Jamshedpur Theft: शातिर सेंधमारी, जमशेदपुर में कांग्रेस नेता की दुकान का शटर उखाड़ा, कैमरा मोड़कर नकदी ले उड़े चोर
जमशेदपुर के खासमहाल में कांग्रेस पंचायत अध्यक्ष ताहिर मलिक के 'एसके फैशन' शोरूम में चोरों ने आधी रात को बड़ा हाथ मारा है। सीसीटीवी कैमरों को आसमान की तरफ मोड़ने और शटर तोड़कर हजारों की नकदी उड़ाने के इस सनसनीखेज वारदात की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपने व्यापार की सुरक्षा को लेकर हमेशा बेखबर रह जाएंगे।
जमशेदपुर/परसुडीह, 8 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत खासमहाल इलाके में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। चोरों ने इस बार कांग्रेस के पश्चिमी कालीमाटी पंचायत अध्यक्ष ताहिर मलिक के कपड़ा शोरूम 'एसके फैशन गारमेंट्स' को अपना निशाना बनाया है। रविवार की देर रात करीब 2:30 बजे हुई इस वारदात ने पुलिसिया गश्त और व्यापारिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने जिस शातिराना अंदाज में सीसीटीवी कैमरों को चकमा दिया और नकदी पर हाथ साफ किया, उससे साफ जाहिर होता है कि वे इलाके की भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह वाकिफ थे।
आधी रात का 'ऑपरेशन चोरी': जब कैमरा बना गवाह
खासमहाल के इस पॉश गारमेंट शोरूम में हुई चोरी की स्क्रिप्ट किसी फिल्मी कहानी जैसी है।
-
शातिराना चाल: दुकान में घुसने से पहले चोरों ने बगल की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का मुंह ऊपर आसमान की ओर मोड़ दिया, ताकि उनकी पहचान न हो सके। हालांकि, कैमरे की फुटेज में यह साफ कैद हुआ है कि किसी ने कैमरे के साथ छेड़छाड़ की है।
-
शटर का ताला टूटा: चोरों ने दुकान के मुख्य शटर का ताला बड़ी सफाई से तोड़ा और भीतर दाखिल हो गए। ताहिर मलिक के अनुसार, गनीमत रही कि चोर केवल गल्ले (कैश काउंटर) तक ही सीमित रहे।
-
बड़ा नुकसान टला: चोरों ने काउंटर से 30 से 40 हजार रुपये की नकदी चोरी की। दुकानदार का कहना है कि यदि चोर शोरूम के भीतर के मुख्य ताले को तोड़ देते, तो लाखों का कीमती कपड़ा और स्टॉक भी साफ हो सकता था।
सुबह का मंजर: बिखरा सामान और पुलिस की दबिश
सोमवार सुबह जब ताहिर मलिक अपनी दुकान खोलने पहुँचे, तो शटर की हालत देखकर उनके होश उड़ गए।
-
पुलिस को सूचना: ताला टूटा देख तुरंत परसुडीह थाना पुलिस को फोन किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची और दुकान के भीतर और बाहर के साक्ष्य जुटाए।
-
सीसीटीवी की जांच: पुलिस अब इलाके के अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने के रूट (Path) का पता लगाया जा सके।
-
नेताओं का आक्रोश: कांग्रेस नेता की दुकान में चोरी की खबर मिलते ही कई स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और प्रशासन से अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
जमशेदपुर चोरी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित का नाम | ताहिर मलिक (पंचायत अध्यक्ष, कांग्रेस) |
| शोरूम का नाम | एसके फैशन गारमेंट्स, खासमहाल |
| चोरी की रकम | ₹30,000 - ₹40,000 (प्रारंभिक अनुमान) |
| समय | रात 2:30 बजे (सीसीटीवी रिकॉर्ड के अनुसार) |
| पुलिस स्टेशन | परसुडीह थाना, जमशेदपुर |
इतिहास और रसूख: खासमहाल और कालीमाटी में चोरी का पुराना ट्रेंड
जमशेदपुर का खासमहाल इलाका ऐतिहासिक रूप से रेलवे स्टेशन और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के पास होने के कारण बेहद व्यस्त रहता है। व्यापारिक दृष्टि से यह 'पश्चिमी कालीमाटी' पंचायत का हृदय है। लेकिन, पिछले एक दशक का इतिहास देखें तो परसुडीह थाना क्षेत्र का यह बेल्ट चोरों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' रहा है। 2023 के अंत में भी यहाँ की दो मोबाइल दुकानों में इसी तरह शटर काटकर चोरी की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में रात के समय गश्त की कमी और चोरों के स्थानीय गिरोहों की सक्रियता ने व्यापारियों की नींद उड़ा रखी है। ताहिर मलिक, जो खुद एक सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं, की दुकान में सेंधमारी इस बात का सबूत है कि चोर अब रसूखदार लोगों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे।
पुलिस की कार्रवाई: फिंगरप्रिंट और सुरागों की तलाश
परसुडीह पुलिस ने मामले में लिखित शिकायत दर्ज कर ली है और जांच की दिशा तय की है।
-
संदिग्धों की पहचान: पुलिस को सीसीटीवी में कुछ धुंधले साये दिखे हैं, जो रात के अंधेरे में दुकान के आसपास मंडरा रहे थे।
-
मुखबिर तंत्र: पुलिस ने इलाके के पुराने अपराधियों और हाल ही में जेल से छूटे बदमाशों की लिस्ट तैयार की है।
-
सुरक्षा प्रोटोकॉल: थाना प्रभारी ने दुकानदारों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों के भीतर 'सेंट्रल लॉकिंग' के अलावा 'इनडोर अलार्म सिस्टम' भी लगाएं जो शटर हिलते ही शोर मचा दे।
दहशत में खासमहाल के व्यापारी
एसके फैशन गारमेंट्स में हुई यह चोरी केवल 40 हजार की चपत नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के चेहरे पर एक तमाचा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर चोरों का सुराग नहीं मिला, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, पुलिस अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए गिरोह तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
What's Your Reaction?


