Jamshedpur Arrest : कपाली पुलिस का आधी रात को बड़ा एक्शन, 18 महीने से फरार 9 मुकदमों का खूंखार शूटर 'सन्नु बच्चा' दबोचा गया
जमशेदपुर-सरायकेला बॉर्डर पर कपाली ओपी पुलिस ने 18 महीने से फरार 9 संगीन मुकदमों के आरोपी सबीर अली उर्फ सन्नु बच्चा को ताजनगर से गिरफ्तार कर लिया है। नाजिश जिया पर हुए जानलेवा चाकूबाजी कांड के मुख्य शूटर की गिरफ्तारी की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सरायकेला, 20 मई 2026 – जमशेदपुर शहर से सटे और सरायकेला-खरसावां जिले के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाके कपाली आउटपोस्ट (ओपी) पुलिस को अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध के खिलाफ एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस की एक स्पेशल विंग ने कपाली और मानगो क्षेत्र के लिए सिरदर्द बन चुके, पिछले 18 महीनों से लगातार फरार चल रहे खूंखार प्राथमिकी अभियुक्त सबीर अली उर्फ सन्नु बच्चा (26 वर्ष) को एक खुफिया ऑपरेशन के जरिए धर-दबोचा है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) और सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न शहरी व ग्रामीण थानों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और घातक हथियारों से हमला करने के कुल 9 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई से कपाली-ताजनगर बेल्ट के अपराधियों और शूटरों के पूरे सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
वारदात की दास्तां: ताजनगर मूसल दुकान के पास आधी रात को घेराबंदी, नाजिश जिया चाकूबाजी कांड का खूनी राज
कपाली ओपी पुलिस और खुफिया विभाग से मिली एक्सक्लूसिव इनपुट के अनुसार, सन्नु बच्चा की गिरफ्तारी के पीछे पुलिस की हफ्तों की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सटीक मुखबिर तंत्र की बड़ी भूमिका रही है।
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नाजिश जिया पर वो जानलेवा हमला: कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार ने बताया कि यह पूरा मामला 10 दिसंबर 2024 को दर्ज एक बेहद संगीन कांड से जुड़ा है। कपाली के स्थानीय निवासी नाजिश जिया ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि सबीर अली उर्फ सन्नु बच्चा और उसके तीन अन्य हथियारबंद साथियों ने मिलकर उन पर घात लगाकर जानलेवा हमला किया था।
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बीच सड़क पर घोंपा था चाकू: इस वारदात के दौरान अपराधियों ने नाजिश जिया को घेरकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए थे। इस भयावह चाकूबाजी की घटना के बाद पूरे कपाली और ताजनगर इलाके में सांप्रदायिक और आपराधिक तनाव फैल गया था। घटना के बाद से ही सन्नु बच्चा अपनी लोकेशन बदल-बदल कर उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के ठिकानों पर छिप रहा था।
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मूसल दुकान के पास सीक्रेट इनपुट: मंगलवार को कपाली पुलिस को एक सीक्रेट इनफॉर्मर से पक्का इनपुट मिला कि 18 महीने से फरार चल रहा मुख्य आरोपी सबीर अली अपने पिता सकीर अली से मिलने और किसी नए टारगेट की रेकी करने के लिए ताजनगर स्थित मूसल दुकान के पास अपने पुश्तैनी ठिकाने पर आया हुआ है।
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टाइगर जवानों की लाइव घेराबंदी: इनपुट मिलते ही कपाली ओपी प्रभारी ने बिना सायरन बजाए सब-इंस्पेक्टर हीरालाल मुंडू, चीता मोबाइल और टाइगर जवानों की एक संयुक्त सशस्त्र टीम बनाई। टीम ने ताजनगर की तंग गलियों को चारों तरफ से कॉर्डन ऑफ (सील) कर दिया। पुलिस को करीब आते देख सन्नु बच्चा ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे सड़क पर ही पटक कर दबोच लिया। पूछताछ के बाद बुधवार को सख्त सुरक्षा के बीच उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है।
प्रशासनिक रुख: 9 मुकदमों की क्राइम हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस, सहयोगियों की धरपकड़ तेज
सरायकेला जिला पुलिस अब सन्नु बच्चा के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़े कानूनी कदम उठा रही है।
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पुराने केसों का वारंट तामील: पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय इस अपराधी का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद डरावना है। जमशेदपुर के मानगो, आजाद नगर और सरायकेला के चांडिल व कपाली में दर्ज पुराने 9 मुकदमों में इसके खिलाफ कोर्ट से वारंट और कुर्की का आदेश पेंडिंग था, जिसे अब तामील कराया जा रहा है।
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व्हाट्सएप चैट और गैंग की जांच: पुलिस ने आरोपी का स्मार्टफोन जब्त कर लिया है। कपाली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान इसे कौन-कौन से स्थानीय सफेदपोश और जमीन माफिया आर्थिक मदद (फंडिंग) पहुंचा रहे थे। इसके बाकी तीन फरार साथियों के संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है।
कपाली बॉर्डर पर परमानेंट पुलिस पिकेट और सघन नाइट पेट्रोलिंग की सख्त जरूरत
कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार और सब-इंस्पेक्टर हीरालाल मुंडू की टीम ने सन्नु बच्चा जैसे शातिर और 18 महीने से फरार अपराधी को पकड़कर निश्चित रूप से मानगो और कपाली के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। लेकिन पुलिस को केवल एक आरोपी को जेल भेजकर शांत नहीं बैठना चाहिए। कपाली और ताजनगर जैसे संवेदनशील इलाकों में अपराध के इस परमानेंट नेक्सस को तोड़ने के लिए जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस के बीच एक 'ज्वाइंट टास्क फोर्स' का होना बेहद जरूरी है। जब तक ताजनगर के इन तंग रास्तों पर नियमित नाइट विजन पेट्रोलिंग और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले आकाओं पर मकोका (MCOCA) जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कपाली की सड़कों पर अमन-चैन का स्थायी माहौल बनाना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
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