Sonari Seva: खून के साथ सुरक्षा का 'कवच', उपकार संघ ने रक्तदान करने वालों को बांटे हेलमेट, 141 यूनिट रक्त से बचाएगी हजारों जानें और पौधों को पिलाया पानी

सोनारी के उपकार संघ द्वारा आयोजित अनोखे रक्तदान शिविर की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है जहाँ रक्तदाताओं को हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। डीटीओ और डीएसपी की मौजूदगी में संग्रहित 141 यूनिट रक्त और पर्यावरण संरक्षण की इस अनूठी पहल को विस्तार से पढ़िए वरना आप समाजसेवा के इस प्रेरणादायक मॉडल को समझने से चूक जाएंगे।

Jan 24, 2026 - 13:38
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Sonari Seva: खून के साथ सुरक्षा का 'कवच', उपकार संघ ने रक्तदान करने वालों को बांटे हेलमेट, 141 यूनिट रक्त से बचाएगी हजारों जानें और पौधों को पिलाया पानी
Sonari Seva: खून के साथ सुरक्षा का 'कवच', उपकार संघ ने रक्तदान करने वालों को बांटे हेलमेट, 141 यूनिट रक्त से बचाएगी हजारों जानें और पौधों को पिलाया पानी

जमशेदपुर/सोनारी, 24 जनवरी 2026 – लौहनगरी के सोनारी स्थित उपकार संघ के प्रांगण में शुक्रवार को मानवता, सुरक्षा और प्रकृति का एक ऐसा त्रिवेणी संगम देखने को मिला जिसने शहर के सामने समाजसेवा का नया मानक स्थापित कर दिया है। सुबह 9:00 बजे से शुरू हुए इस मेगा रक्तदान शिविर में न केवल 141 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ, बल्कि हर रक्तदाता को हेलमेट भेंट कर 'सड़क सुरक्षा' का एक कड़ा संदेश भी दिया गया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ अतिथियों का स्वागत बुके (गुलदस्ता) देकर नहीं, बल्कि उनसे पौधों में पानी डलवाकर 'पर्यावरण संरक्षण' के संकल्प के साथ किया गया।

वरिष्ठ नागरिकों ने फूँकी जान: 9 बजे से शुरू हुआ मिशन 'जीवन'

कार्यक्रम का आगाज शहर के उन स्तंभों (वरिष्ठ नागरिकों) के हाथों हुआ जिन्होंने समाज को गढ़ा है। कनान कुटी, शंकर मास्टर, गुहाराम, श्याम लाल साहू और गोविंद जी के साथ उपकार संघ के संरक्षक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और सामाजिक कार्यकर्ता अन्नी अमृता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शिविर की शुरुआत की।

  • अनोखा सम्मान: जैसे-जैसे दिन चढ़ा, शहर के आला अधिकारी और नेता इस मुहिम से जुड़ते गए।

  • अतिथियों का संदेश: डीटीओ धनंजय कुमार, सीसीआर डीएसपी मनोज ठाकुर और साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने खुद पौधों को सींचकर यह संदेश दिया कि रक्त की एक बूंद और एक छोटा सा पौधा, दोनों ही जीवन के लिए अनिवार्य हैं।

  • हेलमेट का उपहार: उपकार संघ ने एक शानदार मिसाल पेश करते हुए प्रत्येक रक्तदाता को सर्टिफिकेट के साथ एक उच्च गुणवत्ता वाला हेलमेट प्रदान किया, ताकि वे सुरक्षित घर लौट सकें।

इतिहास का पन्ना: सोनारी का 'उपकार' और जमशेदपुर में रक्तदान की क्रांति

सोनारी का इलाका ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर के सबसे जीवंत समुदायों में से एक रहा है। 1950 और 60 के दशक में जब जमशेदपुर में श्रमिक संगठन और सामाजिक संघ बनने शुरू हुए, तब सोनारी 'सामुदायिक सहयोग' का केंद्र बना। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर में रक्तदान की परंपरा 1970 के दशक से टाटा स्टील और विभिन्न संघों के माध्यम से शुरू हुई थी, लेकिन उपकार संघ जैसे संगठनों ने इसे एक 'सामाजिक उत्सव' में बदल दिया। पुराने समय में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां थीं, जिन्हें दूर करने में सोनारी के इन पुराने मोहल्लों का बड़ा हाथ रहा है। आज 2026 में, रक्तदान को सड़क सुरक्षा (हेलमेट) और पर्यावरण (पौधारोपण) से जोड़ना एक ऐतिहासिक बदलाव है, जो यह दर्शाता है कि जमशेदपुर के सामाजिक संगठन अब केवल एक समस्या पर नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण सुधार पर काम कर रहे हैं।

उपकार संघ रक्तदान शिविर: एक नजर में (Event Overview)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
आयोजन संस्था उपकार संघ, सोनारी
कुल संग्रह 141 यूनिट रक्त (141 Units Collected)
अनोखा उपहार प्रत्येक रक्तदाता को एक हेलमेट
विशेष पहल अतिथियों द्वारा पौधों को जलार्पण
मुख्य अतिथि डीटीओ, डीएसपी, विधायक मंगल कालिंदी

विधायक और अधिकारियों ने सराहा: "यह महज शिविर नहीं, एक आंदोलन है"

जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उपकार संघ का यह प्रयास युवाओं को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करेगा।

  1. अध्यक्ष का संतोष: संघ के अध्यक्ष सतपाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 141 यूनिट रक्त संग्रह का आंकड़ा संतोषजनक है, लेकिन सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि यह रक्त किसी जरूरतमंद की आखिरी उम्मीद बनेगा।

  2. समर्पण की टीम: कार्यक्रम को सफल बनाने में उमाशंकर शर्मा, विश्वकर्मा वर्मा, राजीव वर्मा, बंटी साहू, बालकृष्ण साहू, साहिल शर्मा और अन्य सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया।

  3. युवा भागीदारी: शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया और हेलमेट पहनकर सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प लिया।

मानवता की नई परिभाषा

सोनारी में हुआ यह आयोजन केवल एक मेडिकल कैंप नहीं था, बल्कि यह 'उपकार' की उस भावना का प्रदर्शन था जो हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है। एक तरफ जहां ब्लड बैंकों में रक्त की कमी दूर होगी, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हेलमेट पहनकर चलने वाले ये रक्तदाता शहर को सुरक्षित बनाएंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।