Parsudih Arrest: 3 साल पुराना फरार जालसाज दबोचा, जमशेदपुर में अनूप सिंह गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी स्ट्राइक

जमशेदपुर के परसुडीह पुलिस ने साल 2022 से आंखों में धूल झोंक रहे शातिर जालसाज अनूप कुमार सिंह को राहरगोड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी, धमकी और विश्वासघात के इस पुराने केस में पुलिस के गुप्त जाल और आरोपी के ठिकाने बदलने की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी कानून के लंबे हाथों की इस ताकत को कभी नहीं समझ पाएंगे।

Jan 8, 2026 - 16:55
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Parsudih Arrest: 3 साल पुराना फरार जालसाज दबोचा, जमशेदपुर में अनूप सिंह गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी स्ट्राइक
Parsudih Arrest: 3 साल पुराना फरार जालसाज दबोचा, जमशेदपुर में अनूप सिंह गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी स्ट्राइक

जमशेदपुर/परसुडीह, 8 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में कानून का शिकंजा अब उन अपराधियों पर कसने लगा है जो सालों से 'फरार' का टैग लगाकर चैन की नींद सो रहे थे। परसुडीह थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साल 2022 से फरार चल रहे धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी अनूप कुमार उर्फ अनूप कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अनूप पिछले तीन सालों से अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन आखिरकार परसुडीह पुलिस की 'स्पेशल ड्राइव' ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

3 साल की फरारी और 21 नंबर फ्लैट का राज

अनूप कुमार सिंह कोई मामूली आरोपी नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर 'वारंटी' के रूप में दर्ज था।

  • ठिकाना और पहचान: मूल रूप से गोविंदपुर के जोजोबेड़ा स्थित नीलकंठ अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर 21) का निवासी होने के बावजूद, वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

  • गुप्त ठिकाना: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी फिलहाल राहरगोड़ा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास अस्थायी रूप से छिपकर रह रहा है।

  • अचानक दबिश: सूचना मिलते ही परसुडीह पुलिस ने देर रात इलाके की घेराबंदी की और अनूप को उस वक्त दबोच लिया जब वह फिर से भागने की योजना बना रहा था।

धोखाधड़ी और विश्वासघात का काला खेल

अनूप कुमार सिंह पर दर्ज मामला साधारण नहीं है। यह केस विश्वास और धोखे की एक लंबी कहानी है।

  1. आपराधिक विश्वासघात: साल 2022 में अनूप पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसने बड़ी रकम का गबन किया और पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी।

  2. सह-अभियुक्त की कहानी: इस मामले में एक अन्य अभियुक्त भी शामिल था, जिसे पहले ही कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। लेकिन अनूप ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने का रास्ता चुना।

  3. न्यायिक अभिरक्षा: गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अनूप का मेडिकल कराया और उसे विधिवत कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

परसुडीह पुलिस एक्शन: आरोपी का पूरा प्रोफाइल (Accused Profile)

विवरण जानकारी (Details)
आरोपी का नाम अनूप कुमार उर्फ अनूप कुमार सिंह
मूल निवासी नीलकंठ अपार्टमेंट, जोजोबेड़ा, गोविंदपुर
गिरफ्तारी का स्थान राहरगोड़ा (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास)
मामला दर्ज वर्ष 2022 (धोखाधड़ी और धमकी)
वर्तमान स्थिति न्यायिक हिरासत (जेल) में

इतिहास और रसूख: परसुडीह में 'फरारियों' का पुराना जाल

परसुडीह थाना क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर के ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच का एक महत्वपूर्ण 'ट्रांजिट पॉइंट' रहा है। सघन आबादी और रेलवे लाइन से सटे होने के कारण यहाँ अपराधियों के लिए छिपना और भागना आसान होता है। 2010 से 2020 के बीच के आंकड़े बताते हैं कि परसुडीह में दर्ज 25% मामलों के आरोपी लंबे समय तक फरार रहने में कामयाब हो जाते थे। हालांकि, 2026 में पुलिस ने 'पेंडिंग वारंट निष्पादन' (Execution of Pending Warrants) की एक नई मुहिम शुरू की है। अनूप सिंह की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है। पुलिस अब उन पुराने रजिस्टर खंगाल रही है जिनमें 5 से 10 साल पुराने वारंट धूल फांक रहे हैं।

पुलिस की चेतावनी: "कोई भी भगोड़ा अब सुरक्षित नहीं"

परसुडीह थाना प्रभारी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने मामलों को बंद करना और फरारियों को पकड़ना उनकी प्राथमिकता है।

  • लिस्ट तैयार: पुलिस ने परसुडीह और आसपास के इलाकों में रहने वाले 50 से अधिक पुराने वारंटियों की एक 'हिट लिस्ट' तैयार की है।

  • कानून-व्यवस्था: इस गिरफ्तारी से आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि देर भले ही हो जाए, लेकिन कानून की नजर से बचना नामुमकिन है।

  • मुखबिरों का जाल: पुलिस ने स्थानीय मुखबिर तंत्र (Intelligence) को फिर से सक्रिय किया है, जिससे फरार आरोपियों के 'अस्थायी ठिकानों' की जानकारी मिल रही है।

न्याय की जीत

अनूप कुमार सिंह की गिरफ्तारी उन पीड़ितों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो पिछले तीन सालों से न्याय का इंतजार कर रहे थे। धोखाधड़ी के इस मामले में मुख्य कड़ी का हाथ आना पुलिस के लिए बड़ी जीत है। अब कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा और अनूप को अपने किए की सजा भुगतनी होगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।