Dhanbad Collapse : झरिया का मुख्य पोस्ट ऑफिस भरभराकर गिरा, सुबह हादसा होने से टला बड़ा हादसा, महत्वपूर्ण दस्तावेज दबे, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
धनबाद के झरिया फतेहपुर रोड स्थित एकमात्र मुख्य पोस्ट ऑफिस का एक कमरा शुक्रवार सुबह भरभराकर गिर गया। जर्जर भवन में काम जारी था, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अग्नि प्रभावित क्षेत्र में यह हादसा बड़ी जनहानि का कारण बन सकता था।
झारखंड के धनबाद जिले के झरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर रोड स्थित मुख्य पोस्ट ऑफिस शुक्रवार की सुबह एक बड़ी दुर्घटना का केंद्र बनते-बनते बच गया। सैकड़ों लोगों के आवागमन वाले इस महत्वपूर्ण भवन का एक कमरा अचानक भरभराकर गिर गया। इमारत के गिरने की आवाज से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, लेकिन गनीमत रही कि हादसा अहले सुबह हुआ, जिससे कोई भी कर्मी या आम नागरिक हताहत नहीं हुआ।
झरिया का इतिहास भू-धंसान (Land Subsidence) और अग्नि प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वैसे भी खतरनाक रहा है। बारिश और कोयला खनन के कारण यहां कई सरकारी और निजी इमारतें लगातार धंसने के कगार पर हैं। ऐसे में, डाक विभाग जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान के भवन की दशकों पुरानी जर्जर हालत को नजरअंदाज करना, विभाग और स्थानीय प्रशासन की भयानक लापरवाही को दर्शाता है।
दिन में होता तो हो सकती थी बड़ी जनहानि
कमरा गिरने की सूचना मिलते ही डाक विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे सामान और नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया।
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जर्जर इमारत में काम: स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पोस्ट ऑफिस भवन काफी लंबे समय से खस्ताहाल था। इसके बावजूद भी इसमें लगातार डाक कर्मियों द्वारा काम किया जा रहा था। हादसे के ठीक दो दिन पहले ही उसी कमरे में बिजली मरम्मत का कार्य भी चल रहा था।
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दबे महत्वपूर्ण सामान: कमरे के अंदर रखे डाक विभाग के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान मलबे में दब गए हैं। इनमें से कई दस्तावेज लोगों की बचत और डाक संबंधी रिकॉर्ड से जुड़े हो सकते हैं।
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स्थानीय आक्रोश: स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार डाक विभाग और जनप्रतिनिधियों से भवन की मरम्मत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने भी उनकी चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। यदि यह हादसा दिन के समय हुआ होता, जब सैकड़ों लोग यहां आवाजाही करते हैं, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
झरिया की बड़ी आबादी के लिए यह पोस्ट ऑफिस एकमात्र मुख्य केंद्र है। धनबाद अनुमंडल के डाक निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और भवन की मरम्मती को लेकर जल्द ही आलाधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
आपकी राय में, अग्नि प्रभावित और भू-धंसान वाले क्षेत्र में स्थित जर्जर सरकारी इमारतों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को कौन से दो तत्काल और अपरिहार्य कदम उठाने चाहिए?
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