Chaibasa Strike: बड़ी सफलता, चाईबासा में पकड़ाया अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह, जंगल में खड़ी बोरिंग गाड़ी बरामद
चाईबासा पुलिस ने तमिलनाडु के मालिक की चोरी हुई बोरिंग गाड़ी को एनएच-75 के जंगलों से बरामद कर पांच शातिर चोरों को दबोच लिया है। डीजल खत्म होने की एक छोटी सी गलती ने कैसे इस पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुँचाया, इसकी पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सुरक्षित वाहन पार्किंग के इस बड़े राज को कभी नहीं जान पाएंगे।
चाईबासा, 9 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र से चोरी हुई करोड़ों की बोरिंग मशीन लदी गाड़ी को पुलिस ने न केवल बरामद किया, बल्कि इस वारदात में शामिल पांच शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस हाई-प्रोफाइल चोरी के पीछे की पूरी कहानी का खुलासा किया गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल बोलेरो, मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में डीजल भी बरामद हुआ है।
तमिलनाडु से चाईबासा तक फैला जाल: ऐसे हुई वारदात
यह मामला तब शुरू हुआ जब तमिलनाडु के एक वाहन मालिक ने चाईबासा पुलिस से अपनी बोरिंग गाड़ी (रजिस्ट्रेशन संख्या KA 06 C 8935) के चोरी होने की लिखित शिकायत की।
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त्वरित एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत एक विशेष छापामारी दल का गठन किया।
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टेक्निकल सर्विलांस: पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और एनएच पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों ने इशारा किया कि चोरी किया गया वाहन रांची की ओर जा रहा है।
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जंगल में घेराबंदी: पुलिस टीम ने पीछा करते हुए कुड़माली जंगल क्षेत्र (NH-75) में गाड़ी को खोज निकाला। चोरों ने पुलिस से बचने के लिए गाड़ी को घने जंगल के भीतर छिपा दिया था।
डीजल खत्म होना पड़ा भारी: गिरोह की सबसे बड़ी चूक
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि चोरों ने गाड़ी तो बड़ी सफाई से उड़ा ली थी, लेकिन वे एक छोटी सी बात का अंदाजा नहीं लगा पाए।
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बीच रास्ते रुका वाहन: चोरी की गई बोरिंग गाड़ी काफी भारी थी और भागने के दौरान कुड़माली जंगल के पास उसका डीजल खत्म हो गया।
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बैकअप प्लान फेल: गिरोह के कुछ सदस्य पास के पेट्रोल पंप से डीजल लेने गए थे, जबकि बाकी लोग जंगल में पहरा दे रहे थे।
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पुलिस की दबिश: ठीक उसी वक्त पुलिस की विशेष टीम ने वहां धावा बोल दिया। डीजल का इंतजार कर रहे चोरों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और वे रंगे हाथ धरे गए।
चाईबासा पुलिस एक्शन: गिरफ्तारी और बरामदगी (Arrest Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| गिरफ्तार आरोपी | साहिद अंसारी, एहसान अंसारी, तोहिद खान, सहील एकराम, रंजीत कुमार |
| बरामद वाहन | बोरिंग गाड़ी (KA 06 C 8935), बोलेरो और स्प्लेंडर बाइक |
| अन्य जब्ती | 28 लीटर डीजल और 08 मोबाइल फोन |
| बरामदगी का स्थान | कुड़माली जंगल (NH-75) |
| वर्तमान स्थिति | सभी आरोपी न्यायिक हिरासत (जेल) में |
एसपी की चेतावनी: "वाहनों की सुरक्षा में न बरतें लापरवाही"
चाईबासा एसपी ने इस सफलता के बाद वाहन मालिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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जीपीएस ट्रैकिंग: एसपी ने अपील की है कि सभी भारी वाहनों में जीपीएस (GPS) अनिवार्य रूप से लगाएं, जिससे इस केस की तरह त्वरित रिकवरी संभव हो सके।
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सुरक्षित पार्किंग: हाईवे के किनारे सुनसान जगहों पर वाहन खड़ा करना खतरे से खाली नहीं है।
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जेल की सलाखें: गिरफ्तार पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके पुराने अपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
चाईबासा पुलिस की मुस्तैदी
तमिलनाडु के मालिक की गाड़ी को 48 घंटे के भीतर बरामद करना चाईबासा पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को कुछ ऐसे अहम सुराग मिले हैं, जिनसे शहर के अन्य लंबित वाहन चोरी के मामलों के भी सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है।
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