Musabani Violence: खौफनाक हमला, जमशेदपुर में भाजपा नेता ने विधवा को पीटा, सीसीटीवी में कैद हुई जमीन हड़पने की करतूत
जमशेदपुर के मुसाबनी में भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती और उनके परिवार पर एक बेसहारा विधवा महिला की जमीन हड़पने और जानलेवा हमला करने का संगीन आरोप लगा है। लाठी-डंडों से पिटाई और रंगदारी मांगने की इस रोंगटे खड़े कर देने वाली सीसीटीवी फुटेज की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी रसूखदारों के इस काले चेहरे को कभी नहीं देख पाएंगे।
जमशेदपुर/मुसाबनी, 8 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के ग्रामीण अंचल मुसाबनी से सत्ता और रसूख के दुरुपयोग का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मुसाबनी नंबर 1, शिव मंदिर के पास रहने वाली 60 वर्षीय विधवा कल्याणी दत्ता ने भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती, उनकी पत्नी रेखा चक्रवर्ती और उनके परिवार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और जमीन हड़पने की नीयत से प्रताड़ित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर नेताजी और उनका परिवार एक बुजुर्ग महिला पर लाठी-डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं।
विधवा की बेबसी: घर में घुसकर लाठी-डंडों से वार
कल्याणी दत्ता ने मुसाबनी थाने में दी अपनी लिखित शिकायत में आपबीती सुनाई है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।
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अकेला पाकर हमला: पीड़िता के अनुसार, सौरभ चक्रवर्ती और उनके परिजनों ने उन्हें घर में अकेला पाकर हमला किया। उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया और भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं।
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चरित्र हनन की कोशिश: शिकायत में कहा गया है कि हमलावरों ने उन पर 'देह व्यापार' करने का झूठा और अपमानजनक आरोप लगाया ताकि उन्हें समाज की नजरों में गिराकर घर से बेदखल किया जा सके।
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जमीन की रजिस्ट्री का दबाव: आरोपियों ने धमकी दी कि यदि कल्याणी ने अपना घर उनके नाम रजिस्ट्री नहीं किया, तो वे उन्हें और उनके बेटे को जान से मार देंगे।
रंगदारी और जान से मारने की धमकी
मामला सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रंगदारी और सुपारी किलिंग जैसे गंभीर पहलू भी जुड़े हैं।
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बेटे से मांगी रंगदारी: कल्याणी दत्ता का आरोप है कि सौरभ चक्रवर्ती ने उनके बेटे अजय दत्ता से रंगदारी की मांग की थी। पैसे न मिलने पर उनके बेटे को 'काटकर फेंकने' और 'गोली मरवाने' की धमकी दी गई है।
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पुराना विवाद: पीड़िता ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले अप्रैल माह में भी उन पर इसी तरह का हमला किया गया था, लेकिन सत्ता के दबाव में कार्रवाई नहीं हुई।
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आकाश गिरी का नाम: शिकायत में आकाश गिरी नामक व्यक्ति का भी जिक्र है, जिसे इस खौफनाक साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।
मुसाबनी कांड: मुख्य आरोपियों और आरोपों का ब्योरा (Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मुख्य आरोपी | सौरभ चक्रवर्ती (पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष, भाजपा) |
| सह-आरोपी | रेखा चक्रवर्ती (पत्नी) एवं अन्य परिजन |
| पीड़िता | कल्याणी दत्ता (60 वर्षीय विधवा) |
| वारदात का सबूत | सीसीटीवी (CCTV) फुटेज |
| पुलिस स्टेशन | मुसाबनी थाना, जमशेदपुर |
इतिहास और रसूख: मुसाबनी की राजनीति और दबंगई का पुराना नाता
मुसाबनी ऐतिहासिक रूप से तांबा खदानों (Copper Mines) के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन यहाँ की राजनीति में हमेशा से 'जमीन' और 'दबंगई' का वर्चस्व रहा है। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती का क्षेत्र में काफी राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि मुसाबनी के शिव मंदिर इलाके में संपत्तियों की कीमतें बढ़ने के बाद से कई रसूखदारों की नजरें पुराने निवासियों की जमीन पर टिकी हैं। साल 2024 में भी मुसाबनी में एक जमीन विवाद के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप की खबरें आई थीं। एक विधवा महिला के साथ इस तरह की बर्बरता यह दर्शाती है कि कानून का खौफ राजनीतिक पदों के पीछे छिप गया है।
पुलिस की चुप्पी: 8 जनवरी की शिकायत पर अब तक क्या हुआ?
हैरानी की बात यह है कि 8 जनवरी को लिखित शिकायत दिए जाने और सीसीटीवी साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद, अब तक इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है।
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प्रशासनिक दबाव? पीड़िता का आरोप है कि सौरभ चक्रवर्ती के राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस मामला दर्ज करने से कतरा रही है।
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सीसीटीवी फुटेज का सच: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में साफ तौर पर मारपीट की घटना देखी जा सकती है, जो पुलिस के लिए पर्याप्त साक्ष्य है।
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न्याय की गुहार: कल्याणी दत्ता ने मुख्यमंत्री और जिले के वरीय आरक्षी अधीक्षक (SSP) से जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है।
सत्ता के नशे में चूर अपराधी या कुछ और?
किसी बुजुर्ग विधवा के चरित्र पर कीचड़ उछालना और उसे घर से बेदखल करने के लिए खून-खराबे पर उतर आना एक गंभीर अपराध है। यदि सीसीटीवी फुटेज सही है, तो यह भाजपा जैसे अनुशासित दल की छवि पर भी बड़ा दाग है। अब देखना यह है कि क्या मुसाबनी पुलिस सत्ता के दबाव को दरकिनार कर एक बेसहारा महिला को न्याय दिला पाती है या नहीं।
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