Mango Theft: मानगो में 'प्लंबर' बनकर घुसे तीन शातिर चोर, बंद मकान का ताला तोड़कर समेट रहे थे माल, पड़ोसियों ने घेरा तो निकल गई सारी हेकड़ी
जमशेदपुर के मानगो गुरुद्वारा रोड पर प्लंबर बनकर चोरी करने आए तीन युवकों की पिटाई और गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। सासाराम गए मकान मालिक के पीछे रची गई इस बड़ी साजिश और ऋषभ-पवन मिश्रा के गिरोह के पकड़े जाने की रोमांचक दास्तां पढ़िए वरना आप भी 'नकली प्लंबर' वाले इस नए खतरे को समझने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/मानगो, 24 जनवरी 2026 – लौहनगरी के मानगो थाना क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा रोड पर शनिवार सुबह एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। सुबह करीब 7:30 बजे, जब लोग अपने घरों में चाय की चुस्की ले रहे थे, तीन शातिर युवक 'प्लंबर' का वेश धारण कर एक बंद मकान में दाखिल हुए। उन्हें लगा कि उनका यह भेष उन्हें कोई भी बड़ा हाथ मारने में मदद करेगा, लेकिन मानगो के जागरूक पड़ोसियों ने उनकी इस 'प्लानिंग' को फेल कर दिया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और चोरों की जमकर धुनाई के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गए चोरों की पहचान ऋषभ और पवन मिश्रा के रूप में हुई है।
सासाराम जाते ही शुरू हुआ 'प्लंबर' का खेल
घटना गुरुद्वारा रोड निवासी उमाकांत सिंह के घर की है, जहाँ अखिलेश्वर दुबे किराये पर रहते हैं।
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खाली घर पर नजर: अखिलेश्वर दुबे शुक्रवार को ही अपने पैतृक गाँव सासाराम (बिहार) गए थे। चोरों को शायद इसकी भनक पहले से थी।
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ताले तोड़कर तांडव: शनिवार सुबह तीनों आरोपी प्लंबर का औजार लेकर घर में घुसे और देखते ही देखते 3-4 कमरों के ताले चटका दिए। उन्होंने अलमारियों से कीमती सामान समेटना शुरू ही किया था कि उनकी किस्मत ने दगा दे दिया।
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पड़ोसियों की सजगता: घर से आ रही खटपट की आवाजों ने पड़ोसियों को सतर्क कर दिया। जैसे ही उन्हें शक हुआ कि सुबह-सुबह प्लंबर कहाँ से आए, उन्होंने शोर मचाना शुरू किया और तीनों को चारों तरफ से घेर लिया।
पुलिस की गश्ती पर उठे सवाल: दिनदहाड़े दुस्साहस
पकड़े गए आरोपियों को मानगो थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का कुछ सामान भी बरामद किया है।
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गिरफ्तार आरोपी: ऋषभ, पवन मिश्रा और उनका एक अन्य साथी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
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छापेमारी जारी: आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उनके अन्य ठिकानों और चोरी के माल के खरीदारों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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जनता का आक्रोश: स्थानीय लोगों ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर पड़ोसी सजग न होते, तो आज एक बड़ी चोरी को अंजाम दे दिया गया होता।
मानगो चोरी का प्रयास: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | गुरुद्वारा रोड, मानगो (जमशेदपुर) |
| मोडस ऑपरेंडी | प्लंबर बनकर घर में प्रवेश (Fake Plumber) |
| मकान मालिक | अखिलेश्वर दुबे (वर्तमान में सासाराम में) |
| पकड़े गए आरोपी | ऋषभ, पवन मिश्रा एवं एक अन्य |
| जब्ती | चोरी का सामान और ताला तोड़ने वाले औजार |
इतिहास का पन्ना: मानगो का 'गुरुद्वारा रोड' और बदलता क्रिमिनल ट्रेंड
मानगो का गुरुद्वारा रोड ऐतिहासिक रूप से एक शांत रिहायशी क्षेत्र रहा है, जहाँ 1960 और 70 के दशक में टाटा स्टील के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में घर बनाए थे। इतिहास गवाह है कि मानगो कभी अपनी सामुदायिक एकता के लिए जाना जाता था, जहाँ 'पड़ोसी ही सबसे बड़ा रक्षक' होता था। 90 के दशक में यहाँ छिटपुट चोरियां होती थीं, लेकिन अपराधी रात के अंधेरे का इंतज़ार करते थे। आज 2026 में, दिनदहाड़े प्लंबर या डिलीवरी बॉय बनकर चोरी करना एक नया और खतरनाक 'हिस्टोरिकल ट्रेंड' (Historical Trend) बन गया है। पुराने दौर में अपराधी गलियों से वाकिफ होते थे, लेकिन आज का अपराधी सोशल मीडिया या घरों की रेकी (Recce) कर यह पता लगाता है कि कौन सा परिवार शहर से बाहर गया है। आज की घटना ने साबित कर दिया कि तकनीक चाहे कितनी भी बदल जाए, 'सजग पड़ोसी' ही आज भी मानगो की सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल हैं।
सावधानी: अगर आप भी जा रहे हैं शहर से बाहर
पुलिस ने मानगो के निवासियों के लिए कुछ अनौपचारिक निर्देश जारी किए हैं:
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पड़ोसियों को बताएं: यदि आप सासाराम या कहीं भी बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों को घर की निगरानी के लिए जरूर कहें।
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सीसीटीवी: घर के बाहर एक वर्किंग सीसीटीवी कैमरा अपराधियों के मन में डर पैदा कर सकता है।
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संदिग्धों से पूछताछ: अगर कोई प्लंबर या इलेक्ट्रिशियन बनकर आए जिसे आपने नहीं बुलाया है, तो तुरंत उसका आईडी कार्ड मांगें या पुलिस को सूचित करें।
सलाखों के पीछे 'नकली प्लंबर'
मानगो थाना पुलिस फिलहाल आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने शहर में पहले भी कई बंद मकानों को निशाना बनाया होगा।
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