Gopalganj Shame: गोपालगंज में 2 साल की मासूम से दरिंदगी पर दहला बिहार, तेजस्वी यादव ने सरकार को बताया 'मदमस्त', राज्य में 'इमरजेंसी' जैसे हालात
बिहार के गोपालगंज में महज 2 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत और उस पर मचे सियासी घमासान की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। तेजस्वी यादव का सरकार पर 'इमरजेंसी' वाला वार और अपराधियों के तांडव का पूरा सच विस्तार से पढ़िए वरना आप बिहार की बदहाल कानून-व्यवस्था और इस रूह कंपा देने वाली घटना की बड़ी जानकारी से चूक जाएंगे।
पटना/गोपालगंज, 27 जनवरी 2026 – बिहार के गोपालगंज से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने न केवल इंसानियत का गला घोंट दिया है, बल्कि सूबे की डबल इंजन सरकार के सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। महज डेढ़ से दो साल की एक मासूम दूधमुंही बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे बिहार को आक्रोश की आग में झोंक दिया है। इस घटना ने राजधानी पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी भूचाल ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस हैवानियत को राज्य के लिए ‘आपातकालीन परिस्थिति’ (Emergency) करार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
तेजस्वी का 'एक्स' (X) पर महायुद्ध: "मदमस्त सरकार, खौफ में बिहार"
घटना की सूचना मिलते ही तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा कि एनडीए राज में अपराधी अब 'दानव' बन चुके हैं जिन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
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असहनीय पीड़ा: तेजस्वी ने लिखा, "सत्ता संरक्षित प्रतिदिन होने वाली ये आपराधिक घटनाएं असहनीय, पीड़ादायक और डरावनी हैं। मशीनरी के दम पर जीत दर्ज करने वाली मदमस्त सरकार आखिर कब जागेगी?"
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मंत्रियों को नसीहत: उन्होंने सरकार के मंत्रियों को 'बड़बोला' बताते हुए कहा कि विपक्ष पर हमला करने के बजाय अगर वे अपने काम पर ध्यान देते, तो आज बिहार की बेटियों की यह हालत नहीं होती।
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चुटीली ललकार: तेजस्वी ने काव्यात्मक अंदाज में सरकार को चेतावनी दी— "संभलो तंत्र से जीती सरकार, करो अपराधी दानवों का संहार, बचाओ बेटियों की जान।"
आक्रोश की आग: गोपालगंज में 'ऑन द स्पॉट' न्याय की मांग
गोपालगंज के स्थानीय इलाके में तनाव इस कदर व्याप्त है कि लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
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इलाके में तनाव: मासूम के साथ हुई इस हैवानियत के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
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जनता की मांग: उग्र भीड़ अब अदालती कार्यवाही के बजाय आरोपियों के लिए ‘ऑन द स्पॉट’ न्याय की मांग कर रही है।
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प्रशासन पर आरोप: विपक्ष का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन अपराधियों को पकड़ने के बजाय आंकड़ों को छुपाने और मामले को दबाने में जुटा है।
गोपालगंज कांड: सरकार बनाम विपक्ष (Power Struggle Snapshot)
| पक्ष | मुख्य स्टैंड / आरोप (Key Points) |
| तेजस्वी यादव (RJD) | बिहार में 'इमरजेंसी' जैसे हालात, अपराधी बेलगाम। |
| स्थानीय जनता | आरोपियों को तुरंत मौत की सजा या एनकाउंटर की मांग। |
| बिहार सरकार (NDA) | डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की पुलिस को सख्त चेतावनी। |
| जमीनी हकीकत | मासूम बच्चियां और महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित। |
नीतीश-सम्राट की जोड़ी पर बढ़ता दबाव
नीट छात्रा की मौत के मामले के बाद अब गोपालगंज की दरिंदगी ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। तेजस्वी यादव ने इस पोस्ट के जरिए यह साफ कर दिया है कि आरजेडी अब इस मुद्दे को सड़क से सदन तक ले जाएगी। वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चेतावनी के बावजूद धरातल पर अपराधियों के हौसले पस्त होते नजर नहीं आ रहे हैं।
सुलगता सवाल और मासूम की जान
गोपालगंज का यह मामला केवल एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि बिहार के सामूहिक जमीर पर एक गहरा घाव है। क्या सरकार केवल आंकड़े पेश करती रहेगी या वाकई 'दानवों' का संहार होगा?
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