Garhwa Murder : गढ़वा में बेटे और भतीजे ने पिता की कर दी निर्मम हत्या, जानिए क्यों?
गढ़वा जिले के जोगीखुरा गांव में शराब के नशे में पिता की हत्या कर दी गई। बेटे और भतीजे ने लाठी-डंडे से हमला कर मौत के घाट उतारा। क्या वजह बनी इस खौफनाक वारदात की? पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के जोगीखुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार रात 62 वर्षीय सीताराम भुइयां की उसके ही मंझले बेटे रामप्रताप भुइयां और भतीजे ओमप्रकाश भुइयां ने मिलकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी शराब के नशे में थे और लाठी-डंडे तथा धारदार हथियार से हमला कर पिता को मौत के घाट उतार दिया।
रंका थाना प्रभारी चेतन कुमार सिंह ने बताया कि सीताराम भुइयां गांव में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता का मैच देखने के बाद शराब पीकर घर लौटे थे। इसी दौरान घर में पहले से शराब के नशे में मौजूद उनका बेटा और भतीजा उनसे झगड़ पड़े।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि ओमप्रकाश की बेटी की तबीयत खराब चल रही थी। आरोपी मान बैठे थे कि सौतेली मां और पिता ने मिलकर उसकी बेटी को भूत लगवा दिया है। इसी वजह से दोनों ने पहले सौतेली मां को मारने की कोशिश की, लेकिन वह घर पर नहीं थी। इसके बाद पिता से बहस शुरू हुई।
झगड़ा बढ़ते-बढ़ते हिंसा में बदल गया। दोनों ने मिलकर लाठी और धारदार हथियार से सीताराम पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते सीताराम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम फैल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब ने इस परिवार में त्रासदी पैदा कर दी। गाँव में इस घटना को लेकर दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी एकत्र कर यह जानने की कोशिश शुरू कर दी है कि इस हिंसा के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं। साथ ही परिवार में मानसिक तनाव और अन्य विवादों को भी खंगाला जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर शराब के नशे में परिवारिक हिंसा के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान खींचती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा में न बदलें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस से मदद लें। आगे की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
What's Your Reaction?


