MGM Accident: टुसू मेले की खुशियां मातम में बदली, भिलाई पहाड़ी के पास 407 वैन पलटी, 6 साल की बच्ची की मौत, दर्जनों घायल
जमशेदपुर के एनएच-33 पर टुसू मेला देखकर लौट रहे 40 ग्रामीणों से भरी वैन पलटने की दर्दनाक खबर यहाँ दी गई है। एक मासूम बच्ची की मौत और एमजीएम अस्पताल में मचे हाहाकार के बीच कुणाल षड़ंगी और प्रशासन की दखल के बाद शुरू हुए इलाज की पूरी सच्चाई जानिए वरना आप भी हाइवे के इस खूनी मोड की हकीकत से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 16 जनवरी 2026 – जमशेदपुर के एनएच-33 पर बीती रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके की रूह कंपा दी। टुसू मेले की खुशियां मनाकर घर लौट रहे करीब 40 लोग उस वक्त मौत के साये में आ गए, जब उनकी वैन भिलाई पहाड़ी के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। इस भीषण दुर्घटना में 6 साल की मासूम विनता मुंडा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा बच्चे और उनके परिजन लहूलुहान हो गए। घटना के बाद हाइवे पर चीख-पुकार मच गई और उत्सव का माहौल मातम में तब्दील हो गया।
मेले से लौटते समय 'काल' बनी वैन: डिवाइडर पर चढ़ते ही मची भगदड़
गुरुवार की रात करीब 8 बजे, तुरियाबेड़ा के ग्रामीण बेताकोचा से टुसू मेला देखकर एक 407 वैन में सवार होकर लौट रहे थे।
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हादसे की वजह: निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। वैन पलटने जैसी स्थिति में आई और उसमें सवार लोग सीधे कठोर सड़क पर जा गिरे।
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मौके पर अफरातफरी: अंधेरे और निर्माणाधीन सड़क के कारण लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे पड़े थे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
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मदद का हाथ: जिला पार्षद प्रतिनिधि पिंटू दत्ता ने मौके पर पहुँचकर पुलिस को सूचना दी और अपने निजी वाहन व पुलिस गाड़ी से घायलों को एमजीएम अस्पताल पहुँचाया।
MGM में डॉक्टरों की कमी: कुणाल षड़ंगी के दखल के बाद शुरू हुआ इलाज
अस्पताल पहुँचने पर घायलों को एक और मुश्किल का सामना करना पड़ा।
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इलाज में देरी: अस्पताल में रात के वक्त चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बेहद कम थी, जिससे तड़पते हुए बच्चों का इलाज समय पर शुरू नहीं हो पा रहा था।
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प्रशासनिक हस्तक्षेप: स्थिति बिगड़ते देख पिंटू दत्ता ने पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी को फोन किया। उनकी पहल पर उपायुक्त (DC) ने निर्देश दिए, जिसके बाद अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम बुलाई गई और घायलों का उपचार तेज हुआ।
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गंभीर स्थिति: वर्तमान में कई बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है। मुखिया शशि सिंह और अन्य समाजसेवी अस्पताल में घायलों की मदद के लिए डटे हुए हैं।
एनएच-33 हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक बच्ची | विनता मुंडा (6 वर्ष) |
| स्थान | भिलाई पहाड़ी, एनएच-33 (जमशेदपुर) |
| पीड़ितों की संख्या | करीब 40 (तुरियाबेड़ा के निवासी) |
| वजह | निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के पास डिवाइडर से टकराना |
| अस्पताल | एमजीएम अस्पताल (जमशेदपुर) |
निर्माणाधीन कॉरिडोर: मौत का नया 'हॉटस्पॉट'
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के दौरान न तो पर्याप्त लाइट की व्यवस्था है और न ही सही दिशा-निर्देश (Signboards) लगाए गए हैं।
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डिवाइडर की ऊंचाई: निर्माणाधीन हिस्से में डिवाइडर की ऊंचाई और सड़क की चौड़ाई का तालमेल सही नहीं है, जिससे रात के समय चालक भ्रमित हो जाते हैं।
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मेले की भीड़: टुसू मेले के दौरान वाहनों की भारी आवाजाही होती है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी।
खुशियों पर लगा ग्रहण
6 साल की विनता मुंडा की मौत ने पूरे तुरियाबेड़ा गांव के चूल्हे बुझा दिए हैं। टुसू की खुशियां अब आंसुओं में बह गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे ताकि अगली बार कोई मासूम अपनी खुशियां मनाकर लौटते वक्त मौत की आगोश में न सो जाए।
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