Ulidih Strike: डिमना रोड पर ऑटो से विदेशी शराब का जखीरा बरामद, कुख्यात नीरज गुप्ता का नेटवर्क उजागर, चालक गिरफ्तार
जमशेदपुर के उलीडीह थाना अंतर्गत डिमना रोड पर उत्पाद विभाग ने ऑटो से 264 बोतल अवैध विदेशी शराब बरामद की है। शराब माफिया नीरज गुप्ता के सिंडिकेट का खुलासा और ऑटो चालक अभिमन्यु की गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/मानगो, 7 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में अवैध शराब के सौदागरों के खिलाफ उत्पाद विभाग ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए मंगलवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है। उलीडीह थाना क्षेत्र के डिमना रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास विभाग की टीम ने एक ऑटो को रोककर विदेशी शराब के एक बड़े जखीरे को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने शहर के भीतर सक्रिय शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। छापेमारी के दौरान न केवल शराब बरामद हुई, बल्कि शहर के एक बड़े शराब सिंडिकेट के 'मास्टरमाइंड' का नाम भी आधिकारिक तौर पर फाइलों में दर्ज हो गया है।
डिमना रोड पर जाल: ऑटो से निकली 264 बोतल 'जहर'
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मानगो के रास्ते शहर में अवैध शराब की एक बड़ी खेप खपाने की तैयारी है।
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त्वरित घेराबंदी: सहायक आयुक्त उत्पाद के निर्देश पर टीम ने डिमना रोड पर मोर्चा संभाला। रिलायंस और इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के बीच आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू की गई।
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ऑटो में छिपा था राज: चेकिंग के दौरान एक ऑटो (संख्या: JH 05 BP 9923) को संदिग्ध पाकर रोका गया। जब अधिकारियों ने ऑटो के भीतर रखे बोरों और कार्टन की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब मिली।
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बरामदगी का विवरण: टीम ने कुल 264 प्लास्टिक बोतल अवैध विदेशी शराब जब्त की है। इसे इस तरह पैक किया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को शक न हो।
नीरज गुप्ता का नेटवर्क: कौन है इस खेल का असली खिलाड़ी?
गिरफ्तार ऑटो चालक अभिमन्यु कुमार (निवासी: शंकोसाईं रोड नंबर-1) ने पूछताछ में पुलिस के सामने बड़े राज खोले हैं।
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शराब माफिया का नाम: अभिमन्यु ने कुबूल किया कि यह शराब शहर के कुख्यात शराब कारोबारी नीरज गुप्ता और उसके गुर्गों की है।
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सप्लाई चेन: पूछताछ में सामने आया कि नीरज गुप्ता का नेटवर्क पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब लाकर जमशेदपुर के घने रिहायशी इलाकों में छोटे-छोटे डंपिंग यार्ड बनाता है, जहाँ से ऑटो और बाइक के जरिए डिलीवरी दी जाती है।
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नामजद प्राथमिकी: उत्पाद विभाग ने केवल चालक पर नहीं, बल्कि मुख्य आरोपी नीरज गुप्ता और उसके सहयोगियों के खिलाफ भी सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अवैध शराब तस्करी का 'गेटवे'
जमशेदपुर का मानगो और डिमना रोड इलाका भौगोलिक रूप से एनएच-33 से जुड़ा है, जो इसे तस्करों के लिए सबसे पसंदीदा रास्ता बनाता है।
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पुराना ट्रांजिट पॉइंट: मानगो के उलीडीह और शंकोसाईं जैसे इलाके तंग गलियों के कारण शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित पनाहगाह रहे हैं। यहाँ से शहर के अन्य हिस्सों जैसे साकची और कदमा में शराब पहुँचाना आसान होता है।
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बदलता 'मोडस ऑपेरंडी': पहले शराब को ट्रकों में लाया जाता था, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अब माफिया ऑटो, ई-रिक्शा और यहाँ तक कि एम्बुलेंस जैसे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि चेकिंग से बचा जा सके।
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प्रशासनिक सतर्कता: पिछले कुछ वर्षों में उत्पाद विभाग ने डिमना रोड पर कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जिससे तस्करों को अपने रूट बदलने पर मजबूर होना पड़ा है।
अगला कदम: माफिया नीरज गुप्ता की तलाश में दबिश
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है।
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छापेमारी जारी: नीरज गुप्ता और उसके गुर्गों की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
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फर्जी लेबलिंग की जांच: विभाग यह भी जांच कर रहा है कि जब्त की गई शराब की बोतलों पर लगे लेबल असली हैं या नकली, क्योंकि अक्सर तस्करी वाली शराब में मिलावट का खतरा रहता है।
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अल्टीमेटम: विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध शराब के भंडारण या परिवहन में शामिल पाया जाएगा, उसकी संपत्ति कुर्क करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
उलीडीह थाना क्षेत्र में हुई यह जब्ती प्रशासन की मुस्तैदी को दर्शाती है। 264 बोतल विदेशी शराब का पकड़ा जाना नीरज गुप्ता जैसे माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ने जैसा है। डिमना रोड जैसे व्यस्त इलाके में ऑटो से शराब ढोना यह बताता है कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है, लेकिन उत्पाद विभाग की इस 'स्ट्राइक' ने उन्हें कड़ा जवाब दिया है। अब देखना यह होगा कि मुख्य सरगना नीरज गुप्ता कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रह पाता है।
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