Sidhgora Theft: सिदगोड़ा में सोते रह गए परिजन और आंगन साफ कर गए चोर, रो-रो रोड पर बेखौफ बदमाशों का तांडव
जमशेदपुर के सिदगोड़ा में चोरों ने पुलिसिया गश्ती की पोल खोल दी है। रो-रो रोड पर घर का ताला तोड़कर आंगन से स्कूटी उड़ाने वाले गिरोह ने दूसरी चोरी की भी कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की जांच से जुड़ी इस सनसनीखेज वारदात की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सिदगोड़ा, 17 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में इन दिनों अपराधी इस कदर बेखौफ हो गए हैं कि उन्हें न तो पुलिस की गश्ती का डर है और न ही सीसीटीवी कैमरों का। ताजा सनसनीखेज मामला सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के रो-रो रोड से सामने आया है, जहां अज्ञात चोरों ने एक घर की चहारदिवारी का ताला तोड़कर आंगन में खड़ी स्कूटी पार कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि जब चोर आंगन में तांडव मचा रहे थे, तब घर के सभी सदस्य भीतर गहरी नींद में सो रहे थे। इतना ही नहीं, स्कूटी उड़ाने के बाद चोरों ने पड़ोस के एक और घर में हाथ साफ करने की कोशिश की, जिससे पूरे इलाके के लोग अब दहशत में हैं।
सोते रहे लोग, आंगन से 'उड़' गई स्कूटी
वारदात सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। रो-रो रोड निवासी अभय सिंह के क्वार्टर को चोरों ने अपना सॉफ्ट टारगेट बनाया।
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बड़ी चालाकी से घुसे: चोरों ने सबसे पहले चहारदिवारी के मुख्य गेट का भारी ताला काटा। उन्होंने इतनी खामोशी से काम किया कि घर के भीतर सो रहे किसी भी सदस्य को आहट तक नहीं मिली।
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सुबह खुला राज: जब सुबह परिवार के सदस्य सोकर उठे और आंगन में गए, तो वहां से स्कूटी गायब देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का दरवाजा सुरक्षित था, लेकिन बाहरी गेट का टूटा ताला पूरी कहानी बयां कर रहा था।
दूसरी कोशिश: ताला न टूटने से बची बाइक
सिदगोड़ा के इस गिरोह के हौसले इतने बुलंद थे कि वे एक चोरी से संतुष्ट नहीं हुए। अभय सिंह के घर के बाद चोरों ने पड़ोस के एक अन्य मकान में भी सेंधमारी की कोशिश की।
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हैंडल लॉक तोड़ा: चोरों ने पड़ोस में खड़ी एक बाइक का हैंडल लॉक तोड़ दिया था।
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किस्मत ने दिया साथ: शातिर चोरों ने उस घर के गेट का ताला तोड़ने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। गेट न खुलने के कारण चोर बाइक लेकर भागने में नाकाम रहे, वरना एक ही रात में दो बड़ी चोरियां तय थीं।
सिदगोड़ा और रो-रो रोड का बदलता 'क्राइम ग्राफ'
जमशेदपुर का सिदगोड़ा इलाका ऐतिहासिक रूप से टाटा स्टील के कर्मचारियों के आवासों (क्वार्टर) के लिए जाना जाता रहा है।
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टाटा का नियोजित शहर: सिदगोड़ा और एग्रिको जैसे क्षेत्र 60 और 70 के दशक में शहर के सबसे शांत और सुरक्षित रिहायशी इलाके माने जाते थे। यहाँ की 'रो-रो रोड' (RO-RO Road) का नाम भी औद्योगिक कचरे के प्रबंधन से जुड़ी पुरानी व्यवस्थाओं के कारण पड़ा था।
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सुरक्षा का इतिहास: पुराने समय में यहाँ कंपनी के गार्ड्स और पुलिस की सघन गश्ती हुआ करती थी, जिससे चोर इन गलियों में घुसने से कतराते थे। लेकिन पिछले एक दशक में जैसे-जैसे शहर की आबादी बढ़ी और बस्तियों का विस्तार हुआ, सिदगोड़ा चोरों के लिए 'सेफ हेवन' बन गया है।
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नशा और चोरी का मेल: इतिहास गवाह है कि सिदगोड़ा में होने वाली 80% चोरियों के पीछे स्थानीय नशाखोरों और छोटे गिरोहों का हाथ रहा है। 2022 में भी इसी रो-रो रोड पर एक साथ तीन घरों के ताले टूटे थे। आज की यह स्कूटी चोरी फिर से उसी पुराने 'पैटर्न' की याद दिलाती है, जहाँ पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर अपराधी सड़कों पर राज कर रहे हैं।
पुलिस की जांच: सीसीटीवी में सुराग तलाश रही टीम
घटना की जानकारी मिलते ही सिदगोड़ा पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस अब रो-रो रोड और आसपास के मुख्य चौराहों पर लगे कैमरों को खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आधी रात को स्कूटी ले जाते हुए चोर किसी न किसी कैमरे में कैद हुए होंगे।
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गश्ती पर सवाल: स्थानीय निवासियों ने पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि अगर रात में गश्ती वैन एक बार भी इस रोड से गुजरती, तो चोरों में ताला तोड़ने की हिम्मत नहीं होती।
सिदगोड़ा की यह चोरी केवल एक वाहन का नुकसान नहीं है, बल्कि यह जमशेदपुर वासियों की नींद उड़ाने वाली घटना है। अपने ही घर के आंगन में वाहन सुरक्षित न होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। अगर पुलिस ने जल्द ही स्कूटी बरामद कर चोरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो रो-रो रोड का यह 'स्कूटी गिरोह' आने वाले दिनों में और भी बड़ी वारदातों को अंजाम दे सकता है।
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