन आज करणों की मौत यह साबित करती है कि जमीनी हकीकत आज भी वही खूनी पन्ना दोहरा रही है।
क्यों हो रहे हैं ऐसे हादसे? जिम्मेदार कौन?
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना के बाद काफी रोष है।
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हाईवे या पार्किंग लॉट? लोगों का आरोप है कि ट्रक चालक टायर बदलने या मामूली खराबी के लिए बीच सड़क पर ही गाड़ी खड़ी कर देते हैं।
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संकेतकों का अभाव: अंधेरी रात में जब तक बाइक सवार को खड़े वाहन का एहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
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कंपनी कर्मियों की सुरक्षा: रामकृष्णा फोर्जिंग जैसे बड़े प्लांट में काम करने वाले हजारों मजदूर हर दिन इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिनकी जान हमेशा जोखिम में रहती है।
प्रशासन की नींद कब खुलेगी?
करणों कुम्भकार का परिवार आज उजड़ गया। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन नियमों की हत्या है जो सड़कों पर वाहनों को सुरक्षित चलाने के लिए बनाए गए हैं।
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