Giridih Clash : गिरिडीह में कार्तिक उद्यापन जुलूस में बड़ी हिंसक झड़प, सिर्फ दो लोगों की कहासुनी ने 20 को क्यों घायल किया
क्या आप जानते हैं कि गिरिडीह के ताराटांड़ थाना क्षेत्र के बदमुन्दा में कार्तिक उद्यापन जुलूस के दौरान अचानक हिंसक झड़प क्यों शुरू हो गई? सिर्फ दो लोगों के आपसी विवाद ने देखते ही देखते इतना बड़ा रूप क्यों ले लिया कि 20 लोग घायल हो गए? एसपी डॉ. विमल कुमार ने किन दोषियों को चिन्हित करके कार्रवाई करने का दावा किया? पुलिस ने फिलहाल स्थिति को कैसे नियंत्रित किया है? पूरी जानकारी पढ़ें!
गिरिडीह, 5 नवंबर 2025 – झारखंड के गिरिडीह जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक धार्मिक जुलूस के दौरान शुरू हुई मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक झगड़े का रूप ले लिया। ताराटांड़ थाना क्षेत्र के बदमुन्दा गांव में बुधवार को कार्तिक उद्यापन जुलूस निकाला गया था, लेकिन इसी दौरान दो पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम 20 लोग घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना ने जुलूसों और आयोजनों के दौरान अराजक तत्वों द्वारा स्थिति को बिगाड़ने की कोशिशों को उजागर किया है। हालांकि, पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।
दो की कहासुनी बनी 20 का दर्द: हिंसक झड़प का राज
बुधवार को बदमुन्दा में कार्तिक उद्यापन जुलूस निकल रहा था, जब यह अप्रत्याशित हादसा हुआ।
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विवाद की शुरुआत: जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान सिर्फ दो लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई।
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हिंसक रूप: यह कहासुनी इतनी तेजी से बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों ओर से लोग इकट्ठा हो गए और लाठी-डंडा और पत्थर चलने लगे।
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घायल: इस अफरा-तफरी और हिंसक झड़प में 20 लोग जख्मी हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।
एसपी ने लिया संज्ञान: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
हिंसक झड़प की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) जीत वाहन उरांव, गाण्डेय के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी (BDO) और थाना प्रभारी सहित एक बड़ी टीम मौके पर पहुंची।
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स्थिति नियंत्रण: पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
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एसपी का हस्तक्षेप: पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. विमल कुमार भी खुद मौके पर पहुंचे और घटना के संबंध में गहन जानकारी ली।
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दोषियों की चिन्हित: एसपी डॉ. विमल कुमार ने स्पष्ट कहा कि "महज दो लोगों के आपसी विवाद को अनावश्यक रूप से दो पक्षों के बीच की झड़प बताकर विधि-व्यवस्था में खलल डालने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।"
एसपी ने जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कैंप कर रही है।
यह घटना इस बात को दर्शाती है कि समाज में कुछ अराजक और असामाजिक तत्व छोटे से विवाद को भी साम्प्रदायिक या गुटबाजी का रंग देकर हिंसा भड़काने की कोशिश करते हैं। पुलिस अब उन तत्वों की पहचान करने में जुटी है।
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