Gamharia Ban: खुले में गुटखा खाते पकड़े गए तो लगेगा तगड़ा जुर्माना!
गम्हरिया में अब खुले में गुटखा या सिगरेट पीना महंगा पड़ेगा! सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर बैन लगाया, पकड़ाने पर होगी सख्त कार्रवाई। जानिए पूरी खबर..

गम्हरिया: अब खुले में गुटखा खाना या धूम्रपान करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। सरकार ने राज्य में पान मसाला, तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी सूचना में जनता से सहयोग की अपील की गई है। अगर कहीं गुटखा या सिगरेट बेची जा रही हो या सार्वजनिक स्थानों पर कोई इसका सेवन कर रहा हो, तो उसकी शिकायत तुरंत करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
गुटखा और तंबाकू पर क्यों लगा बैन?
भारत में गुटखा और तंबाकू सेवन का पुराना इतिहास रहा है। 90 के दशक में गुटखा का क्रेज बढ़ा, और कुछ ही सालों में यह लोगों की लत बन गया। लेकिन, इसके खतरनाक दुष्प्रभावों को देखते हुए सरकारों ने धीरे-धीरे इस पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया।
झारखंड में भी 2012 में गुटखा बैन किया गया था, लेकिन कई जगह चोरी-छिपे इसकी बिक्री जारी रही। अब सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए गुटखा, तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है।
इन जगहों पर नजर रखेगा प्रशासन
सरायकेला-खरसावां जिले में गुटखा और तंबाकू की बिक्री और सेवन पर खास नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ये गतिविधियां पूरी तरह बैन
सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा, तंबाकू या सिगरेट का सेवनविद्यालयों से 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री
18 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा तंबाकू पदार्थ बेचना या खरीदना
खुले में पान मसाला, खैनी, गुटखा या सिगरेट बेचना
किसी भी दुकान के पास खुले में धूम्रपान करना
गुप्त रूप से हो रही बिक्री की करें शिकायत!
अगर आपको कहीं चोरी-छिपे तंबाकू उत्पाद बेचे जाते दिखें, तो तुरंत इसकी शिकायत करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
शिकायत कहां करें?
सिविल सर्जन कार्यालय, सरायकेला-खरसावां
स्थानीय पुलिस थाने या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
कई स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर सरकार सच में इस प्रतिबंध को लागू करना चाहती है, तो सबसे पहले बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि गुटखा और सिगरेट की बिक्री पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए, ताकि युवाओं को इस लत से बचाया जा सके।
अब आगे क्या?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी इन नियमों को तोड़ता पाया गया, तो भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कड़े निरीक्षण अभियान चलाएंगे।
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